वाशिंगटन,16 अक्टूबर (युआईटीवी)- अमेरिका के ओरेगन राज्य से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। यहाँ बेंड शहर के एक प्राथमिक विद्यालय में गुरुवार दोपहर हुई गोलीबारी में तीन स्कूली बच्चों और एक शिक्षक की मौत हो गई। इस हिंसक वारदात में दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें सात साल का एक बच्चा और एक शिक्षक शामिल हैं। दोनों घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है,जहाँ उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने स्कूल परिसर को खाली कराकर जाँच शुरू कर दी है।
स्थानीय पुलिस और अमेरिकी समाचार माध्यमों से मिली जानकारी के अनुसार, गोलीबारी की इस घटना को 16 वर्षीय एक किशोर ने अंजाम दिया। वारदात के दौरान संदिग्ध हमलावर भी मारा गया। हालाँकि,इस घटना के पीछे उसकी मंशा क्या थी और उसने स्कूल को ही निशाना क्यों बनाया,इसका खुलासा अभी नहीं हो पाया है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जाँच कर रही है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक,यह घटना गुरुवार दोपहर बेंड स्थित सिल्वर रेल एलीमेंट्री स्कूल में हुई। पुलिस की शुरुआती जाँच में सामने आया है कि संदिग्ध किशोर ने स्कूल में दाखिल होने से पहले परिसर के बाहर खड़ी एक कार पर गोलियाँ चलाई थीं। इसके बाद वह हथियारों के साथ विद्यालय की इमारत में पहुँच गया और वहाँ मौजूद लोगों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
अचानक हुई गोलीबारी से स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। बच्चे और शिक्षक अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की तलाश करने लगे। ऐसी घटनाओं में कुछ ही मिनटों के भीतर हालात बेहद गंभीर हो जाते हैं,क्योंकि विद्यालय जैसे स्थानों पर छोटे बच्चों की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती होती है। इस घटना में भी कई लोगों की जान खतरे में पड़ गई और चार लोगों की मौत हो गई।
गोलीबारी की सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने घटनास्थल पर कार्रवाई शुरू की। पूरे स्कूल परिसर को खाली कराया गया और आसपास के इलाके की घेराबंदी कर दी गई,ताकि किसी अन्य व्यक्ति को नुकसान न पहुँचे। जाँच एजेंसियाँ घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों से प्राप्त जानकारी के आधार पर घटना की परिस्थितियों को समझने की कोशिश कर रही हैं।
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण जानकारी यह सामने आई है कि 16 वर्षीय संदिग्ध हमलावर पुलिस की गोली से नहीं,बल्कि एक स्थानीय नागरिक की जवाबी कार्रवाई में मारा गया। बेंड शहर के पुलिस प्रमुख माइक क्रैंट्ज ने घटना के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि एक स्थानीय व्यक्ति ने संदिग्ध को हथियार लेकर स्कूल परिसर में प्रवेश करते हुए देख लिया था।
पुलिस प्रमुख के अनुसार, संदिग्ध की गतिविधियों को देखकर उस व्यक्ति ने उसका पीछा किया और विद्यालय की इमारत के भीतर पहुँच गया। इसके बाद दोनों के बीच आमना-सामना हुआ। इस दौरान स्थानीय नागरिक ने गोली चलाई,जिससे संदिग्ध हमलावर की मौके पर ही मौत हो गई।
इस घटनाक्रम की विस्तृत परिस्थितियों का पता लगाने के लिए जाँच की जा रही है। अधिकारी यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि संदिग्ध के पास कौन-कौन से हथियार थे, उसने गोलीबारी से पहले कार पर फायरिंग क्यों की और स्कूल में प्रवेश करने के बाद उसका अगला कदम क्या था। साथ ही,यह भी जाँच का विषय है कि स्थानीय नागरिक को संदिग्ध की गतिविधियों के बारे में कब जानकारी मिली और घटनास्थल पर उसके पहुँचने के बाद क्या-क्या हुआ।
गोलीबारी में जान गंवाने वाले तीन बच्चों की उम्र और उनकी पहचान को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। वहीं,सात साल के एक बच्चे और एक अन्य शिक्षक को गंभीर चोटें आई हैं। दोनों को तत्काल अस्पताल पहुँचाया गया,जहाँ चिकित्सक उनकी जान बचाने के लिए उपचार कर रहे हैं।
स्कूल में हुई इस घटना ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विद्यालयों को आमतौर पर बच्चों के लिए सुरक्षित स्थान माना जाता है,लेकिन इस तरह की हिंसक घटनाएँ विद्यार्थियों,शिक्षकों और अभिभावकों के बीच भय पैदा करती हैं। घटना के बाद प्रभावित परिवारों और स्कूल समुदाय के सामने अपनों को खोने का असहनीय दुख है,जबकि घायल लोगों के परिजन उनके जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद कर रहे हैं।
पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित करने के बाद जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अधिकारी संदिग्ध के व्यवहार,उसके संभावित उद्देश्य और हथियारों तक उसकी पहुँच से जुड़े सवालों के जवाब तलाश रहे हैं। जाँच में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि क्या हमले से पहले किसी को उसकी गतिविधियों के बारे में जानकारी थी या कोई ऐसा संकेत मिला था,जिससे इस घटना को रोका जा सकता था।
फिलहाल,हमले की वजह स्पष्ट नहीं हुई है। पुलिस की ओर से जाँच पूरी होने और तथ्यों की पुष्टि होने के बाद ही घटना के संबंध में अधिक जानकारी सामने आ सकेगी।
अमेरिका में स्कूलों को निशाना बनाकर की जाने वाली गोलीबारी की घटनाएँ लंबे समय से चिंता का विषय रही हैं। ओरेगन की इस घटना ने एक बार फिर शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था,हथियारों की उपलब्धता और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। तीन मासूम बच्चों और एक शिक्षक की मौत ने पूरे समुदाय को झकझोर दिया है। अब सभी की नजर पुलिस जाँच पर है,जिससे यह स्पष्ट हो सके कि इस भयावह वारदात को अंजाम देने के पीछे क्या कारण थे और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कौन से कदम उठाए जा सकते हैं।
