मॉस्को,16 अक्टूबर (युआईटीवी)- रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र कामचटका प्रायद्वीप में शुक्रवार तड़के भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 6.9 दर्ज की गई। भूकंप के कारण स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई और कई लोग एहतियात के तौर पर अपने घरों तथा अपार्टमेंट से बाहर निकल आए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक,भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। वहीं,भूकंप के बाद सुनामी का अलर्ट भी जारी नहीं किया गया। अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
रूस की विज्ञान अकादमी की भूभौतिकी सेवा की कामचटका शाखा के अनुसार, क्षेत्र में आए इस भूकंप की तीव्रता 6.9 मापी गई। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के आँकड़ों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक,भूकंप शुक्रवार को स्थानीय समयानुसार सुबह 3 बजकर 35 मिनट पर आया। इसका केंद्र रूस के ओजर्नोव्स्की क्षेत्र से लगभग 76 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित था। भूकंप का केंद्र धरती की सतह से करीब 143.2 किलोमीटर की गहराई में दर्ज किया गया।
प्रारंभिक आकलन के अनुसार,भूकंप का केंद्र 52.01 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 157.25 डिग्री पूर्वी देशांतर पर था। हालाँकि,भूकंप के बाद किसी भी संभावित नुकसान का सटीक आकलन करने के लिए संबंधित अधिकारियों की निगरानी और स्थानीय स्तर पर स्थिति की जानकारी महत्वपूर्ण बनी हुई है।
भूकंप के झटके महसूस होने के बाद कामचटका क्षेत्र के प्रशासनिक केंद्र में रहने वाले कई लोगों ने एहतियात बरतते हुए अपने घर खाली कर दिए। स्थानीय लोगों के अनुसार, झटके इतने स्पष्ट थे कि रिहायशी इमारतों के भीतर लगे झूमर और लाइटें जोर-जोर से हिलने लगीं। इससे लोगों को भूकंप की तीव्रता का अंदाजा हुआ और वे सुरक्षा के लिए खुले स्थानों की ओर निकल गए।
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धरती में कंपन महसूस होने के कारण लोग कुछ समय के लिए घबरा गए थे। खासकर बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले लोगों ने झटकों को स्पष्ट रूप से महसूस किया। हालाँकि,शुरुआती जानकारी में किसी बड़ी इमारत के क्षतिग्रस्त होने या व्यापक तबाही की पुष्टि नहीं हुई है।
भूकंप के बाद स्थानीय निवासियों के बीच स्थिति को लेकर चिंता बनी रही। ऐसे समय में प्रशासन की ओर से जारी सूचनाएँ महत्वपूर्ण होती हैं,क्योंकि भूकंप के बाद संभावित झटकों और अन्य जोखिमों को लेकर लोगों को सतर्क रहने की जरूरत होती है।
भूकंप के बाद संभावित सुनामी को लेकर भी निगरानी की गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार,घटना के तुरंत बाद सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई। अमेरिकी राष्ट्रीय सुनामी चेतावनी केंद्र ने भी संकेत दिया कि इस भूकंप से सुनामी का खतरा नहीं है।
सुनामी आमतौर पर समुद्र के नीचे आने वाले शक्तिशाली भूकंपों के कारण पैदा हो सकती है। हालाँकि,हर बड़े भूकंप के बाद सुनामी आना जरूरी नहीं होता। इसका खतरा भूकंप के स्थान,उसकी गहराई, समुद्र तल में हुए बदलाव और अन्य भूवैज्ञानिक परिस्थितियों पर निर्भर करता है। कामचटका में आए इस भूकंप के बाद तत्काल सुनामी चेतावनी जारी नहीं होने से तटीय क्षेत्रों के लिए राहत की स्थिति रही।
इसके बावजूद,भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन और निगरानी एजेंसियों का सतर्क रहना जरूरी होता है। शुरुआती रिपोर्टों में नुकसान की पुष्टि नहीं होने का अर्थ यह नहीं है कि विस्तृत आकलन की आवश्यकता समाप्त हो गई है।
कामचटका प्रायद्वीप भौगोलिक रूप से ऐसे क्षेत्र में स्थित है,जहाँ भूकंप और ज्वालामुखीय गतिविधियाँ सामान्य रूप से देखी जाती हैं। यह प्रशांत महासागर के चारों ओर फैले प्रशांत अग्नि वलय का हिस्सा है। इस क्षेत्र में कई टेक्टोनिक प्लेटें एक-दूसरे के संपर्क में आती हैं,जिससे धरती के भीतर तनाव पैदा होता है। जब यह तनाव अचानक मुक्त होता है, तो भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं।
प्रशांत अग्नि वलय को दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में गिना जाता है। इसके आसपास के देशों और द्वीपीय क्षेत्रों में समय-समय पर शक्तिशाली भूकंप आते रहते हैं। यहां ज्वालामुखियों की सक्रियता भी भूवैज्ञानिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
कामचटका में आए 6.9 तीव्रता के भूकंप ने एक बार फिर इस क्षेत्र की भूकंपीय संवेदनशीलता को सामने ला दिया है। फिलहाल,उपलब्ध शुरुआती जानकारी के अनुसार, किसी बड़े नुकसान या हताहत की पुष्टि नहीं हुई है और सुनामी का खतरा भी नहीं बताया गया है। अब आगे की स्थिति पर नजर रखी जा रही है,ताकि यदि किसी तरह की क्षति या अन्य प्रभाव सामने आएँ तो उसके बारे में जानकारी दी जा सके।
