होर्मुज जलडमरूमध्य के पास जहाज में आग के बाद राहत,सभी 24 भारतीय क्रू सदस्य सुरक्षित (तस्वीर क्रेडिट@pm_next40821)

होर्मुज जलडमरूमध्य के पास जहाज में आग के बाद राहत,सभी 24 भारतीय क्रू सदस्य सुरक्षित; ओमान का भारत ने जताया आभार

मस्कट,9 जून (युआईटीवी)- होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिणी क्षेत्र में एक जहाज पर आग लगने की घटना के बाद बड़ी राहत की खबर सामने आई है। मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ने पुष्टि की है कि एमटी मैरीवेक्स नामक जहाज पर सवार सभी 24 भारतीय क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है। इस सफल बचाव अभियान के बाद भारतीय दूतावास ने ओमान के अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनकी त्वरित कार्रवाई और सहयोग की सराहना की है।

यह घटना ऐसे समय में सामने आई,जब पश्चिम एशिया क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर पहले से ही चिंताएँ बनी हुई हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है,जहाँ से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में किसी जहाज पर आग लगने की सूचना ने तुरंत संबंधित एजेंसियों और देशों को सतर्क कर दिया।

मस्कट में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया मंच पर जारी अपने बयान में कहा कि वह ओमानी अधिकारियों का विशेष रूप से धन्यवाद करता है,जिन्होंने तेज प्रतिक्रिया देते हुए जहाज पर मौजूद सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की। दूतावास ने कहा कि अधिकारियों की त्वरित कार्रवाई के कारण सभी 24 भारतीय क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचाया जा सका और उनकी कुशलता सुनिश्चित की गई।

दूतावास ने अपने संदेश में यह भी स्पष्ट किया कि घटना की जानकारी मिलते ही भारतीय मिशन सक्रिय हो गया था और ओमान के संबंधित विभागों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा गया। भारतीय अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि जहाज पर मौजूद भारतीय नागरिकों को हर संभव सहायता और सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।

इससे पहले बंदरगाह,पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय द्वारा आयोजित एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में भी घटना के संबंध में प्रारंभिक जानकारी साझा की गई थी। मंत्रालय के अनुसार,जहाज में आग लगने की सूचना सोमवार दोपहर लगभग 1:30 बजे प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित किया गया और स्थिति की निगरानी शुरू कर दी गई।

मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि शुरुआती रिपोर्टों के आधार पर यह जानकारी मिली थी कि जहाज पर मौजूद सभी भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं। हालाँकि,उस समय घटना के कारणों और परिस्थितियों को लेकर विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं थी,लेकिन प्राथमिकता सभी नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।

शिपिंग विभाग के निदेशक ओपेश कुमार शर्मा ने भी घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आग लगने के वास्तविक कारणों की जाँच की जा रही है। उन्होंने बताया कि कुछ रिपोर्टों में जहाज पर किसी प्रोजेक्टाइल के लगने की आशंका व्यक्त की गई थी,लेकिन इस संबंध में कोई पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि अधिकारी इस पहलू की भी जाँच कर रहे हैं और अभी तक किसी निष्कर्ष पर पहुँचना जल्दबाजी होगी।

उन्होंने कहा कि घटना दोपहर करीब 1:30 बजे हुई थी और उसके बाद से संबंधित एजेंसियाँ लगातार जहाज के मालिकों तथा अन्य पक्षों के संपर्क में हैं। शर्मा ने बताया कि भारत सरकार का उद्देश्य घटना से जुड़े सभी तथ्यों का पता लगाना और भारतीय क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

भारतीय अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में विदेश मंत्रालय,ओमान में भारतीय मिशन और अन्य संबंधित संस्थाओं के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है। समुद्री सुरक्षा से जुड़े ऐसे मामलों में विभिन्न मंत्रालयों और एजेंसियों के बीच त्वरित तालमेल बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ने प्रारंभिक चरण में ही एक बयान जारी कर बताया था कि वह भारतीय क्रू से जुड़े जहाज की घटना की जाँच कर रहा है। दूतावास ने कहा था कि भारतीय नागरिकों के बचाव और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ओमानी अधिकारियों के साथ संपर्क बनाए रखा गया है। बाद में जब सभी क्रू सदस्यों के सुरक्षित होने की पुष्टि हुई तो भारतीय पक्ष ने राहत की सांस ली।

घटना के बाद भारत सरकार के विभिन्न विभागों ने भी सक्रियता दिखाई। शिपिंग मंत्रालय ने विदेश मंत्रालय,विदेशों में स्थित भारतीय मिशनों,भारतीय नौसेना और रक्षा मंत्रालय के साथ मिलकर स्थिति पर नजर रखी। इन सभी एजेंसियों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि जहाज पर मौजूद भारतीय नागरिकों को किसी प्रकार का नुकसान न पहुँचे और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

प्राप्त जानकारी के अनुसार,घटना के समय जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से काफी बाहर निकल चुका था और दक्षिण दिशा की ओर बढ़ रहा था। अधिकारियों ने बताया कि जहाज पर कोई व्यावसायिक माल नहीं था और वह बैलास्ट स्थिति में संचालित हो रहा था। समुद्री परिवहन की भाषा में बैलास्ट स्थिति का अर्थ होता है कि जहाज में वाणिज्यिक माल नहीं होता और वह संतुलन बनाए रखने के लिए आवश्यक तकनीकी व्यवस्था के साथ यात्रा कर रहा होता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बैलास्ट स्थिति में होने के कारण जहाज पर अतिरिक्त माल का जोखिम नहीं था,जिससे संभावित नुकसान को सीमित रखने में मदद मिली होगी। हालाँकि,आग लगने के कारणों और उसके प्रभाव को लेकर विस्तृत जाँच अभी जारी है।

समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार,होर्मुज जलडमरूमध्य और उसके आसपास का क्षेत्र वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की समुद्री घटना अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित करती है। यही कारण है कि एमटी मैरीवेक्स पर आग लगने की खबर सामने आते ही संबंधित देशों और एजेंसियों ने तुरंत प्रतिक्रिया दी।

फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि जहाज पर सवार सभी 24 भारतीय क्रू सदस्य सुरक्षित हैं और उनके जीवन को कोई नुकसान नहीं पहुँचा है। भारतीय दूतावास और ओमानी अधिकारियों के बीच प्रभावी समन्वय तथा त्वरित बचाव अभियान ने संभावित संकट को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अब जाँच एजेंसियाँ यह पता लगाने में जुटी हैं कि आग लगने की वास्तविक वजह क्या थी और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी खराबी,दुर्घटना या अन्य कारण जिम्मेदार थे। जब तक जाँच पूरी नहीं हो जाती,तब तक इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष निकालना संभव नहीं होगा। हालाँकि,भारतीय नागरिकों के सुरक्षित बचाव ने इस घटना के बीच राहत और संतोष की बड़ी खबर जरूर दी है।