भीषण गर्मी

एनसीआर में बढ़ी गर्मी की मार, 40 डिग्री के पार तापमान और हीट वेव का अलर्ट, हवा भी हुई जहरीली

नोएडा,20 अप्रैल (युआईटीवी)- राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में अब गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। अप्रैल के तीसरे सप्ताह में ही तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुँच गया है,जिससे लोगों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि होगी और हीट वेव की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग ने इसे देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

मौसम विभाग के अनुसार 20 और 21 अप्रैल को एनसीआर में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 21 डिग्री रहने का अनुमान है। इन दिनों आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा,जिससे धूप की तीव्रता और अधिक महसूस होगी। हालाँकि,इन दो दिनों के लिए कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है,लेकिन तापमान में लगातार बढ़ोतरी आने वाले दिनों के लिए चिंता का संकेत दे रही है।

22 अप्रैल से स्थिति और गंभीर होने की संभावना जताई गई है। इस दिन अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच सकता है,जबकि न्यूनतम तापमान करीब 22 डिग्री रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार इस दिन पूरे दिन लू चलने की संभावना है,जिसमें सुबह,दोपहर और शाम—तीनों समय गर्म हवाएँ लोगों को परेशान कर सकती हैं। यही कारण है कि इस दिन से हीट वेव को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।

23 और 24 अप्रैल को भी राहत मिलने के आसार नहीं हैं। इन दिनों अधिकतम तापमान 42 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री तक रह सकता है। खास बात यह है कि 24 अप्रैल को हवा में नमी का स्तर बढ़कर 70 प्रतिशत तक पहुँच सकता है,जिससे उमस भरी गर्मी लोगों की परेशानी को और बढ़ा देगी। ऐसी स्थिति में शरीर से पसीना तो निकलेगा,लेकिन राहत नहीं मिलेगी,जिससे थकान और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ सकता है।

मौसम विभाग ने साफ तौर पर कहा है कि दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए और पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद जरूरी है। खासकर बच्चों,बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। डॉक्टरों का भी कहना है कि इस तरह की गर्मी में लू लगने का खतरा बढ़ जाता है,इसलिए हल्के और ढीले कपड़े पहनना,सिर को ढककर रखना और धूप में ज्यादा देर तक न रहना जरूरी है।

इसी बीच,एनसीआर में वायु गुणवत्ता भी चिंता का विषय बनती जा रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और अन्य एजेंसियों के आँकड़ों के मुताबिक दिल्ली और आसपास के इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी एक्यूआई मध्यम से लेकर खराब श्रेणी तक पहुँच गया है। राजधानी के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर बढ़ता हुआ देखा गया है।

दिल्ली के आनंद विहार में एक्यूआई 282 दर्ज किया गया,जो खराब श्रेणी में आता है। अशोक विहार में यह 226 और बवाना में 218 रहा। वहीं आया नगर में एक्यूआई 169 दर्ज किया गया,जो मध्यम श्रेणी में शामिल है। इन आँकड़ों से साफ है कि राजधानी की हवा धीरे-धीरे खराब होती जा रही है।

नोएडा की स्थिति भी कुछ बेहतर नहीं है। सेक्टर-1 में एक्यूआई 233, सेक्टर-116 में 209, सेक्टर-125 में 185 और सेक्टर-62 में 182 रिकॉर्ड किया गया। ये सभी आँकड़ें मध्यम से खराब श्रेणी के बीच आते हैं,जो स्वास्थ्य के लिए चिंता का कारण बन सकते हैं।

गाजियाबाद में हालात और ज्यादा गंभीर नजर आ रहे हैं। लोनी में एक्यूआई 321 और वेद विहार-लोनी में 317 दर्ज किया गया,जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। इसके अलावा गोविंदपुरम में 257 और वसुंधरा में 234 एक्यूआई रिकॉर्ड किया गया। इन आँकड़ों से स्पष्ट है कि एनसीआर के कई हिस्सों में हवा की गुणवत्ता लगातार बिगड़ रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते तापमान और हवा की धीमी गति के कारण प्रदूषक तत्व वातावरण में जमा हो रहे हैं,जिससे हवा की गुणवत्ता खराब हो रही है। जब हवा की गति कम होती है,तो प्रदूषक कण फैल नहीं पाते और एक ही स्थान पर जमा हो जाते हैं,जिससे प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार,इस तरह की स्थिति में बच्चों,बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्हें घर से बाहर निकलते समय मास्क पहनने,धूल और धुएँ से बचने और जरूरी होने पर ही बाहर जाने की सलाह दी गई है।

प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों से अपील की है कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखें। गर्मी और प्रदूषण का यह दोहरा असर लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है,इसलिए सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।

एनसीआर में आने वाले दिन गर्मी और प्रदूषण दोनों ही मोर्चों पर कठिन रहने वाले हैं।तापमान में लगातार वृद्धि और हवा की बिगड़ती गुणवत्ता ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में जरूरी है कि लोग सावधानी बरतें,पर्याप्त पानी पिएँ और अनावश्यक रूप से धूप में निकलने से बचें,ताकि इस भीषण गर्मी और प्रदूषण के प्रभाव से खुद को सुरक्षित रख सकें।