प्रग्गनानंदा ने मैग्नस कार्लसन को दी मात (तस्वीर क्रेडिट@EndgameaiChess)

प्रग्गनानंदा ने मैग्नस कार्लसन को दी मात,नॉर्वे चेस 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन

ओस्लो,28 मई (युआईटीवी)- नॉर्वे चेस 2026 टूर्नामेंट के तीसरे राउंड में शतरंज प्रेमियों को कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिले, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा भारतीय ग्रैंडमास्टर प्रग्गनानंदा रमेशबाबू की ऐतिहासिक जीत की रही। युवा भारतीय खिलाड़ी ने दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी और पाँच बार के विश्व चैंपियन मैग्नस कार्लसन को क्लासिकल मुकाबले में हराकर बड़ा उलटफेर कर दिया। इस जीत ने न केवल टूर्नामेंट का रोमांच बढ़ा दिया,बल्कि यह भी दिखा दिया कि भारतीय शतरंज का नया दौर अब दुनिया के सबसे बड़े खिलाड़ियों को चुनौती देने के स्तर तक पहुँच चुका है।

प्रग्गनानंदा और मैग्नस कार्लसन के बीच मुकाबला शुरुआत से ही बेहद रणनीतिक और संतुलित नजर आया। दोनों खिलाड़ियों ने शुरुआती चालों में काफी सावधानी बरती और किसी भी तरह का जोखिम लेने से बचते दिखे। हालाँकि,धीरे-धीरे भारतीय खिलाड़ी ने बोर्ड पर बेहतर स्थिति बनानी शुरू कर दी। प्रग्गनानंदा ने अपने मोहरों की शानदार पोजिशनिंग और शांत रणनीति के जरिए कार्लसन पर लगातार दबाव बनाए रखा। मैच के अधिकांश समय तक वह नियंत्रण में दिखाई दिए और कार्लसन को रक्षात्मक खेल खेलने के लिए मजबूर होना पड़ा।

मुकाबले के अंतिम चरण में समय की कमी ने खेल को और रोमांचक बना दिया। दोनों खिलाड़ियों के पास बहुत कम समय बचा था और इसी दबाव में मैच का रुख अचानक बदलता नजर आया। मैग्नस कार्लसन ने अनुभव का फायदा उठाते हुए वापसी करने की कोशिश की और कुछ समय के लिए बढ़त भी हासिल कर ली। ऐसा लग रहा था कि वह एक बार फिर मुश्किल स्थिति से निकल जाएँगे,लेकिन तभी उन्होंने एक बड़ी गलती कर दी। प्रग्गनानंदा ने इस मौके को हाथ से नहीं जाने दिया और सटीक चालों के जरिए मुकाबला अपने नाम कर लिया।

दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी पर यह जीत प्रग्गनानंदा के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानी जा रही है। पिछले कुछ वर्षों में भारतीय युवा खिलाड़ियों ने अंतर्राष्ट्रीय शतरंज में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है और अब वे विश्व स्तर पर शीर्ष खिलाड़ियों को कड़ी चुनौती दे रहे हैं। प्रग्गनानंदा की यह जीत भारतीय शतरंज के बढ़ते प्रभाव का बड़ा उदाहरण मानी जा रही है।

टूर्नामेंट के तीसरे राउंड में मौजूदा विश्व चैंपियन गुकेश डोमराजू का मुकाबला अलीरेजा फिरौजा से हुआ। यह मुकाबला भी काफी तनावपूर्ण और रणनीतिक रहा। दोनों खिलाड़ियों ने पूरे मैच में बेहद सावधानी से खेल दिखाया और कोई भी खिलाड़ी निर्णायक बढ़त हासिल नहीं कर सका। अंततः क्लासिकल मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ। हालाँकि,इसके बाद खेले गए आर्मागेडन मुकाबले में अलीरेजा फिरौजा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की और अतिरिक्त अंक हासिल किए।

