वेस्टइंडीज ने भारत को 24 रन से हराकर सीरीज में की बराबरी (तस्वीर क्रेडिट@iamrkRakesh)

वेस्टइंडीज ने भारत को 24 रन से हराकर सीरीज में की बराबरी, अब 17 अक्टूबर को होगा निर्णायक मुकाबला

नई दिल्ली,15 अक्टूबर (युआईटीवी)- भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली जा रही पांच मैचों की टी-20 अंतर्राष्ट्रीय सीरीज रोमांचक मोड़ पर पहुँच गई है। सीरीज के चौथे मुकाबले में वेस्टइंडीज ने भारतीय टीम को 24 रन से हराकर सीरीज में 2-2 की बराबरी हासिल कर ली। कैरेबियाई टीम की इस जीत के नायक कप्तान शाई होप रहे, जिन्होंने शानदार शतक लगाकर टीम को बड़े स्कोर तक पहुँचाया। इसके बाद वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा और मेहमान टीम को लक्ष्य तक पहुँचने से रोक दिया। अब दोनों टीमों के बीच सीरीज का फैसला पाँचवें और आखिरी मुकाबले में होगा, जो 17 अक्टूबर को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा।

चौथे मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में तीन विकेट के नुकसान पर 247 रन बनाए। जवाब में भारतीय टीम ने तेज शुरुआत और कुछ उपयोगी पारियों के दम पर लक्ष्य का पीछा करने की कोशिश की,लेकिन पूरी टीम 19.3 ओवर में 223 रन बनाकर आउट हो गई। संजू सैमसन का तूफानी अर्धशतक भी भारत को जीत दिलाने के लिए पर्याप्त साबित नहीं हुआ।

टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। भारतीय गेंदबाजों को विकेट हासिल करने और रन गति पर अंकुश लगाने के लिए लगातार संघर्ष करना पड़ा। कैरेबियाई बल्लेबाजों ने मैदान के चारों ओर शॉट लगाकर भारतीय टीम पर दबाव बनाए रखा और निर्धारित 20 ओवर में स्कोर को 247 रन तक पहुंचा दिया।

वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने इस मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद शतक लगाया। उन्होंने महज 50 गेंदों पर नाबाद 102 रन बनाए। उनकी पारी में आक्रामक बल्लेबाजी के साथ-साथ परिस्थितियों को समझकर रन बनाने की क्षमता भी नजर आई। होप ने भारतीय गेंदबाजों की लाइन और लेंथ का फायदा उठाया और खराब गेंदों को सीमा रेखा के पार पहुँचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

उनकी इस पारी ने वेस्टइंडीज को मजबूत स्थिति में पहुँचा दिया। कप्तान के शतक के कारण टीम अंतिम ओवरों में भी तेजी से रन बनाने में सफल रही। भारतीय गेंदबाज विकेट लेने के लिए अलग-अलग रणनीतियाँ अपनाते रहे,लेकिन वे वेस्टइंडीज की रन गति पर प्रभावी नियंत्रण नहीं कर सके।

247 रन का स्कोर किसी भी टी-20 मुकाबले में बड़ा लक्ष्य माना जाता है। भारतीय टीम के सामने जीत के लिए शुरुआत से ही तेज रन बनाने की चुनौती थी। साथ ही बल्लेबाजों को यह भी ध्यान रखना था कि विकेट लगातार गिरने से लक्ष्य हासिल करने की संभावना कमजोर हो सकती है।

248 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने जीत हासिल करने के लिए आक्रामक बल्लेबाजी की कोशिश की। संजू सैमसन ने शानदार अंदाज में रन बनाते हुए केवल 23 गेंदों पर 56 रन ठोक दिए। उनकी पारी ने भारतीय खेमे में उम्मीद जगाई कि टीम बड़े लक्ष्य को हासिल करने में सफल हो सकती है।

सैमसन ने तेजी से रन जुटाकर वेस्टइंडीज के गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की। हालाँकि,उनके आउट होने के बाद भारतीय टीम को लगातार बड़े साझेदारियों की जरूरत थी। लक्ष्य की चुनौती को देखते हुए किसी एक बल्लेबाज का तेजी से रन बनाना पर्याप्त नहीं था। टीम को अंतिम ओवरों तक रन गति बनाए रखने के साथ विकेट भी बचाने थे।

