डोनाल्ड ट्रंप (तस्वीर क्रेडिट@SonOfBharat7)

अमेरिका में गवर्नमेंट शटडाउन जारी,ट्रंप और डेमोक्रेट्स के बीच बढ़ा तनाव,डेमोक्रेट्स के साथ बातचीत के लिए ट्रंप हुए तैयार

वाशिंगटन,7 अक्टूबर (युआईटीवी)- अमेरिका में सरकारी कामकाज ठप होने की स्थिति अब छठे दिन में प्रवेश कर चुकी है। देश के लगभग सभी संघीय विभाग और कार्यक्रम इस शटडाउन से प्रभावित हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि वे डेमोक्रेट्स के साथ बातचीत करने को तैयार हैं,लेकिन बातचीत की शर्त यह है कि पहले सरकार को पुनः शुरू किया जाए। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर पोस्ट में कहा कि डेमोक्रेट्स ने अमेरिकी सरकार को बंद कर दिया है,जबकि अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में थी और शेयर बाजार रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचा हुआ था। उनके अनुसार,इस शटडाउन से आम अमेरिकी नागरिकों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है और यह स्थिति अस्वीकार्य है।

राष्ट्रपति ने आगे लिखा कि वे डेमोक्रेट्स की असफल स्वास्थ्य नीतियों या किसी अन्य मुद्दे पर बातचीत करने को तैयार हैं,लेकिन सरकार को फिर से शुरू करने की अनुमति पहले दी जाए। वहीं,मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने स्वास्थ्य योजनाओं को लेकर चल रही बातचीत की पुष्टि की और कहा कि दोनों पक्ष स्वास्थ्य व्यवस्था पर कुछ अच्छे परिणामों की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “हम डेमोक्रेट्स से बात कर रहे हैं और उम्मीद है कि जल्द ही इस पर संतोषजनक समझौता होगा।”

रिपब्लिकन पार्टी ने डेमोक्रेट्स पर आरोप लगाया है कि वे अवैध प्रवासियों के लिए स्वास्थ्य योजनाओं में अतिरिक्त सहायता राशि की माँग कर रहे हैं। वहीं,डेमोक्रेट्स का कहना है कि वे इस साल की शुरुआत में पारित हुए “बिग ब्यूटीफुल बिल” में अमेरिकी नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवा में कटौती को वापस लेने की माँग कर रहे हैं। इस पर दोनों पक्षों के बीच तनाव और गहरा गया है।

गौरतलब है कि सोमवार को सीनेट में शटडाउन समाप्त करने के लिए मतदान विफल रहा। दोनों दल एक-दूसरे को इस संकट का जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। रिपब्लिकन पार्टी के पास सीनेट और प्रतिनिधि सभा दोनों पर नियंत्रण है,लेकिन सीनेट में उनके पास बिल पारित करने के लिए जरूरी 60 वोटों में से आठ वोट कम हैं। इस वजह से कोई निर्णायक कदम नहीं उठाया जा सका और शटडाउन जारी रहा।

व्हाइट हाउस की ओर से चेतावनी दी गई है कि यदि यह शटडाउन लंबा चला तो कई सरकारी कर्मचारियों की नौकरियों पर खतरा मंडरा सकता है। प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि बजट कार्यालय यह तय करने की प्रक्रिया में है कि किन कर्मचारियों को छुट्टी पर भेजा जाएगा और किन्हें हटाया जा सकता है। इस शटडाउन के चलते देश के लगभग 7,50,000 संघीय कर्मचारियों को अनिश्चितकालीन छुट्टी पर भेजा जा चुका है,जबकि कई अन्य कर्मचारियों को बिना वेतन के काम करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

शटडाउन की शुरुआत से ही प्रशासन ने डेमोक्रेटिक समर्थक 16 राज्यों के लिए 26 अरब डॉलर की राशि रोक दी है। इसमें न्यूयॉर्क के परिवहन परियोजनाओं के लिए 18 अरब डॉलर शामिल हैं,जो राज्य की योजना और विकास कार्यों को प्रभावित कर रहे हैं। शटडाउन के कारण शिक्षा,स्वास्थ्य,खाद्य सुरक्षा और पर्यावरण संबंधी कई योजनाएँ ठप हैं। सीमित सेवाओं के तहत फिलहाल सीमा सुरक्षा,कानून व्यवस्था और हवाई यातायात नियंत्रण जारी हैं,लेकिन जल्द ही खाद्य सहायता कार्यक्रम,सरकारी स्कूल,खाद्य निरीक्षण और राष्ट्रीय उद्यानों का संचालन भी प्रभावित हो सकता है।