अलीरेजा फिरौजा का टूर्नामेंट में प्रदर्शन अब तक बेहद प्रभावशाली रहा है। लगातार अच्छे नतीजों की बदौलत वह अंक तालिका में शीर्ष स्थान पर बने हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि फिरौजा इस समय शानदार लय में हैं और उनका आत्मविश्वास भी काफी ऊँचा नजर आ रहा है। वहीं गुकेश डोमराजू ने भी अब तक मजबूत खेल दिखाया है और वह खिताब की दौड़ में बने हुए हैं।

तीसरे राउंड में एक और महत्वपूर्ण मुकाबला विन्सेंट कीमर और वेस्ली सो के बीच खेला गया। यह मुकाबला भी काफी संतुलित रहा और दोनों खिलाड़ियों ने क्लासिकल गेम में बेहद सतर्क रणनीति अपनाई। लंबे संघर्ष के बाद यह मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ। इसके बाद आर्मागेडन टाईब्रेकर में वेस्ली सो ने बाजी मारते हुए अतिरिक्त अंक अपने नाम किए। टूर्नामेंट में हर अंक बेहद महत्वपूर्ण साबित हो रहा है और खिलाड़ी आर्मागेडन मुकाबलों में भी पूरी ताकत झोंकते नजर आ रहे हैं।

महिला वर्ग में भी नॉर्वे चेस विमेंस टूर्नामेंट के तीसरे राउंड में जबरदस्त मुकाबले देखने को मिले। तीनों क्लासिकल मुकाबले ड्रॉ पर समाप्त हुए,जिसके बाद विजेता का फैसला आर्मागेडन गेम से हुआ। मौजूदा महिला विश्व चैंपियन जू वेनजुन और झू जिनर के बीच खेला गया मुकाबला काफी रोमांचक रहा। झू जिनर ने एक समय बोर्ड पर मजबूत पकड़ बना ली थी और ऐसा लग रहा था कि वह क्लासिकल गेम जीत जाएँगी,लेकिन जू वेनजुन ने शानदार बचाव करते हुए मुकाबले को ड्रॉ तक पहुँचा दिया।

इसके बाद आर्मागेडन गेम में झू जिनर ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए जीत दर्ज की और अतिरिक्त अंक हासिल किए। इस जीत से उन्होंने अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत कर ली। वहीं एना मुजीचुक और भारतीय खिलाड़ी हंपी कोनेरू के बीच भी कड़ा मुकाबला देखने को मिला। दोनों खिलाड़ियों ने पूरे मैच में शानदार रणनीतिक खेल दिखाया और अंततः क्लासिकल मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ। आर्मागेडन मुकाबले में एना मुजीचुक ने जीत दर्ज कर अतिरिक्त अंक हासिल किए।

भारतीय खिलाड़ी दिव्या देशमुख ने भी टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया। उनका मुकाबला भी क्लासिकल चरण में ड्रॉ रहा,लेकिन आर्मागेडन टाईब्रेकर में उन्होंने जीत हासिल कर महत्वपूर्ण अतिरिक्त अंक जुटाए। दिव्या की यह जीत भारतीय महिला शतरंज के लिए भी उत्साहजनक मानी जा रही है। युवा भारतीय खिलाड़ी लगातार अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान मजबूत कर रही हैं।

तीसरे राउंड के बाद महिला वर्ग में झू जिनर और दिव्या देशमुख ने आर्मागेडन जीत के जरिए शीर्ष खिलाड़ियों के बीच अंतर को कम कर दिया है। हालाँकि,अस्सौबायेवा अब भी अंक तालिका में बढ़त बनाए हुए हैं और उनका प्रदर्शन अब तक स्थिर नजर आया है।

नॉर्वे चेस 2026 का यह संस्करण अब तक बेहद रोमांचक साबित हो रहा है। हर राउंड में बड़े उलटफेर और करीबी मुकाबले देखने को मिल रहे हैं। खासतौर पर भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन चर्चा का केंद्र बना हुआ है। प्रग्गनानंदा द्वारा मैग्नस कार्लसन को हराना इस टूर्नामेंट का अब तक का सबसे बड़ा आकर्षण माना जा रहा है। आने वाले राउंड में मुकाबले और अधिक दिलचस्प होने की उम्मीद है,क्योंकि शीर्ष खिलाड़ी खिताब की दौड़ में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं।