नई दिल्ली,6 फरवरी (युआईटीवी)- दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) से जुड़े दर्जन भर ठिकानों पर मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापेमारी की।दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निजी सचिव बिभव कुमार,आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद एनडी गुप्ता,दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के पूर्व सदस्य शलभ कुमार तथा मुख्यमंत्री से जुड़े कई अन्य लोगों के एक दर्जन ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापेमारी की।
सूत्रों के मुताबिक,अवैध डीजेबी अनुबंध जारी करने से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जाँच के लिए यह छापेमारी की जा रही है। अवैध डीजेबी अनुबंध का यह मामला 30 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का है।
इस मामले से जुड़े करीबी सूत्रों ने खुलासा किया कि विभिन्न परियोजनाओं के लिए डीजेबी ठेके देने में अनियमितता बरती गई है,जिसकी जाँच ईडी कर रही है।
ऐसे समय में यह घटनाक्रम सामने आया है,जब मुख्यमंत्री केजरीवाल के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली शराब नीति मामले से संबंधित समन में शामिल नहीं होने पर शिकायत दर्ज की है।
ईडी के समन को केजरीवाल द्वारा पाँचवीं बार नजरअंदाज करने के एक दिन बाद,तीन फरवरी को उनके खिलाफ शिकायत को शहर की राउज एवेन्यू अदालत में अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट दिव्या मल्होत्रा के समक्ष दर्ज किया गया था। सात फरवरी के लिए इस मामले को सूचीबद्ध किया गया है।
आप नेताओं के खिलाफ ईडी द्वारा की जा रही कानूनी कार्रवाई और छापेमारी को आप की वरिष्ठ नेता और दिल्ली की मंत्री आतिशी ने राजनीतिक प्रतिशोध बताया है। मंगलवार को उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा पर प्रतिशोध का आरोप लगाते हुए कहा कि आप नेताओं को दो साल से निशाना बनाया जा रहा और उन्हें धमकाया भी जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इन दो सालों में ईडी को न कोई पुख्ता सबूत मिला है और न ही ईडी ने एक रुपया बरामद किया है। ”
आतिशी ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से आम आदमी पार्टी (आप) को दबाने और डराने का प्रयास कर रही है,लेकिन इन सब से पार्टी डरने वाली नहीं है।
सूत्रों के अनुसार,मंगलवार की छापेमारी में ईडी की जाँच में दो अलग-अलग मामले शामिल हैं। इनमें सीबीआई और दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) द्वारा दर्ज की गई केस,डीजेबी की टेंडरिंग प्रक्रिया में अनियमितताएँ शामिल हैं।
सीबीआई द्वारा जुलाई 2022 में दर्ज की गई एफआईआर में एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को इलेक्ट्रो-मैग्नेटिक फ्लो मीटर के लिए टेंडर देने में “अनुचित लाभ” देने का आरोप लगाया गया था। एसीबी शिकायत से उत्पन्न दूसरा आरोप,डीजेबी कार्यालयों में ऑटोमोटिव बिल भुगतान संग्रह मशीनें लगाने के लिए एक निविदा के इर्द-गिर्द घूमता है।
