7 सितंबर (युआईटीवी)- हल्दीराम में 51 फीसदी शेयर खरीदने की बातचीत और उसके अधिग्रहण की बात का टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (टीसीपीएल) ने ख़ारिज कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बताया जा रहा है कि हल्दीराम की 51 फीसदी शेयर खरीदकर उसके अधिग्रहण की बात-चीत टाटा समूह की एफएमसीजी (तेज़ी से बिकने वाली उपभोक्ता वस्तुएँ) इकाई कर रही है। लेकिन इसके साथ ही खबर यह है कि अधिक मूल्यांकन मूल्य होने के वजह से अभी कोई बात नहीं बन पाई है।
मीडिया में खबर है कि टाटा समूह हल्दीराम की हिस्सेदारी खरीद सकती है। टाटा समूह की एफएमसीजी कंपनी टाटा प्रोडक्ट्स के साथ बातचीत कर रही है। मीडिया एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार टाटा हल्दीराम की 51 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के लिए बातचीत कर रही है। इस हिस्सेदारी के लिए हल्दीराम की ओर से 10 अरब डॉलर यानी की लगभग ₹ 83 हज़ार करोड़ की मूल्यांकन मूल्य माँगी गई है। हालाँकि मूल्यांकन मूल्य को लेकर दोनों कंपनी के बीच सहमति नहीं बन पाई है।
टाटा कंज्यूमर के मुताबिक हल्दीराम की ओर से इस सौदा के लिए जो मूल्यांकन मूल्य तय किया गया है वह बहुत ही ज्यादा है। जिस वजह से दोनों कंपनी के बीच सहमति नहीं बन पा रही है। दोनों कंपनी की ओर से मूल्यांकन मूल्य पर सहमति बनाने के लिए बातचीत जारी है। अगर यह सौदा हो जाता है और हल्दीराम का अधिग्रहण टाटा ग्रुप कर लेता है तो टाटा समूह की इस क्षेत्र में पकड़ मजबूत हो जाएगी।
टाटा समूह की कंपनी टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स का ब्रिटिश कंपनी टेटली पर मालिकाना हक़ है। भारत में टाटा समूह स्टारबक्स के साथ साझेदारी के साथ कारोबार कर रही है। वहीं हल्दीराम इस क्षेत्र की बड़ी कंपनियों में से एक है। इसका मार्केट शेयर काफी बड़ा है। यूरोमॉनिटर इंटरनेशनल की एक रिपोर्ट की माने तो भारत की नमकीन,स्नैक्स मार्केट में हल्दीराम का लगभग 13 प्रतिशत बाज़ार पर कब्ज़ा है तो वहीं पेप्सी के लोकप्रिय ब्रांड लेज़ की भी भारतीय बाजार में लगभग 13 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। अगर हल्दीराम पर टाटा का नियंत्रण होता है तो टाटा समूह के लिए बड़ा मौका होगा। भारत के अलावा हल्दीराम के स्नैक्स सिंगापुर,अमेरिका जैसे विदेशी बाज़ारों में भी बेचीं जाती है। इसके अलावा देशभर में हल्दीराम के लगभग 150 रेस्टोरेंट भी हैं जो अपने स्थानीय भोजन और मिठाइयों के लिए घरेलू ग्राहकों के बीच काफी लोकप्रिय है। ऐसे में अगर हल्दीराम का अधिग्रहण टाटा कर लेती है तो उपभोक्ता प्रोडक्ट्स की पहुँच में काफी विस्तार होगा।
हल्दीराम की हिस्सेदारी खरीदने के लिए टाटा अकेली नहीं है और भी कंपनियाँ इसकी हिस्सेदारी खरीदने के कतार में शामिल है। जहाँ 51 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के लिए टाटा बोली लगा रही है वहीं हल्दीराम अपने 10 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के लिए बैन कैपिटल प्राइवेट इक्विटी फर्म के साथ बातचीत कर रही है।
इस मामले में टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड के प्रवक्ता ने यह कहते हुए प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया कि बाजार के अनुमानों पर कंपनी कोई जवाब नहीं देती है। इसी प्रकार से हल्दीराम के सीईओ और बैन कैपिटल प्राइवेट इक्विटी फर्म ने भी कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।
इस खबर के बाद टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड के शेयर में तेजी आई है। कंपनी के शेयर कारोबार के दौरान 3 प्रतिशत से 4 प्रतिशत तक बढ़कर ₹870 के पार पहुँच गए हैं।
