नई दिल्ली,15 जून (युआईटीवी)- सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से चर्चा का विषय बने ‘370 रुपये की बिरयानी’ विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में लगातार आलोचनाओं और विरोध का सामना कर रहे स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे ने सार्वजनिक रूप से माफी माँगते हुए स्वीकार किया है कि उनसे बड़ी गलती हुई। उन्होंने कहा कि जिस समय आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की जा रही थीं,उस समय उन्हें हस्तक्षेप करना चाहिए था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। यही उनकी सबसे बड़ी चूक थी।
प्रणित मोरे ने शनिवार को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी कर पूरे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह काफी समय से इस मुद्दे पर बात करना चाहते थे,लेकिन उनका इंस्टाग्राम अकाउंट निलंबित कर दिया गया था,जिसके कारण वह अपनी बात लोगों तक नहीं पहुँचा पा रहे थे। वीडियो में उन्होंने स्वीकार किया कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए क्राउड-वर्क वीडियो के बाद उन्हें भारी आलोचना और नफरत का सामना करना पड़ रहा है और वह इस प्रतिक्रिया को समझते हैं।
कॉमेडियन ने कहा कि उन्होंने वायरल वीडियो देखा है और वह जानते हैं कि लोगों की नाराजगी क्यों बढ़ी। उनके अनुसार,कार्यक्रम के दौरान एक व्यक्ति ने कई ऐसी बातें कही थीं जो अपमानजनक और असंवेदनशील थीं। उस समय मंच पर मौजूद अधिकांश लोग हँस रहे थे और माहौल ऐसा बन गया था कि वह भी उस प्रवाह में बह गए। उन्होंने स्वीकार किया कि एक कलाकार और एक जिम्मेदार व्यक्ति के तौर पर उन्हें वहीं रुककर उन टिप्पणियों का विरोध करना चाहिए था।
प्रणित मोरे ने कहा कि आज जब वह उस पूरे घटनाक्रम को पीछे मुड़कर देखते हैं,तो महसूस करते हैं कि उनकी चुप्पी ने स्थिति को और खराब किया। उन्होंने माना कि उन्होंने उन टिप्पणियों को मंच दिया और अप्रत्यक्ष रूप से उन्हें बढ़ावा मिलने दिया। यही कारण है कि वह खुद को इस पूरे विवाद का जिम्मेदार मानते हैं। उन्होंने कहा कि यदि उन्होंने समय रहते हस्तक्षेप किया होता,तो शायद मामला इतना आगे नहीं बढ़ता।
माफी माँगते हुए उन्होंने उन सभी लोगों से क्षमा याचना की जो इस घटना से आहत हुए हैं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य कभी भी किसी को ठेस पहुँचाना नहीं था,लेकिन परिणाम यही निकला और इसके लिए वह खेद व्यक्त करते हैं। उन्होंने लोगों से एक और मौका देने की अपील करते हुए कहा कि यह घटना उनके लिए एक सीख है और वह भविष्य में अपने व्यवहार तथा अपने कंटेंट दोनों में अधिक जिम्मेदारी दिखाएंगे।
वीडियो में उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले से संबंधित जो भी कानूनी प्रक्रिया चल रही है,उसमें वह पूरी तरह सहयोग कर रहे हैं। उनके अनुसार,वह सभी जाँच एजेंसियों और संबंधित अधिकारियों के साथ पारदर्शिता बनाए हुए हैं और जो भी जानकारी माँगी जा रही है,उसे उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि पूरा मामला निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़े और जो भी आवश्यक प्रक्रिया हो,वह पूरी की जाए।
यह विवाद गुरुग्राम में आयोजित एक स्टैंड-अप कॉमेडी शो के दौरान सामने आया था। शो के दौरान वेब डेवलपर हिमांशु जांगड़ा ने दर्शकों के बीच बातचीत वाले एक सेशन में अपनी एक कथित ‘डेट’ का किस्सा साझा किया था। उन्होंने बताया था कि उन्होंने एक महिला के साथ मुलाकात के दौरान चिकन बिरयानी की एक प्लेट पर 370 रुपये खर्च किए थे। इसके बाद उन्होंने जो बातें कहीं,उन्हें लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
बताए गए घटनाक्रम के अनुसार,जब महिला ने बाद में उनसे घर छोड़ने के लिए कहा,तो उन्होंने खर्च किए गए पैसों के बदले यौन संबंध बनाने की माँग की। इस कथित टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों ने कड़ी आपत्ति जताई। आलोचकों का कहना था कि ऐसी बातें महिलाओं की सहमति और सम्मान जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को हल्के में लेने वाली हैं और समाज में गलत संदेश देती हैं।
विवाद और अधिक तब बढ़ गया,जब कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में प्रणित मोरे को उस टिप्पणी पर हँसते हुए देखा गया। कई लोगों ने आरोप लगाया कि एक लोकप्रिय कॉमेडियन होने के नाते उन्हें उस वक्त टिप्पणी का विरोध करना चाहिए था या कम से कम यह स्पष्ट करना चाहिए था कि इस तरह की सोच स्वीकार्य नहीं है,लेकिन ऐसा न होने के कारण उनकी भी आलोचना शुरू हो गई।
मामले ने राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया और राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी इस पर संज्ञान लिया। आयोग ने गुरुवार को प्रणित मोरे और हिमांशु जांगड़ा दोनों को तलब किया। आयोग का कहना था कि शो के दौरान की गई टिप्पणियाँ महिलाओं के प्रति असंवेदनशील रवैये को दर्शाती हैं और ऐसा प्रतीत होता है कि यौन जबरदस्ती तथा बिना सहमति के व्यवहार को सामान्य या उचित ठहराने की कोशिश की गई।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस मामले को गंभीर मानते हुए दोनों पक्षों से जवाब माँगा है। आयोग का मानना है कि सार्वजनिक मंचों पर दिए जाने वाले ऐसे बयान समाज में गलत संदेश पहुँचा सकते हैं और महिलाओं की गरिमा को प्रभावित कर सकते हैं। यही कारण है कि मामले की जाँच और सुनवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस विवाद का असर केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा। बढ़ते विरोध और आलोचना के बीच गुरुग्राम स्थित एक निजी कंपनी ने हिमांशु जांगड़ा के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें नौकरी से हटा दिया। कंपनी का कहना था कि वह अपने कार्यस्थल पर सम्मानजनक और सुरक्षित माहौल बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है तथा ऐसे व्यवहार को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
फिलहाल पूरे मामले पर लोगों की नजर बनी हुई है। एक ओर प्रणित मोरे ने सार्वजनिक रूप से अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी माँग ली है,वहीं दूसरी ओर यह बहस भी तेज हो गई है कि सार्वजनिक मंचों पर हास्य और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमाएँ क्या होनी चाहिए। कई लोग मानते हैं कि कॉमेडी के नाम पर किसी भी संवेदनशील मुद्दे को इस तरह प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए,जिससे किसी वर्ग की गरिमा या अधिकारों पर सवाल खड़े हों।
प्रणित मोरे की माफी के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता और संबंधित संस्थाएँ उनकी सफाई को किस तरह से लेती हैं। हालाँकि,उन्होंने अपनी गलती स्वीकार कर सुधार का वादा किया है,लेकिन यह विवाद एक बार फिर इस बात की याद दिलाता है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों की जिम्मेदारी केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं होती,बल्कि उनके शब्दों और प्रतिक्रियाओं का समाज पर व्यापक प्रभाव भी पड़ता है।
