अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (तस्वीर क्रेडिट@garrywalia_)

ट्रंप का नया दावा: ‘चंद्रमा हमारा है’, न्यू मैक्सिको का नाम बदलने का भी दिया सुझाव

वाशिंगटन,8 सितंबर (युआईटीवी)- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चर्चा में हैं। रविवार को ट्रंप ने चंद्रमा को लेकर एक ऐसा दावा किया, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर चंद्रमा की एक तस्वीर साझा की, जिस पर लिखा था, “चंद्रमा हमारा है।” तस्वीर के साथ उन्होंने अमेरिकी झंडे का प्रतीक भी लगाया। ट्रंप की इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएँ देखने को मिलीं।

चंद्रमा पर अमेरिका का दावा करने वाली पोस्ट से कुछ ही मिनट पहले ट्रंप ने अमेरिकी अंतरिक्ष बल की नई काली वर्दी की कथित एआई-जनरेटेड तस्वीरें भी साझा की थीं। इन तस्वीरों में दिखाई गई वर्दी को लेकर उन्होंने अलग-अलग रंगों का जिक्र किया। उन्होंने इन रंगों को स्पेस ग्रे, मिडनाइट ब्लैक, सिल्वर ग्रे और सैटिन ब्लैक बताया। वर्दी में कंधों और कॉलर पर विशेष प्रतीक चिन्ह नजर आए,जबकि आस्तीन पर पैच और कमर पर बेल्ट भी दिखाई गई।

अमेरिकी अंतरिक्ष बल की नई वर्दी को लेकर की गई यह पोस्ट भी चर्चा का विषय बनी रही। अंतरिक्ष और रक्षा से जुड़े मामलों में अमेरिका लगातार अपनी क्षमताओं को मजबूत करने पर जोर देता रहा है। ऐसे में ट्रंप द्वारा अंतरिक्ष बल से संबंधित नई डिजाइन साझा किए जाने और उसके तुरंत बाद चंद्रमा को लेकर किया गया दावा लोगों के बीच चर्चा का कारण बन गया।

इसी बीच ट्रंप ने अमेरिका के एक राज्य न्यू मैक्सिको का नाम बदलने का सुझाव देकर एक और नई बहस छेड़ दी। उन्होंने एक अलग पोस्ट में कहा कि कई लोगों ने न्यू मैक्सिको का नाम बदलकर “न्यू अमेरिका” रखने का सुझाव दिया है। ट्रंप ने लिखा कि उस संभावित रूप से अविश्वसनीय राज्य के लोगों के लिए यह नाम कहीं अधिक प्रतिष्ठित और सुंदर होगा। उन्होंने इस विचार को पसंद करते हुए कहा कि उन्हें यह नाम बेहद अच्छा लगा।

ट्रंप के इस सुझाव को व्हाइट हाउस की ओर से भी समर्थन मिलता दिखाई दिया। इस विचार से संबंधित एक पोस्ट में “मेक्सिको” शब्द को काटकर उसकी जगह “अमेरिका” लिखा हुआ दिखाया गया। इसके बाद न्यू मैक्सिको के नाम को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई।

हालाँकि,न्यू मैक्सिको की गवर्नर मिशेल लुजान ग्रिशम ने ट्रंप के सुझाव पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक साक्षात्कार के दौरान स्पष्ट कहा कि राज्य का नाम किसी विवाद का विषय नहीं है। उनका कहना था कि न्यू मैक्सिको का नाम संयुक्त राज्य अमेरिका के अस्तित्व में आने से भी पहले से मौजूद है और इसकी अपनी ऐतिहासिक पहचान है।

गवर्नर मिशेल लुजान ग्रिशम ने यह भी आरोप लगाया कि ट्रंप आम लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से ईंधन की बढ़ती कीमतों का उल्लेख करते हुए कहा कि आम अमेरिकी नागरिक महँगाई और रोजमर्रा की आर्थिक चुनौतियों जैसे मुद्दों से जूझ रहे हैं। उनके अनुसार,ऐसे समय में राज्य का नाम बदलने या अन्य विवादित सुझावों पर चर्चा करना जनता का ध्यान महत्वपूर्ण मुद्दों से भटका सकता है।

न्यू मैक्सिको को लेकर दिया गया सुझाव ट्रंप की ओर से हाल के दिनों में भौगोलिक नामों में बदलाव को लेकर सामने आए विचारों की श्रृंखला का हिस्सा माना जा रहा है। इससे पहले कनाडा के साथ व्यापार विवाद के बीच लेक ओंटारियो का नाम बदलकर “लेक अमेरिका” करने का मामला भी चर्चा में आया था। कुछ दिन पहले जारी एक आदेश के तहत इस नाम परिवर्तन से जुड़ा कदम उठाया गया था।

ट्रंप ने 27 अगस्त को ओवल ऑफिस से इस संबंध में घोषणा की थी। लेक ओंटारियो उत्तर अमेरिका के पाँच ग्रेट लेक्स में शामिल है और इसका भौगोलिक तथा ऐतिहासिक महत्व है। यह कनाडा और अमेरिका की सीमा से जुड़े क्षेत्र में स्थित है। झील का नाम कनाडा के ओंटारियो प्रांत से जुड़ा है,जबकि अमेरिका का न्यूयॉर्क राज्य भी इसके तटवर्ती क्षेत्रों में आता है। कनाडा का प्रमुख शहर टोरंटो भी इस झील के उत्तर-पश्चिमी तट पर स्थित है।

भौगोलिक स्थानों और राज्यों के नाम बदलने को लेकर ट्रंप के सुझावों ने एक बार फिर उनकी राजनीतिक शैली पर बहस छेड़ दी है। समर्थक जहाँ इसे अमेरिकी पहचान और राष्ट्रीय गौरव से जोड़कर देख सकते हैं,वहीं आलोचकों का कहना है कि ऐतिहासिक और भौगोलिक नामों में बदलाव केवल राजनीतिक घोषणाओं का विषय नहीं हो सकता। ऐसे मामलों में इतिहास, स्थानीय पहचान, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और संबंधित क्षेत्रों के लोगों की भावनाओं का भी महत्वपूर्ण स्थान होता है।

चंद्रमा को लेकर ट्रंप की “चंद्रमा हमारा है” वाली पोस्ट ने भी अंतरिक्ष से जुड़े अधिकारों और अमेरिका की भूमिका को लेकर चर्चाओं को जन्म दिया है। अमेरिका लंबे समय से अंतरिक्ष अनुसंधान और चंद्र अभियानों में अग्रणी देशों में शामिल रहा है। अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों ने चंद्रमा की सतह पर पहुंचकर इतिहास भी रचा है। हालाँकि,ट्रंप की सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर यह स्पष्ट नहीं किया गया कि उनका यह बयान किसी आधिकारिक नीति,भविष्य की अंतरिक्ष योजना या केवल राजनीतिक और प्रतीकात्मक संदेश के रूप में दिया गया था।

फिलहाल, ट्रंप की लगातार तीन अलग-अलग विषयों से जुड़ी पोस्ट—अंतरिक्ष बल की नई वर्दी, चंद्रमा पर अमेरिका का दावा और न्यू मैक्सिको का नाम बदलकर न्यू अमेरिका रखने का सुझाव—चर्चा का विषय बनी हुई हैं। इन बयानों ने एक बार फिर यह दिखाया है कि ट्रंप अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बहस खड़ी करने में सफल रहते हैं। अब देखना होगा कि न्यू मैक्सिको और लेक ओंटारियो के नामों को लेकर सामने आए इन सुझावों पर आगे राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।