तिलक वर्मा ने 43 रन बनाकर पारी को संभालने की कोशिश की,जबकि नीतीश कुमार रेड्डी ने 41 रन का योगदान दिया। इन दोनों बल्लेबाजों ने भारतीय पारी को आगे बढ़ाया और लक्ष्य के करीब पहुँचने की कोशिश की। इसके बावजूद वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने महत्वपूर्ण मौकों पर विकेट हासिल किए,जिससे भारत की जीत की उम्मीदों को झटका लगा।

भारतीय टीम 19.3 ओवर में 223 रन बनाकर ऑलआउट हो गई और मुकाबला 24 रन से हार गई। बल्लेबाजों के प्रयास के बावजूद टीम लक्ष्य से दूर रह गई। इस हार के साथ ही सीरीज में भारत की बढ़त समाप्त हो गई और वेस्टइंडीज ने मुकाबले को 2-2 से बराबर कर दिया।

मैच के बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टीम के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए गेंदबाजी में हुई गलतियों को हार की प्रमुख वजहों में शामिल बताया। उन्होंने स्वीकार किया कि भारतीय गेंदबाज अपनी रणनीतियों को मैदान पर सही ढंग से लागू नहीं कर सके। लाइन और लेंथ में निरंतरता की कमी के कारण वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका मिला।

अय्यर के अनुसार,भारतीय टीम ने गेंदबाजी के दौरान जो योजनाएँ बनाई थीं,उन पर प्रभावी ढंग से अमल नहीं हो पाया। बड़े स्कोर वाले मुकाबले में शुरुआती ओवरों से ही विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बनाना जरूरी था,लेकिन भारतीय गेंदबाज ऐसा करने में सफल नहीं रहे। इसका परिणाम यह हुआ कि वेस्टइंडीज ने बड़ा स्कोर खड़ा कर दिया।

हालाँकि,भारतीय कप्तान ने लक्ष्य का पीछा करते समय बल्लेबाजों के जज्बे की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि 248 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करना आसान नहीं था,लेकिन बल्लेबाजों ने मुकाबले को अंत तक ले जाने की कोशिश की। संजू सैमसन,तिलक वर्मा और नीतीश कुमार रेड्डी की पारियों ने टीम को लक्ष्य के करीब पहुँचाने का प्रयास किया।

अय्यर ने वेस्टइंडीज की गेंदबाजी रणनीति की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि कैरेबियाई गेंदबाजों ने मैदान की परिस्थितियों को अच्छी तरह समझा और उसी के अनुसार गेंदबाजी की। मैच आगे बढ़ने के साथ पिच पर गेंद रुककर आने लगी थी और अतिरिक्त उछाल भी मिल रहा था। वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने विशेष रूप से मध्य ओवरों में इन परिस्थितियों का फायदा उठाया और भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा।

चौथे टी-20 मुकाबले में जीत के साथ वेस्टइंडीज ने सीरीज को बराबरी पर ला दिया है। अब पाँचवाँ मुकाबला दोनों टीमों के लिए निर्णायक होगा। भारत की कोशिश पिछले मैच की गलतियों को सुधारकर सीरीज अपने नाम करने की होगी,जबकि वेस्टइंडीज घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर जीत की लय बरकरार रखना चाहेगा।

भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी चुनौती गेंदबाजी में सुधार करना और बड़े स्कोर वाले मुकाबलों में विपक्षी बल्लेबाजों को नियंत्रित रखना होगी। वहीं,बल्लेबाजी में अच्छी शुरुआत को बड़ी साझेदारियों में बदलना भी जरूरी होगा। वेस्टइंडीज की टीम शाई होप की शानदार फॉर्म और अपने गेंदबाजों के प्रदर्शन से उत्साहित होगी।

सीरीज का पाँचवाँ और अंतिम मुकाबला 17 अक्टूबर को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा। दोनों टीमें जीत के इरादे से उतरेंगी और मुकाबले के नतीजे से तय होगा कि पाँच मैचों की इस टी-20 सीरीज पर किसका कब्जा होता है।