सैन्य और नागरिक कर्मचारियों को बंद के दौरान वेतन नहीं मिल रहा है। विशेष रूप से लगभग 13,000 हवाई यातायात नियंत्रक बिना वेतन के काम कर रहे हैं। दूरसंचार विभाग ने हवाई यातायात नियंत्रकों की भर्ती और प्रशिक्षण जैसी अतिरिक्त गतिविधियों को रोक दिया है। परिवहन मंत्री सीन डफी ने चेतावनी दी है कि यदि शटडाउन जारी रहा,तो ग्रामीण इलाकों में हवाई सेवा के लिए चल रही सरकारी सहायता योजना के पैसे सप्ताह के अंत तक खत्म हो जाएँगे,जिससे छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में हवाई यात्रा पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

इस शटडाउन की वजह से अमेरिकी अर्थव्यवस्था के कुछ क्षेत्रों में भी अनिश्चितता बढ़ गई है। व्यापारियों और निवेशकों ने चेताया है कि अगर सरकारी कामकाज लंबी अवधि तक ठप रहा,तो इससे वित्तीय बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है। देश के प्रमुख शेयर बाजारों ने पहले ही इस संकट के कारण हल्की गिरावट दर्ज की है।

यह शटडाउन अमेरिका में सात साल बाद हुआ है। पिछली बार ऐसा शटडाउन डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल में 35 दिन तक चला था,जो अमेरिकी इतिहास का सबसे लंबा शटडाउन माना जाता है। उस समय भी सरकारी कर्मचारियों की बड़ी संख्या को बिना वेतन के काम करना पड़ा और कई सरकारी परियोजनाएँ ठप हो गई थीं। इस बार भी परिस्थिति काफी चुनौतीपूर्ण है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस शटडाउन के राजनीतिक और आर्थिक दोनों ही असर होंगे। राष्ट्रपति और डेमोक्रेट्स के बीच तनातनी से यह स्पष्ट है कि कोई भी दल पीछे हटने को तैयार नहीं है। रिपब्लिकन पार्टी का जोर है कि पहले सरकार को चालू किया जाए और फिर अन्य नीतिगत मुद्दों पर चर्चा हो। वहीं डेमोक्रेट्स की माँग है कि अमेरिकी नागरिकों के लिए स्वास्थ्य योजना और सामाजिक कल्याण पर कटौती वापस ली जाए।

राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में शटडाउन को “अभूतपूर्व अवसर” बताया था। उनके अनुसार यह समय सरकार के वित्तीय प्रबंधन और नीतिगत सुधारों के लिए उपयोग किया जा सकता है,लेकिन आम अमेरिकी नागरिक और संघीय कर्मचारी इस अवसर को चुनौती के रूप में देख रहे हैं,क्योंकि उनका जीवन और रोजमर्रा की सुविधाएँ इस शटडाउन से प्रभावित हो रही हैं।

इस शटडाउन ने देश में राजनीतिक वर्चस्व और सरकार की कार्यक्षमता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह स्थिति लंबे समय तक रही,तो न केवल सरकारी कर्मचारियों की वित्तीय स्थिति प्रभावित होगी,बल्कि आम जनता भी सरकारी सेवाओं के अभाव में परेशान हो सकती है।

इसके साथ ही यह शटडाउन अंतर्राष्ट्रीय रूप से अमेरिका की छवि पर भी असर डाल सकता है। व्यापारिक और वित्तीय साझेदार इस बात को लेकर चिंतित हैं कि सरकार की स्थिरता और नीतिगत निर्णय लेने की क्षमता पर संकट आया है।

फिलहाल,राष्ट्रपति ट्रंप और डेमोक्रेट्स के बीच बातचीत जारी है,लेकिन दोनों पक्षों के बीच दूरी और मतभेद स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। प्रशासन ने यह आश्वासन दिया है कि हवाई यातायात और सुरक्षा जैसी आवश्यक सेवाएँ अभी भी जारी रहेंगी,लेकिन अन्य विभाग और योजनाएँ लंबी अवधि के लिए प्रभावित हो सकती हैं।

इस शटडाउन के चलते अमेरिकी जनता,संघीय कर्मचारी और व्यवसायिक संस्थाएँ सभी अनिश्चितता और तनाव की स्थिति में हैं। आने वाले दिनों में इस शटडाउन का राजनीतिक और आर्थिक परिणाम स्पष्ट होगा और यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राष्ट्रपति और कांग्रेस दोनों मिलकर इस संकट का समाधान कैसे निकालते हैं।