दक्षिण अफ्रीका महिला क्रिकेट टीम (तस्वीर क्रेडिट@gsport4girls)

दक्षिण अफ्रीका महिला क्रिकेट टीम की दमदार जीत,भारत को 8 विकेट से हराकर सीरीज में 2-0 की बढ़त

डरबन,20 अप्रैल (युआईटीवी)- रविवार को किंग्समीड में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका महिला क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय महिला क्रिकेट टीम को 8 विकेट से करारी शिकस्त दी। इस जीत के साथ ही मेजबान टीम ने पाँच मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त हासिल कर ली है और अब भारतीय टीम पर वापसी का दबाव साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। सीरीज के बाकी मुकाबले 22, 25 और 27 अप्रैल को खेले जाएँगे,जहाँ भारत के पास सम्मान बचाने और वापसी करने का आखिरी मौका होगा।

टॉस गंवाने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत ठीक-ठाक रही, लेकिन वह उसे बड़े स्कोर में तब्दील नहीं कर सकी। सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने तेज शुरुआत देते हुए 2.2 ओवर में 22 रन जोड़ दिए। हालाँकि,यह साझेदारी ज्यादा देर टिक नहीं सकी और मंधाना 7 गेंदों में 12 रन बनाकर आउट हो गईं। उनके आउट होने के बाद टीम की रन गति पर थोड़ा असर पड़ा।

इसके बाद शेफाली वर्मा ने जेमिमा रोड्रिग्स के साथ मिलकर पारी को सँभालने की कोशिश की,लेकिन यह साझेदारी भी ज्यादा बड़ी नहीं बन सकी। रोड्रिगेज महज 2 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं और भारत ने 46 के स्कोर पर अपना दूसरा विकेट गंवा दिया। शुरुआती झटकों के बावजूद शेफाली एक छोर सँभाले रहीं और टीम को आगे बढ़ाने का प्रयास करती रहीं।

मध्यक्रम में शेफाली को अनुष्का शर्मा का साथ मिला,जिनके साथ उन्होंने तीसरे विकेट के लिए 53 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। इस दौरान दोनों बल्लेबाजों ने संयम और आक्रामकता का संतुलन बनाए रखा,जिससे टीम 100 के करीब पहुँच सकी। अनुष्का ने 31 गेंदों में 28 रन बनाए,जिसमें 3 चौके शामिल थे। हालाँकि,उनके आउट होते ही भारतीय पारी लड़खड़ा गई।

इसके बाद भारतीय टीम के विकेट लगातार गिरते गए और कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर टिककर बड़ी पारी नहीं खेल सका। शेफाली वर्मा ने जरूर संघर्ष करते हुए 38 गेंदों में 57 रन बनाए,जिसमें 2 छक्के और 7 चौके शामिल थे। उनकी यह पारी भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ा सकारात्मक पक्ष रही,लेकिन अन्य बल्लेबाजों के असफल रहने के कारण टीम अंतिम गेंद पर 147 रन पर सिमट गई।

दक्षिण अफ्रीका की ओर से गेंदबाजी में तुमी सेखुखुने और क्लो ट्रायोन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3-3 विकेट झटके। इसके अलावा नादिन डी क्लार्क और नॉनकुलुलेको म्लाबा ने भी 1-1 विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाजी को पूरी तरह दबाव में रखा।

147 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। सलामी बल्लेबाज लौरा वोल्वार्ड्ट और सुने लुस ने भारतीय गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया और पहले विकेट के लिए 12 ओवर में 106 रन जोड़ दिए। इस साझेदारी ने मैच का रुख पूरी तरह दक्षिण अफ्रीका की ओर मोड़ दिया।

वोल्वार्ड्ट ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 34 गेंदों में 54 रन बनाए,जिसमें 1 छक्का और 7 चौके शामिल थे। उनके आउट होने के बाद भी दक्षिण अफ्रीका की पकड़ मैच पर मजबूत बनी रही। दूसरी ओर,सुने लुस ने कप्तानी पारी खेलते हुए 46 गेंदों में 57 रन बनाए और टीम को जीत के करीब पहुँचाया।

हालाँकि,124 के स्कोर तक दक्षिण अफ्रीका ने अपने दोनों सलामी बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए थे,लेकिन तब तक मैच लगभग उनके हाथ में आ चुका था। इसके बाद ताजमिन ब्रित्स और एनेके बॉश (एनेरी डर्कसेन के रूप में संदर्भित) ने संयमित बल्लेबाजी करते हुए 12 गेंदों में 24 रन की नाबाद साझेदारी की और टीम को 17.1 ओवर में ही जीत दिला दी।

इस जीत के साथ दक्षिण अफ्रीका ने सीरीज में मजबूत स्थिति बना ली है,जबकि भारतीय टीम के लिए आगे का रास्ता चुनौतीपूर्ण हो गया है। भारत को अगर सीरीज में बने रहना है,तो अगले मुकाबलों में बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में सुधार करना होगा। खासकर मध्यक्रम की कमजोरी और गेंदबाजों की लय चिंता का विषय बनी हुई है।

अब सभी की नजरें 22 अप्रैल को होने वाले तीसरे टी20 मुकाबले पर टिकी होंगी,जहाँ भारतीय टीम वापसी की कोशिश करेगी,जबकि दक्षिण अफ्रीका सीरीज पर कब्जा जमाने के इरादे से उतरेगी।