इंदौर,18 मार्च (युआईटीवी)- मध्य प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक शहर इंदौर में बुधवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। शहर के बंगाली चौराहा स्थित बृजेश्वरी कॉलोनी में एक रिहायशी मकान में आग लगने से आठ लोगों की मौत हो गई,जबकि कई अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार,यह हादसा कार चार्जिंग के दौरान हुए शॉर्ट सर्किट की वजह से हुआ,जिसने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया।
बताया जा रहा है कि घटना के समय मकान में एक कार को चार्ज किया जा रहा था। इसी दौरान अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ और चिंगारी से आग भड़क उठी। शुरुआत में छोटी लगने वाली यह आग देखते ही देखते पूरी इमारत में फैल गई और लपटों ने चारों तरफ अपना कब्जा जमा लिया। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि घर के अंदर रखे गैस सिलेंडर भी इसकी चपेट में आ गए। इसके बाद एक-एक कर सिलेंडरों में जोरदार धमाके होने लगे,जिससे स्थिति और भयावह हो गई।
धमाकों के कारण मकान का कुछ हिस्सा भी ढह गया,जिससे अंदर फँसे लोगों के लिए बाहर निकलना और भी मुश्किल हो गया। आग और धुएँ के बीच बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई। इसी दौरान एक और गंभीर समस्या सामने आई—मकान के कमरों में लगे डिजिटल लॉक बिजली बंद होने के कारण खुल नहीं पाए। इस वजह से कई लोग अपने कमरों में ही फंस गए और बाहर नहीं निकल सके,जिससे उनकी दर्दनाक मौत हो गई।
घटना के समय कई लोग गहरी नींद में थे और उन्हें बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। आग और धुएँ ने तेजी से पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय लोगों ने शोर मचाकर और मदद के लिए पुकारकर लोगों को बचाने की कोशिश की,लेकिन आग की भयावहता के सामने उनके प्रयास सीमित साबित हुए। बाद में दमकल विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुँचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
इस हादसे में कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए,जिन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार,कुछ घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है और उनका इलाज जारी है। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य को प्राथमिकता देते हुए पूरे क्षेत्र को घेर लिया और आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया।
घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और भय का माहौल है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को सँभलने का मौका नहीं मिला। गैस सिलेंडरों के धमाकों ने स्थिति को और भी खतरनाक बना दिया। लोगों ने बताया कि धमाकों की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी,जिससे आसपास के इलाकों में भी दहशत फैल गई।
इस दुखद घटना पर राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इंदौर में हुई यह अग्नि दुर्घटना अत्यंत पीड़ादायक है और इसमें जान गंवाने वाले नागरिकों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन समय में सरकार उनके साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगतों की आत्मा की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। साथ ही उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि घटना की विस्तृत जाँच की जाए और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएँ।
प्रारंभिक जाँच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने का मुख्य कारण माना जा रहा है,लेकिन अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मामले की गहन जाँच की जाएगी। यह भी जाँच की जाएगी कि क्या इमारत में सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं और डिजिटल लॉक जैसी व्यवस्थाएँ आपात स्थिति में कितनी सुरक्षित हैं।
यह हादसा एक बार फिर शहरी क्षेत्रों में बढ़ती तकनीकी सुविधाओं के साथ सुरक्षा मानकों की आवश्यकता को उजागर करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग और गैस सिलेंडरों जैसी ज्वलनशील वस्तुओं के साथ अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है,ताकि ऐसी त्रासदियों से बचा जा सके। फिलहाल,इंदौर इस दर्दनाक हादसे के सदमे में है और लोग पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएँ व्यक्त कर रहे हैं।
