यरूशलम,8 जुलाई (युआईटीवी)- गाजा में हमास के साथ युद्ध विराम समझौते पर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि इजरायली बंधकों के रिहाई के बाद जब फिर से गाजा में सैन्य अभियान शुरू करने की अनुमति मिलेगी,उसके बाद ही हमास के साथ युद्ध विराम समझौते के लिए हम सहमत होंगे।
सिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार,काहिरा में मध्यस्थ बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए तैयारी की जा रही है। इस बीच,रविवार को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बीते नौ महीने से जारी संघर्ष को ख़त्म करने के लिए अपनी पाँच शर्तें रखीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि युद्ध विराम समझौते को लागू करना है,तो गाजा में इजरायल को अपने अभियान को जारी रखने की इज़ाजत दी जानी चाहिए,जब तक के इस संघर्ष के उद्देश्य पूरे न हो जाए।
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने आगे कहा कि युद्ध विराम समझौते में यह भी शामिल किया जाना चाहिए कि गाजा में हमास को मिस्र से हथियारों की तस्करी करने से रोका जाय। साथ ही उन्होंने यह भी जोर देते हुए कहा कि सशस्त्र हमास आतंकवादियों की गाजा में वापसी पर भी रोक लगनी चाहिए।
अभी भी 100 से भी अधिक लोग गाजा में बंधक हैं और आशंका जताई जा रही है,कि उन बंधकों में से कुछ लोग मारे जा चुके हैं। नेतन्याहू ने अधिक-से-अधिक बंधकों की रिहाई को सुनिश्चित करने की बात कही।
इजरायल के रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ने रविवार को पुष्टि की कि गाजा में युद्धविराम समझौता हो जाने पर भी लेबनान में इजरायल रक्षा बल (आईडीएफ) द्वारा हिजबुल्लाह के खिलाफ अभियान जारी रखा जाएगा।
योआव गैलेंट ने कहा कि उत्तरी सीमा पर गाजा और हिजबुल्लाह के साथ संघर्ष “दो अलग-अलग क्षेत्र” हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि गाजा में युद्ध विराम समझौता हो जाता है,तो उस समझौते को हिजबुल्लाह के साथ समझौता नहीं माना जाएगा।
