एयर इंडिया

दिल्ली एयरपोर्ट पर खराब मौसम का असर,एयर इंडिया के तीन विमान क्षतिग्रस्त; जाँच शुरू

नई दिल्ली,8 जून (युआईटीवी)- राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर खराब मौसम के कारण एक गंभीर घटना सामने आई है। रविवार को अचानक आई तेज बारिश और तेज हवाओं की वजह से एयरपोर्ट परिसर में पार्क किए गए एयर इंडिया के तीन विमान क्षतिग्रस्त हो गए। घटना के बाद विमानन क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्थाओं और मौसम संबंधी तैयारियों को लेकर नए सिरे से चर्चा शुरू हो गई है। अधिकारियों ने मामले की जाँच शुरू कर दी है और प्रभावित विमानों को एहतियात के तौर पर परिचालन से हटा दिया गया है।

जानकारी के अनुसार,यह घटना दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-2 क्षेत्र में हुई। उस समय एयर इंडिया के कई विमान पार्किंग बे में खड़े थे। इसी दौरान मौसम ने अचानक करवट ली और तेज बारिश के साथ तेज हवाएँ चलने लगीं। खराब मौसम के कारण विमानों के आसपास रखे गए कुछ ग्राउंड सपोर्ट उपकरण अपनी निर्धारित जगह से खिसक गए और सीधे विमानों से टकरा गए। इस टक्कर के कारण एयर इंडिया के तीन नैरो-बॉडी विमानों को नुकसान पहुँचा।

दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मौसम में आए अचानक बदलाव के कारण ग्राउंड हैंडलिंग उपकरणों को नियंत्रित करना मुश्किल हो गया था। तेज हवाओं के दबाव में कुछ उपकरण अपनी स्थिति से हट गए और पार्क किए गए विमानों से जा टकराए। घटना के तुरंत बाद सुरक्षा और तकनीकी टीमों को सक्रिय कर दिया गया तथा प्रभावित विमानों का प्रारंभिक निरीक्षण किया गया।

अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तीनों विमानों को तत्काल प्रभाव से सेवा से बाहर कर दिया गया। अब इन विमानों की विस्तृत तकनीकी जाँच की जाएगी,ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी प्रकार की संरचनात्मक या यांत्रिक क्षति तो नहीं हुई है। विशेषज्ञों की टीम विमान के बाहरी ढाँचे,इंजन,नियंत्रण प्रणालियों और अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों की जाँच करेगी। जाँच पूरी होने के बाद ही यह निर्णय लिया जाएगा कि विमान कब दोबारा सेवा में लौट सकते हैं।

दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने यह भी स्पष्ट किया कि जो उपकरण अपनी जगह से खिसके थे, वे एयर इंडिया इंजीनियरिंग सर्विसेज और इंडिगो की ग्राउंड हैंडलिंग सेवाओं से जुड़े हुए थे। फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि तेज हवाओं के दौरान उपकरणों को सुरक्षित रखने के लिए लागू सुरक्षा प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन किया गया था या नहीं। जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी होगा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कौन-कौन से अतिरिक्त कदम उठाए जा सकते हैं।

एयरपोर्ट अधिकारियों का कहना है कि मौसम में यह बदलाव बेहद अचानक और अप्रत्याशित था। उनके अनुसार,एयर ट्रैफिक कंट्रोल की ओर से मौसम के इस तीव्र परिवर्तन को लेकर कोई अग्रिम चेतावनी नहीं मिली थी। यही वजह रही कि एयरपोर्ट संचालन से जुड़ी एजेंसियों को आवश्यक तैयारियों के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाया। हालाँकि,इस दावे की भी जाँच की जा रही है कि क्या मौसम संबंधी सूचनाओं के आदान-प्रदान में कहीं कोई कमी रही थी।

घटना के बाद एयर इंडिया की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालाँकि सूत्रों के अनुसार,एयरलाइन की तकनीकी टीम प्रभावित विमानों की स्थिति का लगातार आकलन कर रही है। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक,तीन विमानों में से दो को अपेक्षाकृत कम नुकसान पहुँचा है और उनके जल्द ही परिचालन में लौटने की संभावना जताई जा रही है। वहीं तीसरे विमान को अधिक क्षति पहुँचने की आशंका है,जिसके कारण उसकी मरम्मत में अधिक समय लग सकता है।

रिपोर्टों के अनुसार,इस खराब मौसम का असर केवल एयर इंडिया तक सीमित नहीं रहा। जानकारी मिली है कि किसी अन्य विमान परिचालक का एक विमान भी मौसम से प्रभावित हुआ है। हालाँकि,उसके बारे में विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। संबंधित एजेंसियाँ स्थिति का मूल्यांकन कर रही हैं और आवश्यक तकनीकी निरीक्षण किए जा रहे हैं।

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है,जब देश के कई हिस्सों में मौसम तेजी से बदल रहा है और विमानन क्षेत्र को बार-बार चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले कुछ महीनों में तेज बारिश,आंधी,धूल भरी हवाओं और बिजली गिरने जैसी घटनाओं ने कई हवाई अड्डों के संचालन को प्रभावित किया है। मौसम संबंधी अस्थिरता के कारण उड़ानों में देरी,रद्दीकरण और तकनीकी चुनौतियों की घटनाएँ भी बढ़ी हैं।

रविवार को दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में भी मौसम ने अचानक करवट ली थी। दिन के दौरान कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश दर्ज की गई। इससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ और यातायात पर भी असर पड़ा। इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास के क्षेत्रों में भी तेज बारिश और हवा का प्रभाव स्पष्ट रूप से महसूस किया गया। यही मौसम परिस्थितियाँ अंततः एयरपोर्ट पर हुई इस घटना का कारण बनीं।

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने आने वाले दिनों के लिए भी मौसम को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग के अनुसार 11 और 12 जून को दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश,गरज-चमक और 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएँ चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इन परिस्थितियों का असर विमानन,सड़क और रेल परिवहन सेवाओं पर पड़ सकता है।

विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन और मौसम की बढ़ती अनिश्चितता को देखते हुए हवाई अड्डों को अपनी सुरक्षा व्यवस्थाओं और आपदा प्रबंधन प्रणालियों को और अधिक मजबूत बनाना होगा। विशेष रूप से ग्राउंड सपोर्ट उपकरणों,पार्किंग क्षेत्रों और विमान सुरक्षा उपायों को मौसम के चरम प्रभावों के अनुरूप तैयार करना समय की माँग बन गया है।

फिलहाल दिल्ली एयरपोर्ट पर हुई इस घटना की विस्तृत जाँच जारी है। जाँच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि नुकसान की वास्तविक स्थिति क्या थी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए किन अतिरिक्त उपायों की आवश्यकता है। हालाँकि,राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी यात्री या कर्मचारी के घायल होने की सूचना नहीं है। इसके बावजूद यह घटना विमानन सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर रही है और संबंधित एजेंसियाँ अब इस दिशा में व्यापक समीक्षा करने की तैयारी में हैं।