नई दिल्ली,20 अप्रैल (युआईटीवी)- अफगानिस्तान के स्टार लेग स्पिनर राशिद खान ने अपनी नई किताब ‘राशिद खान: फ्रॉम स्ट्रीट्स टू स्टारडम’ में एक ऐसा खुलासा किया है,जिसने क्रिकेट जगत में चर्चा का नया दौर शुरू कर दिया है। दुनिया के सर्वश्रेष्ठ टी20 गेंदबाजों में शुमार राशिद ने बताया कि उन्हें भारत और ऑस्ट्रेलिया जैसे बड़े क्रिकेट देशों से नागरिकता और वहाँ से खेलने का प्रस्ताव मिला था,लेकिन उन्होंने इसे ठुकराते हुए अपने देश अफगानिस्तान के प्रति अपनी निष्ठा को सर्वोपरि रखा।
राशिद खान की यह आत्मकथा उनके संघर्ष,सफलता और देश के प्रति समर्पण की कहानी को सामने लाती है। किताब में उन्होंने अपने जीवन के कई अनसुने पहलुओं का जिक्र किया है,जिनमें से एक यह भी है कि कैसे उन्हें अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर अवसरों के लिए दूसरे देशों से ऑफर मिले,लेकिन इन प्रस्तावों के बावजूद उन्होंने अपने देश को छोड़ने का विचार तक नहीं किया।
राशिद ने 2023 के इंडियन प्रीमियर लीग सीजन के दौरान घटी एक घटना का विस्तार से जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि उनकी टीम के एक अधिकारी ने उनसे कहा कि भारतीय क्रिकेट जगत की एक बड़ी हस्ती उनसे मिलना चाहती है। इस मुलाकात के दौरान जो बातचीत हुई,उसने उन्हें कुछ समय के लिए हैरान जरूर किया,लेकिन उनके फैसले को और भी मजबूत बना दिया।
राशिद ने लिखा कि जब वह उस शख्स से मिले,तो उन्होंने उन्हें भारत में बसने और यहीं क्रिकेट खेलने का प्रस्ताव दिया। उस व्यक्ति ने उनसे कहा कि अफगानिस्तान के हालात ठीक नहीं हैं और उन्हें भारत आकर बस जाना चाहिए। साथ ही यह भी भरोसा दिलाया गया कि उन्हें भारतीय दस्तावेज उपलब्ध करा दिए जाएँगे,जिससे वह आसानी से यहाँ रह सकें और क्रिकेट खेल सकें। इस प्रस्ताव को सुनकर राशिद कुछ पल के लिए चौंक गए,क्योंकि यह उनके करियर के लिए एक बड़ा अवसर हो सकता था।
हालाँकि,उन्होंने बेहद शालीनता और स्पष्टता के साथ इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। राशिद ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि वह अपने देश अफगानिस्तान के लिए खेल रहे हैं और वही उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह साफ कर दिया कि वह अपने देश को छोड़कर किसी अन्य देश के लिए खेलने के बारे में नहीं सोच सकते।
राशिद ने अपनी किताब में यह भी खुलासा किया कि सिर्फ भारत ही नहीं,बल्कि ऑस्ट्रेलिया से भी उन्हें इसी तरह का प्रस्ताव मिला था। दोनों देशों ने उन्हें नागरिकता देने और वहाँ से खेलने का विकल्प दिया था,लेकिन उन्होंने दोनों ही प्रस्तावों को अस्वीकार कर दिया। उन्होंने लिखा कि अगर वह अपने देश के लिए नहीं खेलेंगे,तो किसी और देश के लिए भी नहीं खेलेंगे। यह बयान उनके देशप्रेम और समर्पण को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
क्रिकेट जगत में यह कोई नई बात नहीं है कि खिलाड़ी बेहतर सुविधाओं और अवसरों के लिए दूसरे देशों का रुख करते हैं,लेकिन राशिद खान का यह फैसला उन्हें अलग पहचान देता है। अफगानिस्तान जैसे संघर्षशील देश से आने वाले खिलाड़ी के लिए यह निर्णय आसान नहीं था,लेकिन उन्होंने अपने देश की जर्सी को प्राथमिकता दी।
राशिद खान आज न सिर्फ अफगानिस्तान के सबसे बड़े क्रिकेट सितारे हैं,बल्कि वह वैश्विक स्तर पर भी एक बड़ा नाम बन चुके हैं। उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और प्रदर्शन के दम पर दुनिया भर की टी20 लीग्स में अपनी जगह बनाई है। उनकी गेंदबाजी के सामने बड़े-बड़े बल्लेबाज संघर्ष करते नजर आते हैं।
इस बीच,राशिद खान ने अपने निजी जीवन से जुड़ी एक खुशखबरी भी साझा की है। उन्होंने हाल ही में सोशल मीडिया के जरिए अपने बेटे के जन्म की जानकारी दी। इस खास मौके पर उन्होंने अपने नवजात बेटे का नाम अजलान खान रखा है। राशिद ने एक भावुक पोस्ट के साथ अपने बेटे की तस्वीर साझा की,जिसमें एक लकड़ी की तख्ती पर लिखा था, “हैलो दुनिया,मेरा नाम अजलान खान है।”
यह पल राशिद के लिए बेहद खास रहा,क्योंकि एक तरफ जहाँ वह अपने करियर में लगातार नई ऊँचाइयों को छू रहे हैं,वहीं दूसरी ओर उनका निजी जीवन भी खुशियों से भरता जा रहा है। उनके प्रशंसकों और क्रिकेट जगत के साथी खिलाड़ियों ने उन्हें इस नई शुरुआत के लिए शुभकामनाएँ दी हैं।
राशिद खान की यह कहानी सिर्फ एक क्रिकेटर की सफलता की कहानी नहीं है,बल्कि यह देशभक्ति,निष्ठा और आत्मसम्मान का भी उदाहरण है। उन्होंने यह साबित कर दिया कि असली महानता सिर्फ उपलब्धियों से नहीं,बल्कि अपने मूल्यों और सिद्धांतों पर अडिग रहने से आती है। आने वाले समय में उनकी यह आत्मकथा युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी,जो अपने सपनों को पूरा करने के साथ-साथ अपने देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भी समझेंगे।
