मुजफ्फरपुर के निजी अस्पताल में भीषण आग से 4 की मौत (तस्वीर क्रेडिट@rashtra_press)

मुजफ्फरपुर के निजी अस्पताल में भीषण आग,आईसीयू में मची अफरा-तफरी; चार लोगों की मौत,कई मरीजों को सुरक्षित निकाला गया

मुजफ्फरपुर,4 जून (युआईटीवी)- बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में स्थित एक निजी अस्पताल में गुरुवार तड़के लगी भीषण आग ने बड़ा हादसा खड़ा कर दिया। अस्पताल के आईसीयू में शॉर्ट सर्किट से आग लगने के बाद कुछ ही मिनटों में पूरा क्षेत्र धुएँ से भर गया,जिससे अस्पताल में भर्ती मरीजों,उनके परिजनों और कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। इस दर्दनाक घटना में चार लोगों की मौत हो गई,जबकि कई अन्य लोगों को सुरक्षित निकालकर आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। प्रशासन ने घटना की जाँच शुरू कर दी है और राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाया गया।

जानकारी के अनुसार यह हादसा मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल में तड़के लगभग साढ़े तीन बजे के आसपास हुआ। प्रारंभिक जाँच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि आग सबसे पहले अस्पताल के आईसीयू में लगी,जहाँ गंभीर मरीजों का इलाज चल रहा था। आग लगने के बाद कुछ ही समय में घना धुआँ पूरे आईसीयू और आसपास के हिस्सों में फैल गया,जिससे मरीजों को सांस लेने में भारी दिक्कत होने लगी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब तक लोगों को स्थिति की गंभीरता का एहसास हुआ,तब तक आईसीयू पूरी तरह धुएँ से भर चुका था। अस्पताल में मौजूद मरीजों के परिजन और स्थानीय लोग अपने स्तर पर मरीजों को बाहर निकालने की कोशिश करने लगे। कई मरीजों को स्ट्रेचर और व्हीलचेयर की मदद से बाहर लाया गया,जबकि कुछ को गोद में उठाकर सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाया गया।

जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि आग लगने के बाद अस्पताल में भारी मात्रा में धुआँ फैल गया था। प्रशासन और राहत दलों ने तत्काल मौके पर पहुँचकर बचाव अभियान शुरू किया। उन्होंने कहा कि कई मरीजों को सुरक्षित निकाल लिया गया और उन्हें इलाज के लिए अन्य अस्पतालों में भेजा गया है। जिलाधिकारी के अनुसार घटना में चार लोगों की मौत हुई है,जबकि कुछ अन्य घायल हुए हैं और उनका उपचार जारी है।

जिलाधिकारी ने बताया कि प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी मरीज को उपचार में कोई परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि हादसे के कारणों की विस्तृत जाँच कराई जाएगी और यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है,तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कान्तेश मिश्रा ने बताया कि आग लगने की सूचना मिलते ही पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर पहुँच गई थीं। उन्होंने कहा कि आग पर जल्द ही काबू पा लिया गया,लेकिन धुएँ की वजह से स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी। अस्पताल में भर्ती लगभग 12 से 13 मरीजों को विभिन्न अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया है,ताकि उनका इलाज बिना किसी बाधा के जारी रह सके।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जाँच में शॉर्ट सर्किट की संभावना सामने आई है,लेकिन तकनीकी विशेषज्ञों की टीम पूरे मामले की जाँच कर रही है। जाँच रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों की पुष्टि की जा सकेगी।

घटना के दौरान अस्पताल में मौजूद लोगों ने भयावह स्थिति का वर्णन किया। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि रात करीब तीन बजे अचानक अस्पताल का आईसीयू धुएँ से भर गया। वहाँ मौजूद लोगों को समझ नहीं आ रहा था कि क्या किया जाए। उन्होंने कहा कि धुएँ की मात्रा इतनी अधिक थी कि रुमाल बाँधकर अंदर जाने पर भी सांस लेना मुश्किल हो रहा था। कई लोग मरीजों को बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर अंदर गए और उन्हें बाहर निकालने का प्रयास किया।

प्रत्यक्षदर्शी ने यह भी दावा किया कि घटना के शुरुआती क्षणों में अस्पताल का प्रबंधन स्थिति को सँभालने में असफल दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि कई लोग घबराहट में इधर-उधर भागने लगे और स्थिति बेहद अराजक हो गई थी। हालाँकि,बाद में प्रशासन और बचाव दलों के पहुँचने के बाद राहत कार्य व्यवस्थित ढंग से चलाया गया।

इस हादसे में अस्पताल के आईसीयू और सीसीयू में भर्ती मरीज सबसे अधिक प्रभावित हुए। बताया जा रहा है कि धुएँ के कारण कई मरीजों की हालत गंभीर हो गई थी। कुछ मरीजों को ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया था,जिन्हें तत्काल दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट करना पड़ा। चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार सभी प्रभावित मरीजों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

घटना के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में कहा कि मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में आग लगने से चार लोगों की मृत्यु अत्यंत दुखद है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की और परिजनों को इस कठिन समय में धैर्य और शक्ति प्रदान करने की कामना की।

मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का निर्देश भी दिया है। साथ ही उन्होंने प्रशासन को घायलों के समुचित उपचार और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। सरकार की ओर से कहा गया है कि जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और राहत कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है।

यह हादसा एक बार फिर अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थानों में विद्युत प्रणाली,अग्निशमन उपकरणों और आपातकालीन निकासी व्यवस्था की नियमित जाँच बेहद आवश्यक है। विशेष रूप से आईसीयू और अन्य गंभीर देखभाल इकाइयों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए,क्योंकि वहाँ भर्ती मरीज स्वयं को सुरक्षित स्थान तक ले जाने में सक्षम नहीं होते।

फिलहाल मुजफ्फरपुर का यह हादसा पूरे राज्य को झकझोर देने वाला साबित हुआ है। प्रशासन ने मामले की जाँच शुरू कर दी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आग लगने की घटना के पीछे कौन से कारण जिम्मेदार थे। वहीं,मृतकों के परिजनों में शोक की लहर है और घायल मरीजों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की जा रही है। इस दुखद घटना ने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही कितनी गंभीर कीमत वसूल सकती है।