प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (तस्वीर क्रेडिट@DrJitendraSingh)

उधमपुर बस हादसा: 14 लोगों की मौत,राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जताया गहरा शोक

श्रीनगर,20 अप्रैल (युआईटीवी)- जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में सोमवार को एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। रामनगर इलाके के कागोट मोड़ के पास एक यात्री बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई,जिसमें अब तक कम से कम 14 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है,जबकि 30 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। यह हादसा इतना भयावह था कि स्थानीय लोग,प्रशासन और राहत टीमों को तुरंत मौके पर पहुँचकर बचाव कार्य शुरू करना पड़ा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार,यह बस रामनगर से उधमपुर की ओर जा रही थी,तभी कागोट मोड़ के पास अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। पहाड़ी इलाका होने के कारण बचाव कार्य में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा,लेकिन स्थानीय प्रशासन,पुलिस, एसडीआरएफ और सेना के जवानों ने मिलकर राहत कार्य को तेजी से अंजाम दिया।

इस दर्दनाक हादसे पर देश के शीर्ष नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया पर शोक संदेश जारी करते हुए कहा कि उधमपुर जिले में हुई इस बस दुर्घटना में कई लोगों की मौत की खबर से उन्हें गहरा दुख हुआ है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएँ व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हादसे पर शोक जताया और कहा कि बस दुर्घटना में हुई जान-माल की हानि अत्यंत दुखद है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है,उनके प्रति उनकी गहरी संवेदनाएँ हैं। साथ ही उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की। प्रधानमंत्री ने यह भी घोषणा की कि इस हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी,जबकि घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उधमपुर में हुआ यह हादसा बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में वह पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करते हैं।

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी इस हादसे को दिल दहला देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद है और उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएँ व्यक्त कीं। साथ ही उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि घायलों और पीड़ितों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।

उधमपुर के एडीसी प्रेम सिंह ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि यह हादसा रामनगर इलाके के कागोट मोड़ पर हुआ। उन्होंने कहा कि अब तक 13 से 14 लोगों के हताहत होने की पुष्टि हुई है,हालाँकि,सटीक आँकड़े अभी सामने आना बाकी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि करीब 33 लोग घायल हुए हैं,जिनमें कई की हालत गंभीर बनी हुई है।

हादसे के तुरंत बाद सेना के जवान भी मौके पर पहुँच गए और उन्होंने राहत एवं बचाव कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सेना के एक सूबेदार ने बताया कि उनकी टीम उस समय एक्सरसाइज के लिए इलाके में जा रही थी,तभी उन्होंने बस को खाई में गिरा हुआ देखा। इसके बाद उन्होंने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया और कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। उन्होंने बताया कि कई शवों को भी ऊपर लाने में उनकी टीम ने मदद की,जबकि पाँच से छह लोगों को जिंदा बचाया गया।

घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया,जहाँ उनका इलाज जारी है। प्रशासन ने मेडिकल टीमों को अलर्ट पर रखा है और गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर किया जा रहा है।

यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे इलाकों में सड़कों की स्थिति,तीखे मोड़ और वाहन चालकों की लापरवाही अक्सर दुर्घटनाओं का कारण बनती है। प्रशासन द्वारा समय-समय पर सुरक्षा उपायों को सख्त करने की जरूरत पर भी जोर दिया जा रहा है।

स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गहरा शोक और आक्रोश देखा जा रहा है। मृतकों के परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी है और प्रशासन पूरी कोशिश कर रहा है कि सभी घायलों को समय पर इलाज मिल सके।

उधमपुर का यह हादसा न केवल एक दुखद घटना है,बल्कि यह चेतावनी भी है कि सड़क सुरक्षा के प्रति लापरवाही कितनी घातक साबित हो सकती है। ऐसे में जरूरत है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएँ,ताकि निर्दोष लोगों की जान बचाई जा सके।