प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन (तस्वीर क्रेडिट@sengarlive)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पहली बार मिलेंगे केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन,दिल्ली दौरे पर बढ़ी राजनीतिक हलचल

नई दिल्ली,26 मई (युआईटीवी)- केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन मंगलवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपनी पहली आधिकारिक मुलाकात करेंगे। मुख्यमंत्री पद सँभालने के बाद प्रधानमंत्री के साथ होने वाली यह पहली बैठक राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। केरल में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट यानी यूडीएफ सरकार के सत्ता में आने के बाद यह मुलाकात ऐसे समय हो रही है,जब राज्य कई आर्थिक और विकास संबंधी चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री सतीशन केंद्र सरकार के सामने राज्य से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाएँगे।

हालाँकि,अभी तक इस बैठक के एजेंडे को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है,लेकिन राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि चर्चा का मुख्य फोकस केरल के विकास कार्यों,केंद्र से वित्तीय सहायता,बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं और राज्य की आर्थिक स्थिति पर रहेगा। इसके अलावा राज्य को मिलने वाले केंद्रीय अनुदान,आपदा राहत,स्वास्थ्य और परिवहन परियोजनाओं पर भी बातचीत होने की संभावना जताई जा रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के अलावा मुख्यमंत्री वीडी सतीशन केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी मिलेंगे। यह बैठक नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में दोपहर करीब 2:30 बजे होने वाली है। माना जा रहा है कि इस बैठक में केरल की वित्तीय स्थिति और केंद्र से अतिरिक्त आर्थिक सहायता की माँग प्रमुख मुद्दा रह सकती है। केरल लंबे समय से वित्तीय दबाव का सामना कर रहा है और राज्य सरकार केंद्र से अधिक समर्थन की उम्मीद कर रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार,यह दौरा केवल प्रशासनिक दृष्टि से ही नहीं,बल्कि राजनीतिक रूप से भी काफी अहम माना जा रहा है। केरल में हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ ने शानदार जीत दर्ज की थी। लंबे समय तक राज्य की सत्ता पर काबिज वाम मोर्चे को इस चुनाव में बड़ा झटका लगा और उसकी सीटें काफी कम हो गईं। ऐसे में नई सरकार और केंद्र के बीच संबंधों को लेकर भी काफी चर्चा हो रही है।

मुख्यमंत्री बनने के बाद सतीशन की यह पहली दिल्ली यात्रा है और इस दौरान उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व के साथ भी लगातार बैठकें कीं। शनिवार को उन्होंने सबसे पहले कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से चर्चा की। बाद में राहुल गांधी,सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से भी उनकी अलग-अलग बैठकें हुईं। इन बैठकों को कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व और केरल की नई सरकार के बीच समन्वय के रूप में देखा जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक,इन मुलाकातों में विधानसभा चुनावों में मिली जीत और पार्टी की भविष्य की रणनीति पर चर्चा हुई। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री सतीशन ने कांग्रेस नेतृत्व का आभार भी व्यक्त किया और आने वाले समय में राज्य में संगठन को और मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया गया। केरल में कांग्रेस की वापसी को पार्टी के लिए बड़ी राजनीतिक सफलता माना जा रहा है और यही कारण है कि शीर्ष नेतृत्व नई सरकार के साथ लगातार संपर्क में बना हुआ है।

दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सतीशन को लेकर समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। केरल हाउस में देर रात तक छात्रों,पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भीड़ जुटी रही। लोग मुख्यमंत्री से मिलने और उनके साथ तस्वीरें खिंचवाने के लिए उत्साहित नजर आए। मुख्यमंत्री ने भी वहाँ मौजूद लोगों से मुलाकात की और उनसे बातचीत करने में काफी समय बिताया। इससे यह साफ दिखाई दिया कि केरल में नई सरकार को लेकर जनता के बीच काफी उम्मीदें हैं।

राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि वीडी सतीशन की छवि एक आक्रामक लेकिन संतुलित नेता की रही है। विपक्ष में रहते हुए उन्होंने राज्य सरकार के खिलाफ कई मुद्दों पर मुखर भूमिका निभाई थी। अब मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना और चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा करना होगा।

केरल विधानसभा चुनाव में यूडीएफ की जीत काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। चुनाव परिणामों में कांग्रेस नेतृत्व वाले गठबंधन ने 102 सीटों पर जीत हासिल की,जबकि वाम मोर्चा 99 सीटों से घटकर केवल 35 सीटों पर सिमट गया। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने भी तीन सीटें जीतकर राज्य में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। यह परिणाम केरल की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत माना गया।

चुनाव में मिली शानदार जीत के बाद वीडी सतीशन ने 18 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उनके साथ मंत्रिमंडल के 20 सहयोगियों ने भी शपथ ग्रहण किया। शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे थे और इसे पार्टी के लिए नई शुरुआत के रूप में देखा गया था।

अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी पहली आधिकारिक बैठक पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह मुलाकात केवल केंद्र और राज्य के रिश्तों तक सीमित नहीं रहेगी,बल्कि इससे आने वाले समय की राजनीतिक दिशा का भी संकेत मिल सकता है। केरल की नई सरकार केंद्र के साथ सहयोगात्मक संबंध बनाए रखना चाहती है,ताकि राज्य के विकास कार्यों को गति मिल सके।

इस मुलाकात के जरिए मुख्यमंत्री सतीशन अपनी सरकार की प्राथमिकताओं को केंद्र के सामने रखने की कोशिश करेंगे। साथ ही यह भी देखने वाली बात होगी कि केंद्र सरकार केरल की नई सरकार के साथ किस तरह का सहयोगात्मक रवैया अपनाती है। फिलहाल दिल्ली में सतीशन की सक्रियता और लगातार हो रही बैठकों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है और आने वाले दिनों में इन मुलाकातों के नतीजों पर सबकी नजर बनी रहेगी।