महिला टी20 विश्व कप 2026 के लिए ऑस्ट्रेलिया टीम का ऐलान (तस्वीर क्रेडिट@ImTanujSingh)

महिला टी20 विश्व कप 2026 के लिए ऑस्ट्रेलिया टीम का ऐलान,सोफी मोलिनक्स को मिली कप्तानी

नई दिल्ली,13 मई (युआईटीवी)- महिला टी20 विश्व कप 2026 के लिए ऑस्ट्रेलिया ने अपनी मजबूत और संतुलित टीम का ऐलान कर दिया है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने बुधवार को 15 सदस्यीय स्क्वॉड की घोषणा की,जिसकी कमान स्टार ऑलराउंडर सोफी मोलिनक्स को सौंपी गई है। ऑस्ट्रेलियाई टीम में अनुभवी खिलाड़ियों और युवा प्रतिभाओं का शानदार मिश्रण देखने को मिला है। टीम चयन में सबसे ज्यादा चर्चा युवा तेज गेंदबाज लूसी हैमिल्टन को मिली जगह और तेज गेंदबाज डार्सी ब्राउन को बाहर किए जाने को लेकर हो रही है।

ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम लंबे समय से विश्व क्रिकेट में अपना दबदबा बनाए हुए है और इस बार भी उसे खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। टीम में अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी उसे और मजबूत बनाती है। स्क्वॉड में एश्ले गार्डनर,ताहलिया मैकग्राथ,एलिस पेरी और बेथ मूनी जैसी अनुभवी खिलाड़ियों को शामिल किया गया है,जो बड़े मुकाबलों में मैच का रुख बदलने की क्षमता रखती हैं।

इस टीम चयन में सबसे खास नाम लूसी हैमिल्टन का माना जा रहा है। बाएँ हाथ की तेज गेंदबाज हैमिल्टन ने पिछले साल आईसीसी अंडर-19 महिला टी20 विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी की थी और अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं को प्रभावित किया था। अब उन्हें पहली बार सीनियर विश्व कप टीम में जगह मिली है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी स्विंग गेंदबाजी और नई गेंद से विकेट निकालने की क्षमता ऑस्ट्रेलिया के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है।

ऑस्ट्रेलियाई टीम के पास इस बार गेंदबाजी में काफी विविधता दिखाई दे रही है। अनुभवी तेज गेंदबाज मेगन शुट्ट के साथ किम गार्थ,एनाबेल सदरलैंड,ताहलिया मैकग्राथ,एलिस पेरी और निकोला कैरी जैसे कई गेंदबाजी विकल्प मौजूद हैं। इसके अलावा स्पिन विभाग में कप्तान सोफी मोलिनक्स और अलाना किंग टीम की ताकत बढ़ाती हैं।

मार्च में कैरेबियन दौरे से बाहर रहने वाली ग्रेस हैरिस की टीम में वापसी हुई है। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ऑस्ट्रेलिया के मध्यक्रम को और मजबूत बनाती है। वहीं एनाबेल सदरलैंड भी चोट से उबरने के बाद टीम में लौट आई हैं। सदरलैंड को ऑस्ट्रेलिया की सबसे प्रतिभाशाली युवा ऑलराउंडरों में गिना जाता है और उनका टीम में शामिल होना ऑस्ट्रेलिया के लिए बड़ा सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

इस विश्व कप में अनुभवी स्टार खिलाड़ी एलिस पेरी भी एक खास उपलब्धि हासिल करने जा रही हैं। 2009 से लगातार टी20 विश्व कप खेल रहीं पेरी इस बार विश्व कप में अपने 50 मैच पूरे करेंगी। महिला क्रिकेट इतिहास में यह एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। पेरी लंबे समय से ऑस्ट्रेलियाई टीम की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल रही हैं और बल्ले तथा गेंद दोनों से शानदार प्रदर्शन करती रही हैं।

टीम में निकोला कैरी की वापसी भी काफी चर्चा में है। उन्होंने 2020 के बाद पहली बार टी20 विश्व कप टीम में जगह बनाई है। पिछले तीन वर्षों तक राष्ट्रीय टीम से बाहर रहने के बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया और इस साल की शुरुआत में राष्ट्रीय टीम में वापसी की थी। अब विश्व कप टीम में चयन उनके करियर के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

विकेटकीपर-बल्लेबाज ताहलिया विल्सन को ट्रैवलिंग रिजर्व के तौर पर टीम के साथ रखा गया है। उन्होंने मार्च में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना वनडे डेब्यू किया था और अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा था। हालाँकि,उन्हें मुख्य स्क्वॉड में जगह नहीं मिली,लेकिन टीम प्रबंधन उन्हें भविष्य की महत्वपूर्ण खिलाड़ी के रूप में देख रहा है।

महिला टी20 विश्व कप 2026 में ऑस्ट्रेलिया को ग्रुप-1 में रखा गया है। इस ग्रुप में भारत महिला क्रिकेट टीम,दक्षिण अफ्रीका महिला क्रिकेट टीम,पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम,बांग्लादेश महिला क्रिकेट टीम और नीदरलैंड महिला क्रिकेट टीम जैसी टीमें शामिल हैं। इस ग्रुप को काफी प्रतिस्पर्धी माना जा रहा है,क्योंकि इसमें कई मजबूत एशियाई और अफ्रीकी टीमें मौजूद हैं।

ऑस्ट्रेलिया अपने अभियान की शुरुआत 13 जून को करेगा,जब उसका मुकाबला मैनचेस्टर के ऐतिहासिक ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर दक्षिण अफ्रीका से होगा। पिछले कुछ वर्षों में दक्षिण अफ्रीका महिला टीम ने शानदार प्रदर्शन किया है और ऐसे में यह मुकाबला काफी रोमांचक माना जा रहा है।

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी ताकत उसकी गहराई और संतुलन है। टीम के पास अनुभवी बल्लेबाज,तेज गेंदबाज,स्पिनर और ऑलराउंडरों की भरपूर मौजूदगी है। यही वजह है कि हर बड़े टूर्नामेंट में ऑस्ट्रेलिया को खिताब का सबसे मजबूत दावेदार माना जाता है।

हालाँकि,टीम चयन में डार्सी ब्राउन को बाहर किए जाने ने कई क्रिकेट प्रशंसकों को चौंकाया है। ब्राउन अपनी तेज गति और आक्रामक गेंदबाजी के लिए जानी जाती हैं,लेकिन चयनकर्ताओं ने इस बार अनुभव और फिटनेस को प्राथमिकता दी है। दूसरी ओर युवा लूसी हैमिल्टन को मौका देकर ऑस्ट्रेलिया ने भविष्य की तैयारी का भी संकेत दिया है।

अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि सोफी मोलिनक्स की कप्तानी में ऑस्ट्रेलियाई टीम विश्व कप में कैसा प्रदर्शन करती है। ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट की सबसे सफल टीमों में शामिल है और वह इस बार भी अपना दबदबा कायम रखने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। अनुभवी खिलाड़ियों और युवा प्रतिभाओं के संतुलन के साथ ऑस्ट्रेलिया एक बार फिर विश्व कप जीतने की प्रबल दावेदार नजर आ रही है।