लखनऊ,6 अक्टूबर (युआईटीवी) – उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चकबंदी संबंधी मामलों के निपटारे में लापरवाही,अनियमितता और लेटलतीफी पर सख्त नाराजगी जताई है। जिसके असर से कई जिलों के चकबंदी अधिकारी,लेखपालों इत्यादि के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई।
कौशांबी में तिहरे हत्याकांड मामले जो पट्टे की भूमि विवाद में लापरवाही बरतने के कारण हुआ था,पर कार्रवाई करते हुए चकबंदी अधिकारी समेत 6 लोगों को निलंबित कर दिया गया है और कई लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी भी किया गया है। कई लोगों को निलंबित तो किया ही गया है,साथ ही कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है और कई को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है।
एक दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ पिछले एक माह में चकबंदी आयुक्त के तरफ से कार्रवाई की जा चुकी है। कौशांबी में तिहरे हत्याकांड मामले के बारे में बताते हुए चकबंदी आयुक्त जीएस नवीन कुमार ने कहा कि इस हत्याकांड में पट्टे की भूमि विवाद में लापरवाही बरती गई,जिसके कारण चकबंदी अधिकारी मिथिलेश कुमार को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही कई और अधिकारियों को भी निलंबित कर दिया गया है। जिसमें सहायक चकबंदी अधिकारी अफजाल अहमद खां,तीन चकबंदी लेखपाल शिवेश सिंह,शीलवंत सिंह,रवि किरन सिंह और चकबंदीकर्ता राम आसरे शामिल हैं। ये वो अधिकारी हैं,जिन्हें निलंबित किया गया है। इसके आलावा देवराज सिंह जो एक चकबंदी अधिकारी ही हैं,उनकी सेवा को समाप्त कर दिया गया है। चकबंदी आयुक्त जीएस नवीन कुमार ने आगे कहा कि एटा के सहायक चकबंदी अधिकारी सतीश कुमार को पदावन्नत कर दिया गया है और मूल वेतन पर काम करने के लिए नियुक्त किया गया है।
शामली,हरदोई के सहायक चकबंदी अधिकारी अनंगपाल सिंह और गजराज को भी लापरवाही करने एवं नियमों का उल्लघंन करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उन पर विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। विभागीय कार्रवाई हरदोई के चकबंदी अधिकारी प्रेम प्रकाश भारती और बस्ती के चकबंदी अधिकारी शरदचन्द्र यादव के खिलाफ भी शुरू की गई है। मऊ के चकबन्दी लेखपाल तथा चकबन्दीकर्ता को भी निलम्बित करने के निर्देश दिए गए हैं।
विभिन्न मामलों में निलंबन और विभागीय कार्रवाई तो हो ही रही है,इसके साथ ही शासन को पत्र लिखा गया है,कि गोरखपुर के एक रिटायर बन्दोबस्त अधिकारी चकबंदी के खिलाफ कार्रवाई किया जा सके। सोमनाथ मिश्र जो जौनपुर के उप संचालक चकबंदी अधिकारी हैं,उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।शीतलेन्द्र सिंह जो पूर्व तत्कालीन बन्दोबस्त अधिकारी चकबंदी थे,उनके खिलाफ भी कार्रवाई करने की बात सामने आई है,जिसके लिए अनुमति माँगी गई है। बरेली के सहायक चकबन्दी अधिकारी सुनील कुमार तथा कौशाम्बी के सहायक चकबंदी अधिकारी अशोक कुमार लाल के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
