प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

गुजरात दौरे पर प्रधानमंत्री मोदी: शहरी विकास की नई परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार,दो दशक की उपलब्धियों का होगा प्रदर्शन

गांधीनगर,25 मार्च (युआईटीवी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,31 मार्च को गुजरात के दौरे पर जा रहे हैं,जहाँ वे शहरी विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है,जब गुजरात पिछले दो दशकों में तेज शहरीकरण और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की दिशा में एक नई पहचान बना चुका है। इस यात्रा को न केवल विकास कार्यों की निरंतरता के रूप में देखा जा रहा है,बल्कि यह राज्य के शहरी परिवर्तन की 20 साल की यात्रा का प्रतीक भी है।

दरअसल,वर्ष 2005 में जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे,तब उन्होंने उस वर्ष को ‘शहरी वर्ष’ घोषित किया था। इस पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य के शहरों में बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करना और शहरी जीवन को अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाना था। अब 2025 तक आते-आते इस पहल के 20 वर्ष पूरे हो चुके हैं,जिसे राज्य सरकार एक उपलब्धि के रूप में देख रही है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री का यह दौरा विशेष महत्व रखता है,क्योंकि यह दो दशकों के विकास कार्यों की समीक्षा और भविष्य की योजनाओं की दिशा तय करने का अवसर भी प्रदान करेगा।

राज्य सरकार के अनुसार,इन 20 वर्षों में गुजरात ने शहरी विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। शहरों में सड़कों का विस्तार,आधुनिक स्ट्रीट लाइट व्यवस्था,पीने के पानी की पाइपलाइन,सीवरेज सिस्टम और हरित क्षेत्रों के विकास जैसे कई कार्यों को प्राथमिकता दी गई। इसके साथ ही,आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आवासीय योजनाओं को भी बड़े स्तर पर लागू किया गया,जिससे शहरी क्षेत्रों में रहने की स्थिति में सुधार आया।

वर्तमान में भूपेन्द्र पटेल के नेतृत्व वाली राज्य सरकार इस विकास की गति को बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। हाल ही में राज्य बजट में वर्ष 2025 को ‘शहरी विकास वर्ष’ घोषित किया गया, जिससे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि सरकार आने वाले समय में भी शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को प्राथमिकता देने जा रही है।

गुजरात में परिवहन अवसंरचना के क्षेत्र में भी व्यापक विस्तार हुआ है। सड़क,रेल और हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए कई महत्वाकांक्षी परियोजनाएँ शुरू की गई हैं। बढ़ते शहरी ट्रैफिक को ध्यान में रखते हुए अहमदाबाद,राजकोट,वडोदरा और सूरत जैसे प्रमुख शहरों में ओवरब्रिज और अंडरब्रिज का निर्माण किया जा रहा है,जिससे यातायात को सुगम बनाया जा सके।

धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रों को भी बेहतर कनेक्टिविटी से जोड़ा गया है। सुदर्शन सेतु के निर्माण के साथ द्वारका और बेट द्वारका के बीच आवागमन अब पहले से कहीं अधिक आसान हो गया है। इस पुल के साथ-साथ अप्रोच रोड और पार्किंग सुविधाओं का भी विकास किया गया है,जिससे तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को बड़ी सुविधा मिल रही है।

राज्य में कई बड़े हाईवे और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर भी तेजी से काम चल रहा है। इनमें वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे,जामनगर-भटिंडा हाईवे और पोरबंदर-द्वारका नेशनल हाईवे जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं। इसके अलावा,दो नए ग्रीनफील्ड कॉरिडोर—‘नमो शक्ति एक्सप्रेसवे’ और ‘सोमनाथ-द्वारका एक्सप्रेसवे’ की घोषणा भी की गई है,जो क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को और मजबूत करेंगे। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद राज्य के विभिन्न हिस्सों के बीच आवागमन और व्यापार गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है।

शहरी परिवहन के क्षेत्र में भी गुजरात ने उल्लेखनीय प्रगति की है। अहमदाबाद मेट्रो का दूसरा चरण हाल ही में पूरा हुआ है,जिससे अहमदाबाद और गांधीनगर के बीच कनेक्टिविटी में सुधार हुआ है। वहीं सूरत मेट्रो परियोजना पर भी तेजी से काम चल रहा है और इसके लिए 24 ट्रेनसेट का ऑर्डर दिया जा चुका है। यह परियोजना सूरत जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

रेलवे क्षेत्र में भी कई सुधारात्मक पहल की गई हैं। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना पर तेजी से काम जारी है,जो भारत की पहली हाई-स्पीड रेल परियोजना है। इसके अलावा, ‘वंदे भारत’ ट्रेनों की संख्या में भी लगातार वृद्धि हुई है। सितंबर 2022 में शुरू हुई पहली वंदे भारत ट्रेन के बाद अब तक पाँच ऐसी ट्रेनें राज्य में संचालित हो चुकी हैं।

रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण के लिए अमृत ​​भारत स्टेशन योजना के तहत गुजरात के 89 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। इनमें से 18 स्टेशनों का उद्घाटन हो चुका है,जबकि बाकी पर काम जारी है। इन स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को बेहतर अनुभव मिल सके।

हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भी राज्य ने महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं। राजकोट में हीरासर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण 1,405 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है, जबकि सूरत अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को 3,400 करोड़ रुपये के निवेश से विकसित किया गया है। इसके अलावा,उड़ान योजना के तहत क्षेत्रीय हवाई सेवाओं का विस्तार किया गया है, जिससे छोटे शहरों को भी बेहतर हवाई संपर्क मिल रहा है।

शहरी सुविधाओं के विकास के लिए जल आपूर्ति और सीवरेज सिस्टम को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। अमृत ​​2.0 योजना के तहत कई परियोजनाएँ लागू की गई हैं,जिनका उद्देश्य शहरों में बुनियादी सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है। इससे नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार के साथ-साथ स्वच्छता और स्वास्थ्य से जुड़े मानकों को भी मजबूती मिली है।

प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा न केवल इन परियोजनाओं को नई गति देगा,बल्कि राज्य में विकास की दिशा को और स्पष्ट करेगा। यह दौरा ऐसे समय पर हो रहा है,जब गुजरात शहरीकरण के नए मानक स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस दौरान जिन परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया जाएगा,वे आने वाले वर्षों में राज्य के विकास को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी।

गुजरात का यह विकास मॉडल देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री का यह दौरा इस मॉडल को और मजबूत करने तथा भविष्य की योजनाओं को दिशा देने का एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हो सकता है।