व्हाइट हाउस डिनर फायरिंग (तस्वीर क्रेडिट@pushprajyadav97)

व्हाइट हाउस डिनर फायरिंग: आरोपी के ‘मेनिफेस्टो’ पर इंटरव्यू के दौरान भड़के ट्रंप,तीखी नोकझोंक

वॉशिंगटन,28 अप्रैल (युआईटीवी)- अमेरिका में व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर के दौरान हुई फायरिंग की घटना के बाद अब जाँच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है,वैसे-वैसे नए खुलासे सामने आ रहे हैं। इस मामले में गिरफ्तार आरोपी की पहचान कैलिफोर्निया के टॉरेंस निवासी 31 वर्षीय शिक्षक के रूप में हुई है,जिसने हमले से ठीक पहले अपने परिवार को एक ईमेल भेजा था। जाँच अधिकारियों के अनुसार,यह ईमेल एक तरह का ‘मेनिफेस्टो’ था,जिसमें उसने अपने हमले के मकसद का जिक्र किया था।

अधिकारियों के मुताबिक,इस कथित मेनिफेस्टो में आरोपी ने लिखा था कि वह तत्कालीन प्रशासन से जुड़े लोगों को निशाना बनाना चाहता था। इस खुलासे के बाद इस घटना का राजनीतिक और सामाजिक पहलू और भी गंभीर हो गया है। जाँच एजेंसियाँ अब इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि आरोपी के विचारों और उसके कदम के पीछे कौन-कौन से कारक जिम्मेदार थे।

इसी बीच, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक टेलीविजन इंटरव्यू में अपनी प्रतिक्रिया दी। यह इंटरव्यू 60 मिनट्स के लिए लिया गया था,जिसमें एंकर नोरा ओ’डॉनेल ने आरोपी के मेनिफेस्टो से जुड़े कुछ अंश पढ़कर राष्ट्रपति से सवाल पूछा। इसी दौरान माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया।

एंकर ने मेनिफेस्टो का जिक्र करते हुए कहा कि उसमें लिखा गया है कि “सरकारी अधिकारी ही लक्ष्य हैं” और आरोपी ने खुद को ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने वाला बताया है,जिन्हें उसने गंभीर आरोपों से जोड़ा। इस सवाल के जवाब में राष्ट्रपति ट्रंप ने तीखी प्रतिक्रिया दी और इंटरव्यू के दौरान नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि उन्हें पहले से अंदाजा था कि यह मुद्दा उठाया जाएगा और उन्होंने मीडिया पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया।

ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि वे इन आरोपों से किसी भी तरह जुड़े नहीं हैं और उन्होंने खुद को पूरी तरह निर्दोष बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस तरह के आरोपों से जोड़ना गलत है और यह मीडिया की गैरजिम्मेदाराना भूमिका को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी एक “बीमार मानसिकता” वाला व्यक्ति है और उसके बयान को इस तरह सार्वजनिक मंच पर दोहराना उचित नहीं है।

इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने मीडिया की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों को प्रस्तुत करने में जिम्मेदारी बरतनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस तरह के आरोपों से जोड़ना अनुचित है और इससे उनकी छवि को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की जा रही है। इस दौरान उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वे इस तरह की चर्चा से असहज हैं और उन्होंने इंटरव्यू को समाप्त करने की बात भी कही।

दूसरी ओर,एंकर नोरा ओ’डॉनेल ने स्पष्ट किया कि वे केवल आरोपी के शब्दों को उद्धृत कर रही हैं और उनका उद्देश्य तथ्यों को सामने रखना है। उन्होंने कहा कि यह उनके अपने विचार नहीं हैं,बल्कि जाँच में सामने आए दस्तावेजों के आधार पर सवाल पूछे जा रहे हैं। इसके बावजूद,बातचीत के दौरान दोनों के बीच तीखी बहस देखने को मिली।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर मीडिया और राजनीतिक नेतृत्व के बीच संबंधों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहाँ एक ओर मीडिया अपनी जिम्मेदारी के तहत तथ्यों को सामने लाने की बात कर रहा है,वहीं दूसरी ओर राजनीतिक नेतृत्व इस तरह की रिपोर्टिंग को अपने खिलाफ मानता है।

फायरिंग की इस घटना ने पहले ही अमेरिका में सुरक्षा और लोकतांत्रिक संस्थाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी थी और अब आरोपी के मेनिफेस्टो के सामने आने के बाद यह मामला और संवेदनशील हो गया है। जाँच एजेंसियाँ इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी के विचारों पर किन तत्वों का प्रभाव था और क्या वह किसी संगठित नेटवर्क से जुड़ा हुआ था या उसने यह कदम अकेले उठाया।

फिलहाल,इस मामले की जाँच जारी है और आने वाले समय में और भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की उम्मीद है,लेकिन यह साफ है कि इस घटना ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था,बल्कि राजनीतिक और मीडिया संवाद की दिशा पर भी गहरा प्रभाव डाला है।