सोनिया गांधी और राहुल गांधी (तस्वीर साभार INCIndia "X")

सोनिया गांधी ने इंदिरा गांधी को लोगों के मुद्दों की लड़ाई लड़ने वाली बहादुर योद्धा बताया

नई दिल्ली,20 नवंबर (युआईटीवी)- कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत इंदिरा गांधी को लोगों के मुद्दों की लड़ाई लड़ने वाली बहादुर योद्धा बताते हुए कहा कि उनमें एक जबरदस्त क्षमता थी,जिससे वे जीवन की विपरीत परिस्थितियों से बिना डरे और बिना घबराए सामना करने में सक्षम थी। उनकी इस जबरदस्त क्षमता के लिए हमेशा उन्हें जाना जाएगा। क्योंकि वह एक बहादुर योद्धा थी और लोगों के मुद्दों के लिए लड़ने के लिए हमेशा तत्पर रहती थी।

इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट की अध्यक्ष सोनिया गांधी हैं। जवाहर भवन में पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत इंदिरा गांधी के जयंती के अवसर पर इंदिरा गांधी पुरस्कार समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह को संबोधित करते हुए कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की अध्यक्ष और इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने यह टिप्पणी की।

इंदिरा गांधी पुरस्कार समारोह को संबोधित करते हुए सोनिया गांधी ने कहा कि 20वीं सदी के सबसे उल्लेखनीय नेताओं में से एक के नाम पर शांति, निरस्त्रीकरण और विकास के लिए इंदिरा गांधी पुरस्कार 2022 पुरस्कार शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य मानवता की सेवा में सराहनीय तथा अनुकरणीय कार्य करने वाले पुरुषों,महिलाओं और संस्थानों को सम्मानित करना है।

उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार प्रयास करता है कि उन उद्देश्यों को बढ़ावा दिया जा सके,जिसके लिए इंदिरा गांधी ने स्वयं अपने आश्चर्यजनक करियर में काम किया और जिसकी उन्होंने हमेशा वकालत की।

इंदिरा गांधी के जीवन के बारे में बताते हुए सोनिया गांधी ने कहा कि इंदिरा गांधी का जीवन उनकी उन जबरदस्त क्षमता के लिए जाना जाएगा,जिसके दम पर वह अपने जीवन के सभी बाधाओं से लड़ने की काबिलियत रखती थी। चाहे वह उनका राजनीतिक करियर ही क्यों न हो। जहाँ उन्होंने रूढ़िवाद को चुनौती दी थी,ताकि गरीब-समर्थक और समानता उन्मुख नीतियों को लागू किया जा सके। चाहे वह भूख को हराने की अंतर्राष्ट्रीय माहौल में उनकी लड़ाई हो,चाहे वह भारत में विभाजनकारी प्रवृत्तियों को दबाने का उनका असाधारण कार्य हो,चाहे एक नए राष्ट्र के निर्माण में उनकी अद्वितीय भूमिका हो,जिसके तहत वह चाहती थी कि लोगों की महत्वाकांक्षाओ का सम्मान किया जा सके।

इंदिरा गांधी को सोनिया गांधी ने एक बहादुर योद्धा कहते हुए कहा कि वह लोगों के हितों के लिए हमेशा लड़ने के लिए तैयार रहती थी।

उन्होंने बताया कि व्यापक और सुलभ स्वास्थ्य प्रणाली के लिए भारत के राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति, 1983 का अधिनियमन और कार्यान्वयन उनके नेतृत्व में हुआ। इस नीति ने एक साथ प्रोत्साहन, निवारक और उपचारात्मक स्वास्थ्य सेवाओं को लाया। जिससे ग्रामीण स्वास्थ्य पहुँच का महत्वपूर्ण विस्तार संभव हुआ।

कोविड-19 महामारी को याद करते हुए सोनिया गांधी ने कहा कि यह सबसे विनाशकारी घटना इस सदी में देखी गई थी। कोविड-19 ने किसी परिवार,किसी समुदाय और किसी देश को नहीं बख्शा। उस दौरान हमने देखा कि जब कोविड-19 भयावह महामारी के रूप में चारों-ओर छा गई थी,तब इस चुनौती का सामना करने के लिए हमारे डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिक्स, कर्मचारी और स्वयंसेवक तैयार हुए।

आगे उन्होंने इंदिरा गांधी के कहे हुए बातों को याद करते हुए कहा कि इंदिरा गांधी ने कहा था कि एक बार मुझसे मेरे दादाजी ने कहा था कि दो तरह के लोग होते हैं – एक वे जो कार्य करते हैं और दूसरे वे जो श्रेय लेते हैं। मुझसे उन्होंने कहा कि मैं कोशिश करूँ कि मैं पहले श्रेणी में रहूँ,क्योंकि उस श्रेणी में प्रतियोगिता बहुत कम थी।

उन्होंने कोविड योद्धा की सराहना करते हुए कहा कि वे पहले श्रेणी के लोग हैं। जिन्होंने निस्वार्थ भाव से मानवता के लिए काम किया।

शांति, निरस्त्रीकरण और विकास के लिए इंदिरा गांधी पुरस्कार 2022 भारतीय चिकित्सा संघ और भारतीय प्रशिक्षित नर्स संघ को संयुक्त रूप से प्रदान किया गया। यह पुरस्कार कोविड योद्धाओं के प्रतिनिधियों को भारत में चिकित्सा बिरादरी के प्रतीक के रूप में प्रदान किया गया।

कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि निस्वार्थ सेवा और विपरीत परिस्थितियों में डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिक और कर्मचारियों के दृढ़ समर्पण और दृढ़ता के लिए सम्मानित करने के लिए यह पुरस्कार उन्हें प्रदान किया जा रहा है।

 

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