वाशिंगटन,5 मार्च (युआईटीवी)- मिडिल ईस्ट में लगातार बढ़ते युद्ध और सुरक्षा संकट के बीच संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए बड़ा कदम उठाया है। क्षेत्र में बढ़ते सैन्य संघर्ष और अस्थिर स्थिति को देखते हुए अमेरिकी सरकार ने हजारों नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए चार्टर्ड फ्लाइट्स की व्यवस्था शुरू कर दी है। अमेरिकी विदेश विभाग ने पुष्टि की है कि बुधवार को अमेरिकी नागरिकों को लेकर एक विशेष चार्टर्ड विमान मिडिल ईस्ट से अमेरिका के लिए रवाना हुआ। यह अभियान ऐसे समय में शुरू किया गया है,जब पूरे क्षेत्र में सुरक्षा हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं और कई देशों में विदेशी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ गई हैं।
अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह निकासी अभियान केवल एक या दो उड़ानों तक सीमित नहीं रहेगा,बल्कि आने वाले दिनों में इसका दायरा और बढ़ाया जाएगा। विभाग के अनुसार,मिडिल ईस्ट के कई देशों में रहने वाले अमेरिकियों की सहायता के लिए व्यापक योजना बनाई गई है। सरकार का लक्ष्य है कि जो भी अमेरिकी नागरिक क्षेत्र छोड़कर स्वदेश लौटना चाहते हैं,उन्हें सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से वापस लाया जाए।
विदेश विभाग ने स्पष्ट किया कि वह विशेष रूप से खाड़ी क्षेत्र और इजरायल में रह रहे अमेरिकियों की सहायता कर रहा है। इस अभियान के तहत संयुक्त अरब अमीरात,कतर,सऊदी अरब और इजरायल में रहने वाले अमेरिकी नागरिकों के लिए सहायता तंत्र सक्रिय किया गया है। अधिकारियों के अनुसार इन देशों में बड़ी संख्या में अमेरिकी नागरिक रहते हैं,जिनमें कारोबारी,छात्र,पेशेवर और परिवार शामिल हैं। क्षेत्र में तनाव बढ़ने के बाद इनमें से कई लोग सुरक्षित स्थान पर जाने या अमेरिका लौटने की कोशिश कर रहे हैं।
अमेरिकी विदेश विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि जो लोग क्षेत्र छोड़ना चाहते हैं,वे विभाग द्वारा बनाए गए विशेष ‘क्राइसिस इंटेक सिस्टम’ में अपना पंजीकरण कराएँ। यह एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है,जिसके माध्यम से नागरिक अपनी स्थिति और यात्रा की जरूरतों की जानकारी सरकार तक पहुँचा सकते हैं। इस प्रणाली के जरिए अमेरिकी अधिकारी यह तय कर पा रहे हैं कि किन स्थानों से निकासी की आवश्यकता सबसे अधिक है और वहाँ किस प्रकार की व्यवस्था की जानी चाहिए।
इसके साथ ही,अमेरिकी विदेश विभाग ने 24 घंटे सक्रिय रहने वाली एक इमरजेंसी टास्क फोर्स भी बनाई है,जो मिडिल ईस्ट में मौजूद नागरिकों को लगातार जानकारी और सहायता उपलब्ध करा रही है। यह टास्क फोर्स यात्रा मार्गदर्शन,सुरक्षा सलाह और परिवहन व्यवस्था के बारे में नागरिकों को अपडेट दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि युद्ध जैसे संवेदनशील हालात में सटीक और समय पर जानकारी उपलब्ध कराना बेहद महत्वपूर्ण होता है।
अमेरिकी विदेश विभाग के सहायक सचिव डायलन जॉनसन ने इस निकासी अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि पिछले कुछ दिनों में बड़ी संख्या में अमेरिकी नागरिक सुरक्षित घर लौट चुके हैं। उन्होंने कहा कि 28 फरवरी से अब तक 17,500 से अधिक अमेरिकी नागरिक मिडिल ईस्ट से अमेरिका वापस आ चुके हैं। यह संख्या लगातार बढ़ रही है क्योंकि कई और लोग अभी भी क्षेत्र छोड़ने की प्रक्रिया में हैं।
