एजबेस्टन,15 जून (युआईटीवी)- भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने टी20 विश्व कप 2026 में अपने अभियान की शुरुआत शानदार अंदाज में करते हुए चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 64 रन से हराकर टूर्नामेंट में दमदार जीत दर्ज की। बल्लेबाजी,गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण तीनों विभागों में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम ने यह संदेश दे दिया कि वह इस बार खिताब की प्रबल दावेदारों में शामिल है। सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना की बेहतरीन अर्धशतकीय पारी,कप्तान हरमनप्रीत कौर की जिम्मेदार बल्लेबाजी,ऋचा घोष की विस्फोटक फिनिशिंग और दीप्ति शर्मा तथा श्री चरणी की घातक गेंदबाजी ने भारत की इस यादगार जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुकाबले में भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। हालाँकि,शुरुआत बेहद आक्रामक रही,लेकिन शुरुआती झटकों ने कुछ समय के लिए भारतीय खेमे की चिंता बढ़ा दी थी। पारी की पहली ही गेंद पर शेफाली वर्मा ने शानदार छक्का लगाकर अपने इरादे साफ कर दिए। ऐसा लगा कि भारतीय टीम तेज शुरुआत की ओर बढ़ रही है,लेकिन पाकिस्तान ने जल्द ही वापसी की। शेफाली उसी ओवर की पाँचवीं गेंद पर 6 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं।
इसके बाद बल्लेबाजी करने आईं जेमिमा रोड्रिग्स भी ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं टिक सकीं और केवल 1 रन बनाकर आउट हो गईं। दो विकेट जल्दी गिरने के बाद भारतीय टीम दबाव में दिखाई दे रही थी,लेकिन ऐसे समय में अनुभवी बल्लेबाज स्मृति मंधाना और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने जिम्मेदारी सँभाली। दोनों खिलाड़ियों ने धैर्य और समझदारी के साथ बल्लेबाजी करते हुए टीम को संकट से बाहर निकाला।
स्मृति मंधाना ने अपने स्वाभाविक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान के गेंदबाजों पर दबाव बनाया। उन्होंने मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाए और रन गति को बनाए रखा। दूसरी ओर हरमनप्रीत कौर ने संयमित बल्लेबाजी करते हुए उनका शानदार साथ निभाया। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 91 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई,जिसने भारतीय पारी को मजबूत आधार प्रदान किया।
जब टीम का स्कोर 109 रन पहुँचा तब स्मृति मंधाना का विकेट गिरा। हालाँकि,तब तक वह अपना काम बखूबी कर चुकी थीं। उन्होंने 44 गेंदों का सामना करते हुए 68 रन की शानदार पारी खेली। उनकी पारी में कई बेहतरीन चौके और दर्शनीय शॉट शामिल रहे। यह पारी भारत की मजबूत बल्लेबाजी का आधार बनी।
कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने 35 गेंदों पर 36 रन बनाए और टीम को बड़े स्कोर की दिशा में आगे बढ़ाया। हालाँकि,वह बड़ी पारी नहीं खेल सकीं,लेकिन उनकी बल्लेबाजी ने मध्यक्रम को स्थिरता प्रदान की।
पारी के अंतिम ओवरों में विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से मैच का रुख पूरी तरह भारत के पक्ष में मोड़ दिया। ऋचा ने केवल 17 गेंदों में 34 रन की तेजतर्रार पारी खेली। इस दौरान उन्होंने एक शानदार छक्का और पाँच चौके लगाए। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी की बदौलत भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 170 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया।
पाकिस्तान की ओर से गेंदबाजी में सादिया इकबाल और फातिमा सना ने दो-दो विकेट हासिल किए,जबकि तस्मिया रुबाब और रमीन शमीम को एक-एक सफलता मिली। हालाँकि,भारतीय बल्लेबाजों ने अधिकांश समय पाकिस्तान के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा और उन्हें मैच में हावी होने का मौका नहीं दिया।
171 रन के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। भारतीय गेंदबाजों ने सटीक लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी करते हुए पाकिस्तानी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का अवसर नहीं दिया। नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे और पाकिस्तान की टीम कभी भी लक्ष्य के करीब पहुँचती हुई दिखाई नहीं दी।
पाकिस्तान की ओर से केवल मुनीबा अली ही भारतीय गेंदबाजों का कुछ हद तक सामना कर सकीं। उन्होंने 35 गेंदों पर 41 रन की संघर्षपूर्ण पारी खेली और अपनी टीम को मुकाबले में बनाए रखने की कोशिश की,लेकिन दूसरे छोर से उन्हें किसी बल्लेबाज का सहयोग नहीं मिला। भारतीय गेंदबाजों के सामने पाकिस्तान का बल्लेबाजी क्रम पूरी तरह बिखर गया।
भारत की जीत की सबसे बड़ी नायिका दीप्ति शर्मा रहीं। उन्होंने अपने चार ओवर के स्पेल में केवल 10 रन देकर पाँच महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए। उनकी सटीक गेंदबाजी ने पाकिस्तान की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। दीप्ति ने जिस तरह से लगातार विकेट निकालकर विपक्षी टीम को दबाव में रखा,वह इस मैच का निर्णायक क्षण साबित हुआ।
दीप्ति के अलावा युवा गेंदबाज श्री चरणी ने भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने चार ओवर में 21 रन देकर तीन विकेट झटके और पाकिस्तान के मध्यक्रम को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। दोनों गेंदबाजों की घातक गेंदबाजी के सामने पाकिस्तानी बल्लेबाज टिक नहीं सके। शेफाली वर्मा ने भी गेंद से योगदान देते हुए एक विकेट अपने नाम किया।
भारतीय गेंदबाजों के संयुक्त प्रयास का नतीजा यह रहा कि पाकिस्तान की पूरी टीम केवल 17 ओवर में 106 रन पर सिमट गई। इस तरह भारत ने 64 रन के बड़े अंतर से मुकाबला जीतकर टी20 विश्व कप में अपने अभियान की शानदार शुरुआत की।
इस जीत ने भारतीय टीम का आत्मविश्वास बढ़ा दिया है। जिस तरह बल्लेबाजों ने दबाव की स्थिति से निकलकर बड़ा स्कोर बनाया और गेंदबाजों ने उसे सफलतापूर्वक बचाया,उसने टीम की संतुलित ताकत को प्रदर्शित किया है। टूर्नामेंट के पहले ही मैच में पाकिस्तान जैसी मजबूत प्रतिद्वंद्वी टीम के खिलाफ इतनी बड़ी जीत हासिल करना भारत के लिए बेहद सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
अब भारतीय टीम की नजरें अगले मुकाबलों पर होंगी,जहाँ वह इस जीत की लय को बरकरार रखते हुए विश्व कप खिताब की ओर अपने कदम आगे बढ़ाना चाहेगी। इस प्रदर्शन ने साफ कर दिया है कि भारतीय महिला टीम इस बार केवल भाग लेने नहीं,बल्कि विश्व चैंपियन बनने के इरादे से मैदान में उतरी है।
