तमिलनाडु विधानसभा में गूँजा विजय का नाम (तस्वीर क्रेडिट@Deepeshpatel87)

तमिलनाडु विधानसभा में गूँजा विजय का नाम,मुख्यमंत्री बनने के बाद विधायक के तौर पर ली शपथ

चेन्नई,11 मई (युआईटीवी)- तमिलनाडु की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत सोमवार को उस समय देखने को मिली जब राज्य के नए मुख्यमंत्री और तमिलगा वेत्री कड़गम के प्रमुख सी.जोसेफ विजय ने विधानसभा सदस्य के तौर पर शपथ ली। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के एक दिन बाद विजय पहली बार तमिलनाडु विधानसभा पहुँचे,जहाँ हाल ही में चुने गए विधायकों के लिए आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में उन्होंने पेरम्बूर विधानसभा क्षेत्र के विधायक के रूप में शपथ ग्रहण की।

तमिलनाडु विधानसभा का यह पहला सत्र काफी ऐतिहासिक और उत्साहपूर्ण माना जा रहा है,क्योंकि लंबे समय से राज्य की राजनीति में सक्रिय पारंपरिक दलों के बीच इस बार एक नए राजनीतिक दल ने सत्ता हासिल की है। विधानसभा परिसर में सुबह से ही हलचल का माहौल था और जैसे ही विजय सदन में पहुँचे,वहाँ मौजूद सदस्यों और समर्थकों के बीच उत्साह साफ दिखाई दिया।

शपथ ग्रहण समारोह विधानसभा हॉल में आयोजित किया गया,जिसकी देखरेख प्रोटेम स्पीकर करुपैया ने की। उन्होंने सभी नए चुने गए विधायकों को क्रमवार शपथ दिलाई। इस प्रक्रिया के साथ ही हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के बाद नई विधानसभा की औपचारिक शुरुआत हो गई।

मुख्यमंत्री विजय ने पेरम्बूर सीट से विधायक के रूप में शपथ ली। उन्होंने हालिया विधानसभा चुनाव में दो सीटों पेरम्बूर और त्रिची ईस्ट से चुनाव लड़ा था और दोनों क्षेत्रों में जीत हासिल की थी। हालाँकि,बाद में उन्होंने पेरम्बूर सीट को अपने पास रखने का फैसला किया और त्रिची ईस्ट सीट से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे के बाद अब त्रिची ईस्ट विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव होना तय माना जा रहा है।

विजय के शपथ लेते ही सदन में मौजूद टीवीके विधायकों और समर्थकों के बीच खासा उत्साह देखने को मिला। उनके बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता एन. आनंद ने टी नगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक के तौर पर शपथ ली। वहीं आधव अर्जुन ने विल्लीवाक्कम क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए विधायक पद की शपथ ग्रहण की।

नई विधानसभा में पहली बार पहुँचे कई युवा और नए चेहरे भी चर्चा का केंद्र बने रहे। तमिलगा वेत्री कड़गम ने इस चुनाव में अप्रत्याशित प्रदर्शन करते हुए तमिलनाडु की राजनीति को नई दिशा दी है। पार्टी ने 234 सदस्यीय विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सभी राजनीतिक विश्लेषकों को चौंका दिया। बाद में गठबंधन सहयोगियों के समर्थन से विजय ने सरकार बनाने का दावा पेश किया और मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव है। लंबे समय तक द्रविड़ राजनीति के दो प्रमुख धड़ों के इर्द-गिर्द घूमने वाली राज्य की सत्ता में अब एक नई राजनीतिक ताकत ने जगह बनाई है। अभिनेता से राजनेता बने विजय ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान युवाओं,रोजगार,शिक्षा और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था,जिसका असर चुनाव परिणामों में भी दिखाई दिया।

शपथ ग्रहण समारोह के दौरान प्रोटेम स्पीकर करुपैया ने नए विधायकों को संबोधित करते हुए कहा कि जनता ने सभी सदस्यों को बड़ी उम्मीदों के साथ चुनकर सदन में भेजा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी केवल राजनीतिक जीत तक सीमित नहीं होती,बल्कि जनता के विश्वास को बनाए रखना और उनके लिए ईमानदारी से काम करना सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है।

करुपैया ने कहा कि नई सरकार को राज्य के महान नेताओं और समाज सुधारकों के आदर्शों पर चलते हुए शासन करना चाहिए। उन्होंने पेरियार,कामराज,वेलू नाचियार और अंजलाई अम्माल जैसे नेताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन महान हस्तियों ने सामाजिक न्याय,समानता और जनसेवा की जो परंपरा स्थापित की,उसी भावना के साथ नई सरकार को आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि तमिलनाडु हमेशा से सामाजिक न्याय और तर्कवादी विचारधारा का केंद्र रहा है और नई सरकार को भी इन मूल्यों को बनाए रखते हुए काम करना चाहिए। करुपैया ने सभी विधायकों से आग्रह किया कि वे राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर राज्य और जनता के हित को प्राथमिकता दें।

विधानसभा परिसर के बाहर भी विजय समर्थकों की भारी भीड़ देखी गई। समर्थक अपने नेता की एक झलक पाने के लिए सुबह से ही जमा हो गए थे। कई समर्थकों ने इसे तमिलनाडु की राजनीति में ऐतिहासिक क्षण बताया। विजय के मुख्यमंत्री बनने और फिर विधायक के रूप में शपथ लेने को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अब सबसे बड़ी चुनौती विजय सरकार के सामने अपने चुनावी वादों को पूरा करने की होगी। जनता ने बदलाव की उम्मीद के साथ उन्हें सत्ता सौंपी है और आने वाले समय में सरकार के फैसलों पर पूरे देश की नजर रहेगी। खासकर युवाओं,रोजगार,उद्योग,शिक्षा और सामाजिक कल्याण से जुड़े मुद्दों पर सरकार के कदमों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विधानसभा के पहले सत्र में शपथ ग्रहण की प्रक्रिया शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई। आने वाले दिनों में सदन में नई सरकार की प्राथमिकताओं,नीतियों और योजनाओं को लेकर चर्चा शुरू होगी। मुख्यमंत्री विजय की अगुवाई वाली सरकार अब प्रशासनिक स्तर पर अपनी कार्यशैली और निर्णयों के जरिए जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की कोशिश करेगी।

तमिलनाडु की राजनीति में यह बदलाव केवल सत्ता परिवर्तन नहीं माना जा रहा,बल्कि इसे राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में एक नई शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। अभिनेता से मुख्यमंत्री बने विजय अब पूरी तरह राजनीतिक भूमिका में नजर आ रहे हैं और उनकी पहली विधानसभा उपस्थिति ने इस नए राजनीतिक अध्याय को औपचारिक रूप से शुरू कर दिया है।