नई दिल्ली,8 जुलाई (युआईटीवी)- दिल्ली में 5000 शिक्षकों के तबादले आदेश पर एलजी ने रोक लगा दी है,जिस पर शिक्षकों को बधाई देते हुए दिल्ली सरकार की शिक्षा मंत्री आतिशी ने कहा कि ‘षड्यंत्र फेल हो गया’ है। आतिशी ने इस आदेश के बाद खुशी जताई और अपने एक्स हैंडल पर इसके लिए बीजेपी को जिम्मेदार बताया।
दिल्ली के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को बधाई देते हुए आतिशी ने कहा कि 2 जुलाई को 5000 से अधिक शिक्षकों के तबादले के आदेश को वापस ले लिया गया है। भाजपा ने एलजी साहब के माध्यम से दिल्ली की शिक्षा क्रांति को रोकने के लिए हज़ारों शिक्षकों के तबादले (ट्रांसफ़र) करवा दिए थे। लेकिन,उनका यह षड्यंत्र दिल्ली वालों के संघर्ष के कारण नाकाम हो गया है। केजरीवाल सरकार दिल्ली के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है,चाहे इसके लिए हमें कितनी भी लड़ाई लड़नी पड़े,हम पूरी तरह से तत्पर हैं।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा के नेतृत्व में शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करने के बाद उपराज्यपाल ने यह सुझाव दिया। राजधानी के कई सांसद भी इस समूह में शामिल थे।
दिल्ली के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को बधाई! 2 जुलाई को 5000 से ज़्यादा शिक्षकों के ट्रांसफ़र के ऑर्डर को वापस ले लिया गया है।
भाजपा ने दिल्ली की शिक्षा क्रांति को रोकने के लिए LG साहब के माध्यम से हज़ारों शिक्षकों के ट्रांसफ़र करवा दिए थे। परंतु दिल्ली वालों के संघर्ष के कारण,… pic.twitter.com/3jFYHXKBuN
— Atishi (@AtishiAAP) July 8, 2024
राजभवन ने इसकी जानकारी सिलसिलेवार ट्वीट के जरिए दी और कहा विभिन्न सरकारी स्कूल शिक्षक संघों से उप राज्यपाल को कई ज्ञापन प्राप्त हुए थे और आज उनके प्रतिनिधिमंडल से राज निवास में मुलाकात किया गया।
इसमें कहा गया है कि शिक्षकों से संबंधित हाल के स्थानांतरण आदेशों पर मुख्य सचिव और शिक्षा निदेशालय को एलजी वी.के. सक्सेना ने सहानुभूतिपूर्ण,समग्र और निष्पक्ष दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी है। सरकारी कर्मचारियों के बेहतर सेवा शर्तों के लिए एलजी वी.के.सक्सेना लगातार कोशिश कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने अंतरिम अवधि के लिए आदेशों को स्थगित रखने का सुझाव दिया है।
दिल्ली शिक्षा विभाग की ओर से पिछले महीने 5000 शिक्षकों के तबादले के आदेश जारी किए गए थे। जो शिक्षक पिछले 10 साल से एक ही स्कूल में काम कर रहे थे,उन शिक्षकों को इस आदेश के तहत तबादला किया जाना था।
आतिशी ने इन तबादलों को आगे नहीं बढ़ाने के लिए निदेशालय को लिखित निर्देश जारी किए थे। मुख्य सचिव नरेश कुमार से गुरुवार को आतिशी ने तत्काल तबादलों पर रोक लगाने के लिए कहा था। उन्होंने आरोप लगाया था कि इस प्रक्रिया में भ्रष्टाचार हुआ है और उन्होंने इस आदेश को पूरी तरह से अनुचित और शिक्षा विरोधी बताया।
