नई दिल्ली,5 जून (युआईटीवी)- भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर-बल्लेबाज केएस भरत ने गुरुवार को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। 32 वर्षीय क्रिकेटर ने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा करते हुए अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर को अलविदा कहा। भरत का यह फैसला भारतीय क्रिकेट जगत के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण माना जा रहा है,क्योंकि उन्होंने लंबे संघर्ष,धैर्य और मेहनत के बाद देश के लिए खेलने का सपना पूरा किया था।
केएस भरत उन खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं,जिन्होंने घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम तक का सफर तय किया। हालाँकि,उनका अंतर्राष्ट्रीय करियर लंबा नहीं रहा,लेकिन देश के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलने का अवसर उनके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक रहा। उन्होंने वर्ष 2023 से 2024 के बीच भारत के लिए सात टेस्ट मैच खेले और विकेटकीपर के रूप में अपनी जिम्मेदारियाँ निभाईं।
संन्यास की घोषणा करते हुए भरत ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक विस्तृत संदेश लिखा। उन्होंने कहा कि गर्व और कृतज्ञता से भरे दिल के साथ वह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले रहे हैं। उन्होंने लिखा कि अपने देश का प्रतिनिधित्व करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है। इस यात्रा में उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा,लेकिन भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलने का सपना पूरा होना हर संघर्ष को सार्थक बना गया।
अपने संदेश में भरत ने अपने परिवार को विशेष रूप से धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया कि उनके परिवार के चार सदस्यों ने लगभग दो दशकों तक एक ही सपना देखा और उसे पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास किया। उन्होंने अपनी बहन,माता और पिता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके प्रेम,अनुशासन और निरंतर समर्थन के बिना वह इस मुकाम तक नहीं पहुँच सकते थे। भरत ने स्वीकार किया कि उनकी सफलता उनके परिवार के त्याग और विश्वास का परिणाम है।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड,कोचों और टीम प्रबंधन का आभार व्यक्त करते हुए भरत ने कहा कि उन्हें हमेशा सीखने और आगे बढ़ने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि विभिन्न स्तरों पर मिले मार्गदर्शन और सहयोग ने उन्हें एक बेहतर खिलाड़ी बनने में मदद की। उन्होंने उन सभी कोचों और प्रबंधकों को धन्यवाद दिया जिन्होंने उनके करियर के दौरान उनका साथ दिया और उन्हें उच्चतम स्तर पर खेलने के लिए प्रेरित किया।
आंध्र क्रिकेट संघ और विशाखापत्तनम जिला क्रिकेट संघ का जिक्र करते हुए भरत ने कहा कि बचपन से लेकर पेशेवर क्रिकेटर बनने तक इन संस्थाओं ने उन्हें लगातार समर्थन दिया। उन्होंने मैदानकर्मियों के योगदान को भी याद किया और कहा कि अच्छी पिचों और बेहतरीन खेल परिस्थितियों को तैयार करने में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है। भरत ने कहा कि खिलाड़ियों की सफलता के पीछे ऐसे कई लोग होते हैं,जिनका नाम अक्सर सामने नहीं आता,लेकिन उनका योगदान अमूल्य होता है।
अपने साथ खेलने वाले साथियों को याद करते हुए भरत ने कहा कि उनके साथ बिताए गए पल और साझा उपलब्धियाँ हमेशा उनकी यादों का हिस्सा रहेंगी। उन्होंने कहा कि टीम के साथियों के सहयोग और विश्वास ने उन्हें कठिन परिस्थितियों में आगे बढ़ने की ताकत दी। उनके अनुसार क्रिकेट केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों का खेल नहीं है,बल्कि यह सामूहिक प्रयास और टीम भावना का प्रतीक है।