जॉनसन ने बताया कि कुछ अमेरिकी नागरिक पहले ही मिडिल ईस्ट के देशों से निकल चुके हैं,लेकिन वे अभी भी दूसरे देशों के रास्ते अमेरिका लौटने की यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे नागरिकों को भी लगातार सहायता दे रही है,ताकि उनकी यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से पूरी हो सके। अमेरिकी सरकार ने इस पूरे अभियान में कई विकल्प उपलब्ध कराए हैं,जिनमें कमर्शियल फ्लाइट्स, चार्टर्ड विमानों और जमीनी परिवहन के साधनों का उपयोग शामिल है।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार,विदेश विभाग की 24/7 इमरजेंसी टास्क फोर्स ने अब तक विदेश में मौजूद लगभग 6,500 अमेरिकियों की सीधे मदद की है। इस सहायता में सुरक्षा दिशा-निर्देश देना,यात्रा विकल्पों की जानकारी देना और जरूरत पड़ने पर निकासी की व्यवस्था करना शामिल है। विभाग का कहना है कि जब तक क्षेत्र में तनाव कम नहीं होता,तब तक यह सहायता अभियान जारी रहेगा।
निकासी अभियान की संवेदनशीलता को देखते हुए अमेरिकी सरकार ने इसके संचालन से जुड़ी कई जानकारियों को सार्वजनिक नहीं करने का फैसला किया है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा कारणों से ऑपरेशन से संबंधित विस्तृत जानकारी सीमित रखी जा रही है। हालाँकि,इतना जरूर बताया गया है कि इस मिशन को सफल बनाने के लिए सैकड़ों अमेरिकी अधिकारी और कर्मचारी मिडिल ईस्ट के विभिन्न हिस्सों में तैनात किए गए हैं।
अमेरिकी विदेश विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता अपने नागरिकों को खतरे वाले इलाकों से सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि इसके लिए अमेरिकी दूतावासों और कांसुलेटों के कर्मचारी लगातार काम कर रहे हैं और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर रहे हैं। अधिकारी ने कहा कि जहाँ भी संभव होगा,वहाँ नागरिकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाने के लिए हर संभव विकल्प का उपयोग किया जाएगा।
मिडिल ईस्ट में इस तरह के बड़े पैमाने पर निकासी अभियान पहले भी चलाए जा चुके हैं। इतिहास में कई ऐसे मौके आए हैं,जब युद्ध या गंभीर संकट की स्थिति में अमेरिकी सरकार को अपने नागरिकों को क्षेत्र से निकालना पड़ा। उदाहरण के तौर पर इराक युद्ध के दौरान भी हजारों अमेरिकियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाया गया था। इसी तरह 2006 में लेबनान संकट 2006 के दौरान भी अमेरिकी सरकार ने व्यापक निकासी अभियान चलाया था,जिसमें बड़ी संख्या में नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा स्थिति भी उतनी ही गंभीर हो सकती है,इसलिए अमेरिकी सरकार पहले से ही तैयारी कर रही है। मिडिल ईस्ट में जारी सैन्य तनाव ने क्षेत्रीय स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और कई देशों ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
अमेरिका का यह निकासी अभियान इस बात को दर्शाता है कि क्षेत्र में स्थिति कितनी संवेदनशील बनी हुई है। हजारों नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदम यह संकेत देते हैं कि आने वाले दिनों में हालात और जटिल हो सकते हैं। ऐसे में अमेरिकी प्रशासन अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए हर संभव उपाय कर रहा है,ताकि उन्हें सुरक्षित घर वापस लाया जा सके।
