अमूल

अमूल के बाद मदर डेयरी ने भी बढ़ाए दूध के दाम,नई कीमतें 14 मई से पूरे देश में लागू होंगी

नई दिल्ली,14 मई (युआईटीवी)- देशभर में महँगाई के बीच आम लोगों को एक और बड़ा झटका लगा है। मदर डेयरी ने दूध की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है। कंपनी ने अपने विभिन्न प्रकार के लिक्विड दूध के दाम में दो रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की है। नई कीमतें 14 मई से पूरे देश में लागू होंगी। इससे पहले अमूल ने भी दूध के दाम बढ़ाए थे,जिसके बाद अब मदर डेयरी के इस फैसले का असर सीधे आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ने वाला है।

मदर डेयरी ने बयान जारी करते हुए कहा कि दूध की खरीद लागत में लगातार बढ़ोतरी हो रही है,जिसके चलते कीमतों में संशोधन करना जरूरी हो गया था। कंपनी के मुताबिक बीते एक साल में किसानों से दूध खरीदने की लागत में करीब छह फीसदी तक की वृद्धि हुई है। इसी वजह से कंपनी ने दूध की खुदरा कीमतों में बदलाव करने का फैसला लिया है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि यह बढ़ोतरी वास्तविक लागत का केवल आंशिक हिस्सा है और इसका उद्देश्य किसानों और उपभोक्ताओं दोनों के हितों के बीच संतुलन बनाए रखना है।

कंपनी का कहना है कि वह अपनी दूध बिक्री से होने वाली आय का लगभग 75 से 80 फीसदी हिस्सा सीधे किसानों और दूध खरीद प्रक्रिया पर खर्च करती है। इससे डेयरी किसानों की आजीविका को समर्थन मिलता है और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण दूध की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाती है। मदर डेयरी ने कहा कि बढ़ती लागत,पशुओं के चारे की कीमत,परिवहन खर्च और अन्य परिचालन खर्चों का असर दूध उत्पादन पर पड़ रहा है। ऐसे में कीमतों में बदलाव करना आवश्यक हो गया था।

नई कीमतों के लागू होने के बाद दिल्ली-एनसीआर समेत कई बड़े शहरों में दूध की कीमतों में सीधा असर दिखाई देगा। मदर डेयरी दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में प्रतिदिन करीब 35 लाख लीटर दूध की बिक्री करती है। यहाँ टोन्ड दूध की कीमत 56 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 58 रुपये कर दी गई है। वहीं पैकेट वाले टोन्ड दूध की कीमत 58 रुपये से बढ़कर 60 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी। फुल क्रीम दूध अब 72 रुपये प्रति लीटर मिलेगा,जबकि गाय के दूध की कीमत 60 रुपये से बढ़कर 62 रुपये प्रति लीटर हो गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि दूध की कीमतों में यह बढ़ोतरी आम परिवारों के मासिक बजट को प्रभावित कर सकती है। दूध हर घर की जरूरतों में शामिल है और इसके दाम बढ़ने से चाय,कॉफी,मिठाई,दही,पनीर और अन्य डेयरी उत्पादों की लागत भी बढ़ सकती है। खासकर मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर इसका असर अधिक देखने को मिल सकता है।

दूध की कीमतों में बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है,जब देश में पहले से ही खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की जरूरतों की चीजों के दाम ऊँचे बने हुए हैं। रसोई गैस,सब्जियाँ,खाद्य तेल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब दूध महँगा होने से उपभोक्ताओं की चिंता और बढ़ गई है। कई लोग सोशल मीडिया पर भी इस फैसले को लेकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं और इसे आम जनता पर अतिरिक्त बोझ बता रहे हैं।

हालाँकि,डेयरी उद्योग से जुड़े जानकारों का कहना है कि दूध उत्पादन की लागत लगातार बढ़ रही है। पशुओं के चारे,बिजली,ईंधन और परिवहन खर्च में वृद्धि का सीधा असर डेयरी कंपनियों पर पड़ता है। किसानों को बेहतर कीमत देना भी जरूरी होता है,ताकि वे उत्पादन जारी रख सकें। ऐसे में कंपनियाँ समय-समय पर कीमतों में बदलाव करने को मजबूर होती हैं।

मदर डेयरी इससे पहले अप्रैल 2025 में भी दूध की कीमतों में बढ़ोतरी कर चुकी है। अब एक साल के भीतर दूसरी बार कीमत बढ़ाए जाने से यह संकेत मिल रहा है कि डेयरी सेक्टर पर लागत का दबाव लगातार बना हुआ है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में अगर उत्पादन लागत और बढ़ती है तो अन्य डेयरी कंपनियाँ भी कीमतों में बदलाव कर सकती हैं।

उधर उपभोक्ताओं की नजर अब इस बात पर है कि क्या अन्य डेयरी ब्रांड भी अपने उत्पादों के दाम बढ़ाएँगे। अमूल और मदर डेयरी जैसी बड़ी कंपनियों के फैसलों का असर अक्सर पूरे बाजार पर देखने को मिलता है। ऐसे में दूध और डेयरी उत्पादों की कीमतों में आगे और बढ़ोतरी की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

फिलहाल मदर डेयरी का यह फैसला देशभर के लाखों उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय बन गया है। दूध जैसी आवश्यक वस्तु की कीमत बढ़ने से घरेलू बजट पर सीधा असर पड़ेगा। वहीं कंपनी का कहना है कि यह कदम किसानों के हितों की रक्षा और दूध की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए जरूरी था। अब देखना होगा कि उपभोक्ता इस बढ़ोतरी को किस तरह स्वीकार करते हैं और बाजार में इसका क्या प्रभाव पड़ता है।