भरत ने अपने आईपीएल करियर में अहम भूमिका निभाने वाले विराट कोहली का भी विशेष रूप से धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि आईपीएल में पदार्पण के दौरान विराट कोहली ने उन पर भरोसा जताया और अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दिया। भरत के अनुसार यह अवसर उनके करियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ और इससे उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने में मदद मिली।
उन्होंने भारतीय टीम में पदार्पण का अवसर देने के लिए रोहित शर्मा का भी आभार व्यक्त किया। भरत ने कहा कि रोहित शर्मा की कप्तानी में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करना उनके जीवन के सबसे यादगार अनुभवों में से एक है। उन्होंने बताया कि भारतीय टीम की जर्सी पहनना और मैदान पर राष्ट्रगान सुनना ऐसा अनुभव है,जिसे शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं है।
पूर्व भारतीय मुख्य कोच राहुल द्रविड़ के प्रति भी भरत ने गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारत-ए से लेकर राष्ट्रीय टीम तक राहुल द्रविड़ का मार्गदर्शन उनके करियर का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। भरत ने माना कि द्रविड़ के सहयोग और विश्वास ने उन्हें भारतीय टेस्ट क्रिकेटर बनने की दिशा में आगे बढ़ने का आत्मविश्वास दिया।
केएस भरत को पहली बार नवंबर 2019 में भारतीय टीम में शामिल किया गया था। हालाँकि,उन्हें अंतर्राष्ट्रीय पदार्पण के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। आखिरकार फरवरी 2023 में उन्हें टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण का मौका मिला। यह अवसर उस समय आया,जब नियमित विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत गंभीर कार दुर्घटना के बाद चोटों से उबर रहे थे और टीम से बाहर थे। भरत ने इस दौरान भारतीय टीम की विकेटकीपिंग जिम्मेदारी सँभाली और अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।
घरेलू क्रिकेट में भरत का रिकॉर्ड बेहद प्रभावशाली रहा है। वह रणजी ट्रॉफी के इतिहास में तिहरा शतक लगाने वाले पहले विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं। वर्ष 2014-15 के रणजी ट्रॉफी सत्र में उन्होंने गोवा के खिलाफ आंध्र की ओर से खेलते हुए 311 गेंदों में 308 रन की शानदार पारी खेली थी। यह उपलब्धि भारतीय घरेलू क्रिकेट के इतिहास में एक विशेष स्थान रखती है और आज भी उनके करियर की सबसे यादगार पारियों में गिनी जाती है।
प्रथम श्रेणी क्रिकेट में भरत का प्रदर्शन लगातार प्रभावशाली रहा। उन्होंने 113 प्रथम श्रेणी मैचों में 36.53 की औसत से 6102 रन बनाए। इसके अलावा लिस्ट-ए क्रिकेट में उन्होंने 2692 रन और टी-20 क्रिकेट में 1812 रन अपने नाम किए। इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि वह घरेलू स्तर पर लगातार प्रदर्शन करने वाले भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल रहे हैं।
हालाँकि,अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उन्हें अधिक अवसर नहीं मिले,लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करते रहे। भारतीय क्रिकेट में उनकी पहचान एक ऐसे खिलाड़ी के रूप में रही जिसने लंबे इंतजार के बाद राष्ट्रीय टीम तक पहुँचने का सपना पूरा किया। उनका करियर इस बात का उदाहरण है कि प्रतिभा के साथ धैर्य और समर्पण भी सफलता के लिए उतने ही आवश्यक होते हैं।
अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के साथ केएस भरत के करियर का एक महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त हो गया है,लेकिन भारतीय क्रिकेट में उनका योगदान और संघर्ष की कहानी हमेशा याद की जाएगी। घरेलू क्रिकेट में उनके रिकॉर्ड,भारतीय टीम के लिए निभाई गई भूमिका और खेल के प्रति उनका समर्पण युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। क्रिकेट प्रेमी उन्हें एक ऐसे खिलाड़ी के रूप में याद रखेंगे,जिसने हर चुनौती का सामना करते हुए अपने सपनों को साकार किया और भारतीय क्रिकेट के इतिहास में अपनी एक अलग पहचान बनाई।
