बेंगलुरु,18 जुलाई (युआईटीवी)- भारत में डिजिटल तकनीक के बढ़ते प्रभाव का एक बड़ा उदाहरण डिजी यात्रा ऐप है,जिसने हाल ही में 1.5 करोड़ डाउनलोड का आँकड़ा पार कर लिया है। डिजी यात्रा फाउंडेशन द्वारा शुक्रवार को दी गई इस जानकारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि लोग एयरपोर्ट पर बायोमेट्रिक और कॉन्टेक्टलेस एंट्री को काफी महत्व दे रहे हैं।
डिजी यात्रा फाउंडेशन के मुताबिक, यह ऐप सेल्फ-सॉवरेन आइडेंटिटी आधारित है और चेहरे की पहचान तकनीक से यात्रियों को सुरक्षित,तेज और परेशानी मुक्त हवाई यात्रा का अनुभव देता है। इसका उद्देश्य यात्रियों को गोपनीयता-प्रथम, कुशल और परेशानी मुक्त आवागमन का अनुभव प्रदान करना है।
दिसंबर 2022 में अपनी शुरुआत के बाद से डिजी यात्रा ने भारतीय हवाई अड्डों पर हवाई यात्रा के अनुभव को आधुनिक रूप दिया है। यह तकनीक न केवल यात्रियों के लिए समय की बचत कर रही है,बल्कि एयरपोर्ट पर सुरक्षा जाँच और बोर्डिंग प्रक्रिया को भी अधिक तेज और पारदर्शी बना रही है।
डिजी यात्रा ने अब तक 24 भारतीय हवाई अड्डों पर अपनी सेवाएँ शुरू कर दी हैं। डिजी यात्रा ने 60 मिलियन (6 करोड़) से अधिक यात्राओं को बाधारहित और आसान बनाया है। प्रतिदिन औसतन 30,000 ऐप डाउनलोड दर्ज किए जा रहे हैं।
डिजी यात्रा फाउंडेशन के मुताबिक, अगस्त 2025 तक ऐप डाउनलोड की संख्या 1.65 करोड़ तक पहुँचने की संभावना है।
डिजी यात्रा का बड़ा लक्ष्य वर्ष 2028 तक भारत में लगभग 80 प्रतिशत घरेलू हवाई यात्रियों को अपनी सेवाएँ प्रदान करना है। वर्तमान में यह आँकड़ा 30-35 प्रतिशत के बीच है।
फाउंडेशन ने यह भी बताया कि आने वाले महीनों में यह प्लेटफॉर्म चंडीगढ़, तिरुवनंतपुरम,मंगलुरु और श्रीनगर जैसे चार नए हवाई अड्डों पर भी अपनी बायोमेट्रिक-आधारित प्रणाली शुरू करेगा। इसके साथ ही,एयरलाइनों और ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसियों के साथ बोर्डिंग पास साझाकरण को सुव्यवस्थित करने के लिए भी बातचीत जारी है।
डिजी यात्रा फाउंडेशन यात्रियों की सुविधा को बढ़ाने के लिए ऐप में 22 आधिकारिक भारतीय भाषाओं का समर्थन जोड़ रहा है। इससे यात्री अपनी पसंदीदा भाषा में हवाई अड्डे की प्रक्रियाओं को आसानी से नेविगेट कर सकेंगे। यह कदम विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों से आने वाले यात्रियों के लिए लाभकारी होगा,जो अक्सर भाषा संबंधी बाधाओं का सामना करते हैं।
डिजी यात्रा फाउंडेशन के सीईओ सुरेश खड़कभवी ने बताया कि 1.5 करोड़ उपयोगकर्ता के आँकड़ों का पार होना यात्रियों के बढ़ते भरोसे और डिजी यात्रा की सफलता का प्रमाण है।
आगे उन्होंने कहा कि,हमारा लक्ष्य हमेशा निर्बाध,सुरक्षित और भविष्य के लिए तैयार यात्रा अनुभव प्रदान करना रहा है। 2024 में चलाए गए डी-केवाईसी अभियान और टियर-2 हवाई अड्डों तक विस्तार की पहल ने हमें व्यापक दर्शकों तक पहुँचने में मदद की है।”
आगे उन्होंने कहा कि भविष्य में फाउंडेशन के प्रमुखता के बारे में बताते हुए कहा कि,फाउंडेशन का मुख्य फोकस उपयोगकर्ता सुविधाओं में सुधार व यात्री पहचान प्रबंधन में नए वैश्विक मानक स्थापित करने पर रहेगा।
डिजी यात्रा भारतीय हवाई यात्रा के भविष्य को कई तरीकों से बदल रहा है:
1) कॉन्टेक्टलेस और तेज एंट्री: यात्रियों को लंबी कतारों में खड़े होने की आवश्यकता नहीं रहती।
2) सुरक्षित पहचान प्रबंधन: चेहरे की पहचान तकनीक यात्रियों की पहचान को तेज और सुरक्षित बनाती है।
3) समय और संसाधनों की बचत: यात्रियों और एयरपोर्ट स्टाफ दोनों के लिए प्रोसेसिंग तेज होती है।
4) गोपनीयता पर जोर: ऐप उपयोगकर्ता की पहचान और डेटा को सुरक्षित रखने के लिए प्राइवेसी-फर्स्ट मॉडल पर काम करता है।
डिजी यात्रा न केवल हवाई यात्रा को स्मार्ट और सुविधाजनक बना रहा है,बल्कि भारत को वैश्विक डिजिटल ट्रैवल इनोवेशन में एक अग्रणी देश के रूप में स्थापित कर रहा है। आने वाले वर्षों में,जब यह ऐप अधिक हवाई अड्डों और यात्रियों तक पहुँचेगा,तो भारतीय हवाई यात्रा का अनुभव पूरी तरह डिजिटल और परेशानी मुक्त हो जाएगा।
