प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ओडिशा दौरा,बिजली समेत कई परियोजनाओं की नींव रखेंगे

नई दिल्ली,3 फरवरी (युआईटीवी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को ओडिशा का दौरा करेंगे,इस दौरान ओडिशा में प्रधानमंत्री एनएलसी इंडिया द्वारा निर्मित 3,200 मेगावाट की पिट हेड ग्रीन फील्ड थर्मल पावर परियोजना के पहले चरण की आधारशिला रखेंगे। कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि लगभग 40,000 करोड रुपये के पूँजीगत व्यय की योजना कंपनी अगले वित्तीय वर्ष के लिए बना रही है और साल 2027-28 में लिग्नाइट से मेथेनॉल परियोजना शुरू होने की संभावना है,जो 1,200 टन का उत्पादन प्रतिदिन करेगी।

अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक (सीएमडी) प्रसन्ना कुमार मोटुपल्ली ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि 2,400 मेगावाट (3 गुणा 800 मेगावाट) का पहला चरण होगा,जिसकी आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रखेंगे। दूसरा चरण 800 मेगावाट का होगा,जिसका प्लांट बाद में लगाया जाएगा। यह बिजली परियोजना उड़ीसा के झारसुगुड़ा जिले में अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल टेक्नोलॉजी पर आधारित होगी।

मोटुपल्ली ने बताया कि 2028-29 में पहला चरण शुरू होगा,उनके अनुसार लगभग 27,200 करोड़ रुपये का परिव्यय पहले चरण में लगेंगे और 35,000 करोड़ रुपये से अधिक का कुल परिव्यय दोनों चरणों में लगेंगे। उन्होंने ​​फंडिंग के सवाल पर जवाब दिया कि आंतरिक संचय,ऋण और परिसंपत्ति मुद्रीकरण से राशि जुटाई जाएगी।

एनएलसी इंडिया लगभग 1.4 गीगावॉट अपनी नवीकरणीय ऊर्जा सहायक कंपनी को हस्तांतरित करेगी और उससे लगभग 5,000 करोड़ रुपये जुटाएगी।

अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक (सीएमडी) प्रसन्ना कुमार मोटुपल्ली से जब उड़ीसा परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई भूमि के बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि लगभग 1600 मेगावाट की जरूरत है,जिसके लिए कंपनी के कब्जे में 300 एकड़ से अधिक भूमि है और लगभग 600 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है।

3,200 मेगावाट की परियोजना के बारे में सीएमडी मोटुपल्ली ने कहा कि यह परियोजना कोयला मंत्रालय के अनुसार सबसे बड़ी बिजली परियोजना होगी। पहले चरण से जो बिजली उत्पन्न होगी उससे अलग-अलग राज्यों को आपूर्ति की जाएगी,जैसे 1,500 मेगावाट तमिलनाडु को,400 मेगावाट ओडिशा को,400 मेगावाट केरल को और 100 मेगावाट पुडुचेरी को।

दूसरे चरण से जो बिजली उत्पन्न होगी उसे ओडिशा को 400 मेगावाट आपूर्ति की जाएगी और बाकी का निर्धारण कोयला मंत्रालय द्वारा किया जाएगा। भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) से 2,400 मेगावाट बिजली परियोजना के लिए एनएलसी इंडिया ने 15,000 करोड़ रुपये से अधिक का अनुबंध दिया है। एनएलसी इंडिया की 20 एमटीपीए तालाबीरा 2 और 3 ओसीपी खदानों से कोयला लिंकेज उपलब्ध है,जो ओडिशा के झारसुगुड़ा और संबलपुर जिलों में वर्ष 2020 से पहले से ही चालू है।

हीराकुंड जलाशय से परियोजना के लिए आवश्यक पानी की आपूर्ति की जाएगी। हरित पहल के हिस्से के रूप में बॉयलरों को जैव द्रव्यमान की सह-फायरिंग के अनुरूप डिजाइन किया जाएगा।

कंपनी ने कहा कि परिवर्तनीय लागत प्रतिस्पर्धी होगी,क्योंकि यह पिट हेड थर्मल पावर प्रोजेक्ट है और अपने लाभार्थियों को एनएलसी इंडिया कम लागत वाली बिजली प्रदान करेगी।

सीएमडी मोटुपल्ली ने कहा कि तमिलनाडु तमिलनाडु के नेवेली में एनएलसी इंडिया 2 गुणा 660 मेगावाट क्षमता भी जोड़ेगी।

 

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