नई दिल्ली,4 जनवरी (युआईटीवी)- संयुक्त राज्य अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने निवर्तमान राष्ट्रपति जो बाइडेन पर तीखा हमला करते हुए उन्हें ‘संयुक्त राज्य अमेरिका का सबसे खराब राष्ट्रपति’ करार दिया। ट्रंप ने बाइडेन की ‘ओपन बॉर्डर पॉलिसी’ की आलोचना करते हुए कहा कि इससे देश में कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवाद और हिंसक अपराधों का स्तर और बढ़ जाएगा। ट्रंप ने बाइडेन के प्रशासन को देश की राष्ट्रीय सुरक्षा और नेतृत्व में गिरावट के लिए जिम्मेदार ठहराया।
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर कई पोस्ट किए, जिनमें उन्होंने देश की मौजूदा स्थिति को ‘आपदा’ और विश्व मंच पर ‘हँसी का पात्र’ बताया। ट्रंप के अनुसार,बाइडेन प्रशासन ने अमेरिका को कमजोर कर दिया है और इसके परिणामस्वरूप देश की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बाइडेन के प्रशासन ने अमेरिकी संस्थानों,जैसे कि न्याय विभाग,संघीय जाँच ब्यूरो (एफबीआई) और डेमोक्रेटिक राज्य अधिकारियों,को अपनी नीतियों को लागू करने में असफल कर दिया है।
ट्रंप ने अपने पोस्ट में बाइडेन और उनके चुनाव में हस्तक्षेप करने वाले लोगों पर तीखा हमला करते हुए कहा, “उन्होंने और उनके चुनाव में शामिल गुंडों ने हमारे देश के साथ जो किया है, उसे जल्द भुलाया नहीं जा सकेगा!” ट्रंप ने राष्ट्रपति जो बाइडेन पर यह आरोप भी लगाया कि बाइडेन के प्रशासन ने सिर्फ राजनीतिक हमलों के लिए इन संस्थाओं का उपयोग किया,जबकि इनकी प्राथमिक जिम्मेदारी देश की सुरक्षा और बचाव थी।
ट्रंप ने कहा कि बाइडेन के नेतृत्व में अमेरिका की सीमाएँ खुली हो गई हैं और देश की ताकत कमजोर हो गई है। उन्होंने कहा कि, “हमारा देश एक आपदा बन चुका है और पूरी दुनिया में हँसी का पात्र है।” उनका कहना था कि जब नेतृत्व कमजोर हो, सीमाएँ खुली हों और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी न हो,तो इसका परिणाम इस तरह के संकट के रूप में सामने आता है।
ट्रंप ने यह भी जोड़ा कि बाइडेन की ‘ओपन बॉर्डर पॉलिसी’ से देश के आंतरिक सुरक्षा खतरे में पड़ गए हैं और यह नीति अमेरिका के लिए लंबी अवधि में नुकसानदायक साबित होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि इस नीति के कारण अमेरिका में आतंकवाद और हिंसा में वृद्धि हो सकती है।
अपने पोस्ट में ट्रंप ने देशवासियों को आश्वासन देते हुए कहा कि वह और उनका प्रशासन जल्द ही अमेरिका को फिर से महान बनाएँगे। ट्रंप ने अपने समर्थकों से कहा कि “20 जनवरी को मिलते हैं। अमेरिका को फिर से महान बनाएँ।” यह संदेश ट्रंप ने एक तरह से अपने समर्थकों को प्रेरित करने और उन्हें आगामी राष्ट्रपति पद की शपथ ग्रहण से पहले एकजुट करने के लिए दिया।
20 जनवरी को संयुक्त राज्य अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने वाले डोनाल्ड ट्रंप ने अपने आलोचकों को सीधे चुनौती दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह बाइडेन के प्रशासन को स्वीकार नहीं करेंगे और अपने दृष्टिकोण और नीतियों के माध्यम से अमेरिका को पुनः मजबूत और समृद्ध बनाएँगे।
ट्रंप के बयान से यह स्पष्ट होता है कि वह अपनी चुनावी जीत को लेकर बेहद आक्रामक हैं और बाइडेन के प्रशासन पर तीखा हमला कर रहे हैं। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि बाइडेन का प्रशासन कमजोर और नकारात्मक नेतृत्व का प्रतीक बन गया है,जो अमेरिका की भलाई के लिए हानिकारक है। ट्रंप ने अपने समर्थकों को आगामी बदलाव के लिए तैयार रहने की बात कही और वादा किया कि उनका प्रशासन अमेरिका को फिर से शक्ति प्रदान करेगा।
इस बयान के माध्यम से ट्रंप ने अपनी आगामी कार्यकाल के दौरान बाइडेन के प्रशासन की नीतियों को चुनौती दी है और यह संकेत दिया है कि वह अपने विरोधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाएँगे।
