खान सर (तस्वीर क्रेडिट@rashtra_press)

खान सर को कोर्ट से मिली अंतरिम सुरक्षा,गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक;मामले की अगली सुनवाई का इंतजार

पटना,9 जून (युआईटीवी)- पटना के चर्चित शिक्षक और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले खान सर को कानूनी राहत मिल गई है। पटना सिविल कोर्ट ने उन्हें अंतरिम सुरक्षा प्रदान करते हुए फिलहाल गिरफ्तारी से राहत दे दी है। इस फैसले के बाद खान सर के खिलाफ चल रही पुलिस कार्रवाई पर अस्थायी रोक लग गई है और वे बिना किसी तत्काल गिरफ्तारी के भय के अपने दैनिक कार्य कर सकेंगे। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए नई तारीख भी निर्धारित कर दी है।

खान सर के वकील अरविंद कुमार महुआर ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि अदालत ने उनके मुवक्किल को अंतरिम सुरक्षा प्रदान की है। उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश के बाद खान सर जहाँ चाहें आ-जा सकते हैं और फिलहाल उनकी गिरफ्तारी नहीं की जा सकती। वकील ने बताया कि अदालत ने कानून और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर यह राहत दी है तथा मामले की अगली सुनवाई निर्धारित कर दी गई है।

यह मामला पिछले कुछ दिनों से लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस की एक विशेष टीम खान सर की तलाश में जुटी हुई थी और उनके खिलाफ दर्ज मामले में गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही थी। इसी बीच खान सर की ओर से पटना सिविल कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की गई थी। इस याचिका पर सोमवार को अदालत में सुनवाई हुई थी।

सोमवार दोपहर लगभग साढ़े बारह बजे हुई सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं,लेकिन अदालत ने तत्काल कोई फैसला नहीं सुनाया। सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था। इसके बाद पूरे मामले पर लोगों की नजरें टिकी हुई थीं कि अदालत क्या फैसला सुनाएगी। अब अदालत द्वारा अंतरिम सुरक्षा दिए जाने के बाद खान सर को बड़ी राहत मिली है।

मामले की पृष्ठभूमि को देखें तो विवाद की शुरुआत एक कोचिंग संस्थान पर कथित हमले की घटना से हुई थी। खान सर की ओर से इस घटना को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कोचिंग सेंटर पर हमला किया गया और फायरिंग जैसी गंभीर घटना भी हुई। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने जाँच शुरू की थी और मामले में विभिन्न पक्षों से पूछताछ की गई थी।

जाँच के दौरान घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया। पुलिस ने मामले में अन्य कोचिंग संचालक रौशन कुमार को गिरफ्तार किया। वहीं जाँच के दौरान सामने आए तथ्यों,बरामद हथियारों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने खान सर और दो अन्य लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया। पुलिस का कहना था कि जाँच में कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं,जिनके आधार पर उकसाने और शस्त्र अधिनियम से जुड़े आरोप लगाए गए।

इसी एफआईआर के बाद खान सर कानूनी दायरे में आ गए और उनकी गिरफ्तारी की आशंका बढ़ गई। पुलिस उनकी तलाश कर रही थी,जबकि दूसरी ओर उनके समर्थकों और छात्रों के बीच इस मामले को लेकर लगातार चर्चा बनी हुई थी। ऐसे माहौल में खान सर ने अदालत का दरवाजा खटखटाते हुए अग्रिम जमानत की माँग की थी।

खान सर के वकील अरविंद कुमार महुआर ने इससे पहले कहा था कि इस पूरे विवाद की शुरुआत उस शिकायत से हुई थी,जो खान सर के स्टाफ की ओर से दर्ज कराई गई थी। उनके अनुसार,ज्ञान बिंदु के निदेशक और अन्य लोगों के खिलाफ खान सर के कर्मचारियों ने मामला दर्ज कराया था। बाद में घटनाक्रम बदलता गया और खान सर के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज कर ली गई।

वकील का कहना था कि अदालत के समक्ष सभी तथ्यों और परिस्थितियों को रखा गया है। उन्होंने विश्वास जताया था कि न्यायालय कानून के अनुसार फैसला करेगा। सोमवार को हुई सुनवाई के बाद उन्होंने कहा था कि अदालत ने निर्णय सुरक्षित रख लिया है और जल्द ही आदेश जारी किया जाएगा। अब अदालत द्वारा अंतरिम सुरक्षा प्रदान किए जाने के बाद उनके पक्ष को बड़ी राहत मिली है।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरिम सुरक्षा का अर्थ यह नहीं है कि मामला समाप्त हो गया है,बल्कि यह एक अस्थायी राहत होती है,जो अदालत अंतिम निर्णय आने तक किसी व्यक्ति को गिरफ्तारी से बचाने के लिए देती है। इस दौरान संबंधित व्यक्ति को जाँच में सहयोग करना होता है और अदालत द्वारा निर्धारित शर्तों का पालन करना पड़ता है।

दूसरी ओर,पुलिस की जाँच अभी भी जारी है। जाँच एजेंसियाँ मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि वह उपलब्ध साक्ष्यों,गवाहों के बयान और अन्य तकनीकी जानकारियों के आधार पर निष्पक्ष जाँच कर रही है। जाँच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

खान सर बिहार सहित देश के विभिन्न हिस्सों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले लोकप्रिय शिक्षकों में गिने जाते हैं। उनके पढ़ाने की शैली और सोशल मीडिया पर मौजूदगी के कारण बड़ी संख्या में छात्र उन्हें फॉलो करते हैं। यही वजह है कि उनके खिलाफ दर्ज मामले और उसके बाद की कानूनी कार्यवाही ने व्यापक जनचर्चा को जन्म दिया है।

फिलहाल अदालत से मिली अंतरिम सुरक्षा ने खान सर को तत्काल राहत जरूर दी है,लेकिन मामले का अंतिम निष्कर्ष अभी आना बाकी है। आगामी सुनवाई में अदालत के सामने दोनों पक्ष अपने-अपने तर्क और साक्ष्य प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद ही यह तय होगा कि अग्रिम जमानत याचिका पर अंतिम फैसला क्या होगा और मामले की कानूनी दिशा आगे किस प्रकार बढ़ेगी।

अभी के लिए इतना तय है कि पटना सिविल कोर्ट के आदेश के बाद खान सर को गिरफ्तारी से अस्थायी राहत मिल गई है। अब सभी की निगाहें अगली सुनवाई और पुलिस जाँच की प्रगति पर टिकी हुई हैं,जो इस बहुचर्चित मामले की आगे की तस्वीर को स्पष्ट करेगी।