पीवी सिंधु

ऑस्ट्रेलियन बैडमिंटन ओपन 2026 में पीवी सिंधु और तन्वी शर्मा का दमदार प्रदर्शन,दूसरे दौर में पहुँचीं भारतीय शटलर

सिडनी,11 जून (युआईटीवी)- ऑस्ट्रेलियन बैडमिंटन ओपन 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार शुरुआत करते हुए महिला एकल वर्ग में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। बुधवार को खेले गए मुकाबलों में भारत की स्टार शटलर और पूर्व विश्व चैंपियन पीवी सिंधु के साथ-साथ युवा खिलाड़ी तन्वी शर्मा ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए दूसरे दौर में जगह बना ली। दोनों खिलाड़ियों की जीत ने भारतीय बैडमिंटन प्रशंसकों के बीच उत्साह बढ़ा दिया है और टूर्नामेंट में भारत की उम्मीदों को नई मजबूती प्रदान की है।

दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने अपने पहले दौर के मुकाबले में पेरू की इनेस कैस्टिलो के खिलाफ पूरी तरह एकतरफा प्रदर्शन किया। ओलंपिक बुलेवार्ड वेन्यू पर खेले गए इस मैच में सिंधु ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और अपनी प्रतिद्वंद्वी को कोई मौका नहीं दिया। उन्होंने सीधे गेमों में 21-13 और 21-11 से जीत दर्ज कर अगले दौर में प्रवेश किया। मैच के दौरान सिंधु का अनुभव और तकनीकी श्रेष्ठता साफ दिखाई दी। उन्होंने कोर्ट के हर हिस्से का बेहतरीन इस्तेमाल किया और अपने सटीक स्मैश तथा नियंत्रित खेल से विरोधी खिलाड़ी पर लगातार दबाव बनाए रखा।

करीब आधे घंटे से कुछ अधिक समय तक चले इस मुकाबले में सिंधु ने कभी भी अपनी पकड़ ढीली नहीं होने दी। पहले गेम में शुरुआती बढ़त हासिल करने के बाद उन्होंने लगातार अंक जुटाए और आसानी से गेम अपने नाम कर लिया। दूसरे गेम में भी स्थिति लगभग वैसी ही रही। सिंधु ने अपनी लय बरकरार रखते हुए मुकाबला सीधे गेमों में समाप्त कर दिया। इस जीत के साथ उन्होंने प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है,जहाँ उनका सामना हमवतन इशरानी बरुआ से होगा।

इशरानी बरुआ ने भी पहले दौर में शानदार संघर्ष का परिचय दिया। उन्होंने चीन की हान कियानक्सी को तीन गेम तक चले मुकाबले में हराकर अगले चरण में प्रवेश किया। पहला गेम बेहद रोमांचक रहा,जिसमें इशरानी ने 22-20 से जीत हासिल की। हालाँकि,दूसरे गेम में उन्हें 10-21 से हार का सामना करना पड़ा,लेकिन निर्णायक गेम में उन्होंने जबरदस्त वापसी करते हुए 21-14 से जीत दर्ज की और अगले दौर का टिकट हासिल कर लिया। अब भारतीय बैडमिंटन प्रेमियों की नजरें सिंधु और इशरानी के बीच होने वाले मुकाबले पर टिकी होंगी।

महिला एकल वर्ग में भारत की एक और बड़ी सफलता 17 वर्षीय तन्वी शर्मा के रूप में सामने आई। भारतीय बैडमिंटन की नई सनसनी मानी जा रही तन्वी ने विश्व रैंकिंग में 11वें स्थान पर मौजूद चीनी ताइपे की चिउ पिन-चियन को हराकर बड़ा उलटफेर किया। तन्वी ने आत्मविश्वास से भरा प्रदर्शन करते हुए मुकाबला 21-12 और 22-20 से अपने नाम किया। पहले गेम में उन्होंने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा और विरोधी खिलाड़ी को सँभलने का मौका नहीं दिया। दूसरे गेम में मुकाबला काफी करीबी रहा,लेकिन दबाव के क्षणों में भी तन्वी ने शानदार संयम दिखाया और जीत सुनिश्चित की।

