काहिरा, 9 अप्रैल (युआईटीवी)- गाजा पट्टी में बीते छह महीने से इजराइली बमबारी जारी है,जिस पर तत्काल युद्धविराम का मिस्र,जॉर्डन और फ्रांस ने आग्रह किया है। साथ ही हमास में इजरायली हमले का फ्रांस, मिस्र और जॉर्डन ने संयुक्त रूप से विरोध किया है और कहा है कि बिना किसी देरी के संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के ‘युद्ध विराम’ के आह्वान को लागू किया जाना चाहिए।
इस बीच दक्षिणी गाजा शहर के राफा में इजरायल ने हमले करने की धमकी दी है,जिसका विरोध तीनों देशों ने मजबूती से किया है। इजरायल को युद्धविराम को लेकर फ्रांस,मिस्र और जॉर्डन ने चेतावनी दी है।
समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक,जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय,मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल-फतह अल-सिसी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने एक संयुक्त बयान में कहा कि तत्काल बिना किसी देरी के और बिना किसी शर्त के संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2728 को पूरी तरह से लागू किया जाना चाहिए। इसमें गाजा में तत्काल युद्धविराम की बात कही गई है।
कई समाचार पत्रों ने संपादकीय में संयुक्त रूप से मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी,जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन द्वारा दी गई चेतावनी- ‘हम राफा पर इजरायली हमले के खतरनाक परिणामों के खिलाफ चेतावनी देते हैं’ को छापा गया है। 1.5 मिलियन से अधिक फिलिस्तीनी नागरिकों ने इस क्षेत्र में शरण ले रखी है। यदि इस तरह के हमले को अंजाम दिया जाएगा,तो बहुत अधिक नागरिकों की मौतें होंगी और क्षेत्रीय तनाव बढ़ने का भी खतरा है।
इज़राइल से मिस्र,जॉर्डन व फ्रांस के नेताओं ने आग्रह किया कि उन सभी आवश्यक उपायों पर ध्यान दिया जाना चाहिए,जिससे फिलिस्तीनियों को मानवीय सहायता पहुँचायी जा सकें।
सभी बंधकों की तत्काल रिहाई की भी उन्होंने माँग की है। मिस्र, कतर और संयुक्त राज्य अमेरिका की मध्यस्थता में युद्धविराम,बंधकों व बंदियों के मुद्दों से निपटने के लिए बातचीत हो रही है,जिसका मिस्र,जॉर्डन व फ्रांस के नेताओं ने समर्थन किया है।
इजरायल में 7 अक्टूबर को हमास हमले के बाद युद्ध के करीब 6 महीने हो गए हैं और हमास-इजरायल के बीच इस युद्ध को रोकने के लिए अभी तक कई प्रयासों के बाद भी सहमति बनती नहीं दिख रही है। गाजा में इजराइली हमले में मारे जाने वालों के बारे में गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा आँकड़े जारी किए गए हैं,जिसके अनुसार अब तक 33,207 फिलिस्तीनी मारे गए हैं और 75,933 लोग घायल हुए हैं। वहीं 1200 से अधिक लोगों की मौतें हमास के हमले में हो चुकी है। इस युद्ध में जहाँ एक तरफ इजरायल का साथ ईरान दे रहा है,तो वहीं दूसरी तरफ इजरायल को अमेरिका सैन्य सहायता दे रहा है।
