शुभमन गिल और विराट कोहली (तस्वीर क्रेडिट@rajeshkmrp)

राजकोट में सीरीज जीत की दहलीज पर टीम इंडिया,लेकिन इतिहास दे रहा है चुनौती का संकेत

राजकोट,14 जनवरी (युआईटीवी)- न्यूजीलैंड की टीम इस समय भारत दौरे पर है और दोनों टीमों के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली जा रही है। सीरीज के पहले मुकाबले में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार विकेट से जीत दर्ज की और 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। इस जीत के साथ ही भारत ने सीरीज में मनोवैज्ञानिक बढ़त बना ली है और अब उसकी नजरें दूसरे वनडे को जीतकर सीरीज अपने नाम करने पर होंगी। दूसरा मुकाबला बुधवार को गुजरात के राजकोट स्थित निरंजन शाह स्टेडियम में खेला जाएगा,जहाँ दोपहर 1.30 बजे से मैच की शुरुआत होगी,जबकि टॉस ठीक 1 बजे होगा।

पहले वनडे में भारतीय टीम ने संतुलित प्रदर्शन दिखाया। गेंदबाजों ने शुरुआती दबाव बनाया और बल्लेबाजों ने लक्ष्य का पीछा करते हुए संयम और आक्रामकता का सही मिश्रण पेश किया। इस जीत ने टीम के आत्मविश्वास को मजबूत किया है,खासकर तब जब भारत हाल के वर्षों में घरेलू सरजमीं पर वनडे क्रिकेट में बेहद मजबूत रहा है। हालाँकि,राजकोट का मैदान भारत के लिए अब तक उतना अनुकूल साबित नहीं हुआ है,जितना देश के अन्य क्रिकेट स्थलों पर देखा गया है।

अगर भारत और न्यूजीलैंड के वनडे हेड-टू-हेड रिकॉर्ड पर नजर डालें तो आँकड़े भारतीय टीम के पक्ष में जाते हैं। दोनों टीमों के बीच अब तक 121 वनडे मुकाबले खेले जा चुके हैं,जिनमें से भारत ने 63 मैचों में जीत हासिल की है,जबकि न्यूजीलैंड 50 मुकाबले जीतने में सफल रहा है। सात मैचों का कोई नतीजा नहीं निकल पाया,जबकि एक मैच टाई रहा। यह रिकॉर्ड साफ तौर पर बताता है कि भारत का पलड़ा भारी रहा है,लेकिन न्यूजीलैंड ने भी समय-समय पर भारतीय टीम को कड़ी चुनौती दी है।

घरेलू मैदानों पर भारत का दबदबा और भी मजबूत नजर आता है। भारत में खेले गए वनडे मुकाबलों में टीम इंडिया ने 31 मैच जीते हैं,जबकि न्यूजीलैंड को 26 मैचों में जीत मिली है। इसके अलावा विदेशी धरती पर भारत ने 14 वनडे मुकाबले जीते हैं,जबकि कीवी टीम को केवल आठ मैचों में सफलता मिली है। तटस्थ मैदानों की बात करें तो वहाँ मुकाबला लगभग बराबरी का रहा है। भारत ने 17,जबकि न्यूजीलैंड ने 16 वनडे मैचों में जीत दर्ज की है। यह आँकड़ें इस बात का संकेत देते हैं कि दोनों टीमों के बीच मुकाबले आमतौर पर बेहद प्रतिस्पर्धी रहे हैं।

हालाँकि,जब बात राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम की आती है,तो यहाँ भारत का रिकॉर्ड चिंता बढ़ाने वाला नजर आता है। इस मैदान पर अब तक चार वनडे मुकाबले खेले गए हैं,जिनमें से भारतीय टीम को तीन मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। यह आँकड़ा अपने आप में बताता है कि राजकोट भारत के लिए पारंपरिक रूप से भाग्यशाली मैदान नहीं रहा है।

भारत ने इस स्टेडियम में अपना पहला वनडे मुकाबला साल 2013 में इंग्लैंड के खिलाफ खेला था। उस मैच में भारतीय टीम को नौ रन से हार झेलनी पड़ी थी। इसके बाद 2015 में भारत का सामना दक्षिण अफ्रीका से हुआ,जहाँ मेहमान टीम ने 18 रन से जीत दर्ज की। 2020 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए वनडे में भारत ने इस मैदान पर अपनी इकलौती जीत हासिल की थी,जब उसने कंगारू टीम को 36 रन से हराया था। इसके बाद 27 सितंबर 2023 को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यहाँ आखिरी वनडे खेला गया,जिसमें भारतीय टीम को 66 रन से करारी हार का सामना करना पड़ा था।

इन आँकड़ों के बावजूद मौजूदा भारतीय टीम का आत्मविश्वास काफी ऊँचा है। घरेलू परिस्थितियों में भारतीय खिलाड़ियों की समझ और हालिया फॉर्म टीम को मजबूती देती है। बल्लेबाजी क्रम में गहराई और गेंदबाजी में विविधता भारत की सबसे बड़ी ताकत रही है। वहीं न्यूजीलैंड की टीम भी किसी भी हालत में हल्की नहीं आंकी जा सकती। कीवी टीम हमेशा से अनुशासित क्रिकेट खेलने के लिए जानी जाती है और दबाव के क्षणों में बेहतरीन प्रदर्शन करना उसकी पहचान रही है।

राजकोट की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए अनुकूल मानी जाती है,लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ता है,स्पिन गेंदबाजों को भी मदद मिल सकती है। ऐसे में टॉस की भूमिका अहम हो सकती है। दोनों टीमें पहले बल्लेबाजी कर बड़ा स्कोर खड़ा करना चाहेंगी,ताकि विपक्षी टीम पर दबाव बनाया जा सके। दोपहर में शुरू होने वाले मैच में गर्मी और उमस भी खिलाड़ियों की फिटनेस की परीक्षा ले सकती है।

सीरीज के लिहाज से यह मुकाबला बेहद अहम है। अगर भारत इस मैच में जीत दर्ज करता है,तो वह 2-0 की अजेय बढ़त के साथ सीरीज अपने नाम कर लेगा। वहीं न्यूजीलैंड की टीम इस मुकाबले को जीतकर सीरीज में वापसी करने की पूरी कोशिश करेगी। ऐसे में राजकोट का यह वनडे मुकाबला न सिर्फ आँकड़ों और इतिहास की कसौटी पर खरा उतरने वाला है,बल्कि रोमांच और प्रतिस्पर्धा से भरपूर होने की पूरी उम्मीद है। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें इस बात पर टिकी होंगी कि क्या टीम इंडिया राजकोट के खराब रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए सीरीज जीत की मुहर लगा पाएगी या फिर न्यूजीलैंड इस मैदान पर इतिहास दोहराने में सफल रहेगा।