तन्वी शर्मा के लिए यह जीत विशेष महत्व रखती है। पिछले वर्ष विश्व जूनियर चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाली इस युवा खिलाड़ी ने पिछले कुछ समय में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। हालाँकि,2026 का सत्र उनके लिए आसान नहीं रहा था। इस वर्ष खेले गए कई टूर्नामेंटों में उन्हें शुरुआती दौर में ही हार का सामना करना पड़ा था। बावजूद इसके उन्होंने संघर्ष जारी रखा और अब ऑस्ट्रेलियन बैडमिंटन ओपन में मिली यह जीत उनके आत्मविश्वास को नई ऊँचाई देने वाली साबित हो सकती है।

अगले दौर में तन्वी शर्मा का सामना भारत की ही मालविका बंसोड़ से होगा। मालविका ने अपने पहले दौर के मुकाबले में थाईलैंड की टोनरुग साएहेंग को हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। मुकाबले की शुरुआत उनके लिए अच्छी नहीं रही और वह पहला गेम 15-21 से हार गईं,लेकिन इसके बाद उन्होंने शानदार वापसी की। दूसरे गेम में 21-7 और तीसरे गेम में 21-13 से जीत दर्ज कर उन्होंने मैच अपने नाम कर लिया। अब तन्वी और मालविका के बीच मुकाबला तय होने से भारतीय खिलाड़ी का क्वार्टर फाइनल में पहुँचना सुनिश्चित हो गया है।

महिला एकल वर्ग में भारत का अभियान यहीं नहीं रुका। तान्या हेमंत ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए संयुक्त राज्य अमेरिका की इशिका जायसवाल को सीधे गेमों में पराजित किया। तान्या ने 21-17 और 21-18 से जीत हासिल कर अगले दौर में प्रवेश किया। उनका खेल पूरे मैच के दौरान संतुलित और आत्मविश्वास से भरपूर नजर आया।

हालाँकि,महिला वर्ग में भारत को एक झटका भी लगा। आकर्षी कश्यप को मलेशिया की वोंग लिंग चिंग के खिलाफ बेहद करीबी मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। तीन गेम तक चले इस मुकाबले में आकर्षी ने कड़ा संघर्ष किया,लेकिन अंततः 19-21, 21-19 और 20-22 से हार गईं। मुकाबले का अंतिम गेम बेहद रोमांचक रहा,जहाँ दोनों खिलाड़ियों के बीच लगातार बढ़त बदलती रही,लेकिन निर्णायक क्षणों में मलेशियाई खिलाड़ी बाजी मारने में सफल रही।

दूसरी ओर पुरुष एकल वर्ग में भारत का प्रदर्शन उम्मीद के अनुरूप नहीं रहा। किरण जॉर्ज को मलेशिया के जस्टिन होह के खिलाफ कड़े मुकाबले में हार झेलनी पड़ी। वहीं क्वालीफायर सनीथ दयानंद भी चीन के हू झे-आन के खिलाफ जीत दर्ज नहीं कर सके और पहले ही दौर में बाहर हो गए।

दिन का सबसे रोमांचक मुकाबला थारुन मन्नेपल्ली और चीनी ताइपे के विश्व नंबर-10 खिलाड़ी लिन चुन-यी के बीच खेला गया। लगभग एक घंटा बीस मिनट तक चले इस मुकाबले में थारुन ने शानदार संघर्ष किया और कई मौकों पर अपने प्रतिद्वंद्वी को कड़ी चुनौती दी। हालाँकि,अंत में उन्हें 18-21, 21-13 और 23-25 से हार का सामना करना पड़ा। तीसरे गेम में मुकाबला बेहद रोमांचक रहा और दोनों खिलाड़ियों ने जीत के लिए पूरा जोर लगाया,लेकिन अंततः अनुभव और दबाव में बेहतर प्रदर्शन के कारण लिन चुन-यी विजयी रहे।

ऑस्ट्रेलियन बैडमिंटन ओपन में भारतीय महिला खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन देश के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। पीवी सिंधु जैसी अनुभवी खिलाड़ी और तन्वी शर्मा जैसी उभरती प्रतिभा की सफलताओं ने भारतीय बैडमिंटन के भविष्य को लेकर उम्मीदें और मजबूत कर दी हैं। अब सभी की नजरें अगले दौर के मुकाबलों पर होंगी,जहाँ भारतीय खिलाड़ी अपने अभियान को और आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगी।