तन्वी शर्मा (तस्वीर क्रेडिट@India_AllSports)

ऑस्ट्रेलियन बैडमिंटन ओपन 2026 में चमकी भारतीय चुनौती,पीवी सिंधु और तन्वी शर्मा ने क्वार्टर फाइनल में बनाई जगह

सिडनी,12 जून (युआईटीवी)- ऑस्ट्रेलियन बैडमिंटन ओपन 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। गुरुवार को महिला एकल वर्ग में भारत की अनुभवी स्टार खिलाड़ी पीवी सिंधु और युवा प्रतिभा तन्वी शर्मा ने अपने-अपने मुकाबले जीतकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया। दोनों खिलाड़ियों की जीत ने भारतीय बैडमिंटन प्रशंसकों को उत्साहित कर दिया है और टूर्नामेंट में भारत की पदक उम्मीदों को भी मजबूती प्रदान की है।

विश्व रैंकिंग में 10वें स्थान पर काबिज और टूर्नामेंट की तीसरी वरीय खिलाड़ी पीवी सिंधु ने प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में अपनी हमवतन खिलाड़ी इशरानी बरुआ को सीधे गेमों में पराजित किया। मुकाबले का पहला गेम काफी रोमांचक रहा,जिसमें इशरानी ने अनुभवी सिंधु को कड़ी चुनौती दी। दोनों खिलाड़ियों के बीच लंबी रैलियाँ देखने को मिलीं और एक समय मुकाबला बेहद संतुलित नजर आ रहा था। हालाँकि,महत्वपूर्ण मौकों पर सिंधु ने अपना अनुभव दिखाया और 22-20 से पहला गेम अपने नाम कर लिया।

पहले गेम में मिली कठिन चुनौती के बाद सिंधु ने दूसरे गेम में पूरी तरह अपना दबदबा स्थापित कर दिया। उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और इशरानी को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। शानदार स्मैश,सटीक नेट प्ले और बेहतरीन कोर्ट कवरेज के दम पर सिंधु ने दूसरा गेम 21-12 से जीत लिया। इस तरह उन्होंने 42 मिनट तक चले मुकाबले में सीधे गेमों में जीत हासिल करते हुए क्वार्टर फाइनल में अपना स्थान सुनिश्चित कर लिया।

दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधु का अगला मुकाबला चीनी ताइपे की चेन सु-यू से होगा। क्वार्टर फाइनल का यह मुकाबला काफी चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है,लेकिन मौजूदा फॉर्म को देखते हुए भारतीय स्टार खिलाड़ी से एक और शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। सिंधु पिछले कुछ समय से लगातार अपनी लय हासिल करने का प्रयास कर रही हैं और इस टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन आत्मविश्वास से भरपूर दिखाई दे रहा है।

दूसरी ओर,भारतीय बैडमिंटन को भविष्य की नई उम्मीद देने वाली 17 वर्षीय तन्वी शर्मा ने भी अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया। ऑल-इंडियन मुकाबले में उनका सामना अनुभवी भारतीय खिलाड़ी मालविका बंसोड़ से था। युवा तन्वी ने बिना किसी दबाव के शानदार खेल दिखाया और सीधे गेमों में जीत दर्ज कर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया।

तन्वी ने मुकाबले की शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाया। उन्होंने तेज गति से अंक जुटाए और मालविका को लय में आने का अवसर नहीं दिया। पहला गेम उन्होंने 21-13 से अपने नाम किया। दूसरे गेम में भी तन्वी ने अपना आत्मविश्वास बनाए रखा और लगातार दबाव बनाते हुए 21-15 से जीत हासिल कर ली। इस शानदार प्रदर्शन के साथ उन्होंने वर्ष के अपने दूसरे क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है।

तन्वी शर्मा की यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने एक अनुभवी खिलाड़ी के खिलाफ परिपक्वता और आत्मविश्वास का परिचय दिया। कम उम्र में जिस तरह का खेल वह दिखा रही हैं,उससे भविष्य में भारतीय बैडमिंटन को उनसे काफी उम्मीदें हैं। हालाँकि,क्वार्टर फाइनल में उनके सामने एक बेहद कठिन चुनौती होगी। उनका सामना जापान की शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ी और तीन बार की विश्व चैंपियन अकाने यामागुची से होगा। यह मुकाबला तन्वी के करियर की सबसे बड़ी परीक्षाओं में से एक माना जा रहा है।

भारतीय चुनौती को हालाँकि,कुछ झटके भी लगे। महिला एकल वर्ग में तान्या हेमंत का सफर समाप्त हो गया। उन्हें थाईलैंड की दूसरी वरीयता प्राप्त और विश्व रैंकिंग में आठवें स्थान पर मौजूद पोर्नपावी चोचुवोंग के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। तान्या ने संघर्ष जरूर किया,लेकिन वह अपने अनुभवी प्रतिद्वंद्वी के सामने ज्यादा देर तक टिक नहीं सकीं। पोर्नपावी ने पहला गेम 21-12 और दूसरा गेम 21-15 से जीतकर अगले दौर में जगह बना ली।

पुरुष युगल वर्ग में भारत के लिए अच्छी खबर सामने आई। एमआर अर्जुन और हरिहरन अमसाकरुणन की जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए क्वार्टर फाइनल की ओर मजबूत कदम बढ़ाया। उन्होंने न्यूजीलैंड के माइकल ओवेन और डायलन सोएडजासा की जोड़ी को सीधे गेमों में हराकर अपनी दावेदारी मजबूत कर दी। भारतीय जोड़ी ने पूरे मुकाबले में नियंत्रण बनाए रखा और 21-17, 21-7 से आसान जीत दर्ज की।

पहले गेम में न्यूजीलैंड की जोड़ी ने कुछ हद तक मुकाबला करने की कोशिश की,लेकिन दूसरे गेम में भारतीय खिलाड़ियों ने पूरी तरह एकतरफा प्रदर्शन किया। तेज रिफ्लेक्स,बेहतरीन तालमेल और आक्रामक रणनीति के दम पर अर्जुन और हरिहरन ने अपने विरोधियों को कोई मौका नहीं दिया। उनकी यह जीत भारतीय पुरुष युगल वर्ग के लिए उत्साहजनक संकेत मानी जा रही है।

हालाँकि,भारत को पुरुष युगल वर्ग में एक बड़ा झटका भी लगा है। देश की शीर्ष जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी इस टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले सकी। सात्विक को पिछले सप्ताह इंडोनेशिया में कंधे की चोट लग गई थी,जिसके कारण उन्हें प्रतियोगिता से बाहर रहना पड़ा। उनकी अनुपस्थिति भारतीय बैडमिंटन के लिए बड़ी कमी मानी जा रही है,क्योंकि यह जोड़ी हाल के वर्षों में लगातार शानदार प्रदर्शन करती रही है।

मिक्स्ड डबल्स वर्ग में भी भारत की चुनौती समाप्त हो गई। ध्रुव रावत और मनीषा कीर की जोड़ी को जापान के अकीरा कोगा और नात्सुओ सैतो के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। भारतीय जोड़ी ने दोनों गेमों में कड़ा संघर्ष किया,लेकिन निर्णायक क्षणों में जापानी खिलाड़ियों ने बेहतर प्रदर्शन किया। मुकाबला 21-19 और 21-18 के स्कोर के साथ जापानी जोड़ी के पक्ष में समाप्त हुआ।

कुल मिलाकर ऑस्ट्रेलियन बैडमिंटन ओपन में भारत के लिए यह दिन मिश्रित परिणामों वाला रहा। जहाँ पीवी सिंधु और तन्वी शर्मा ने महिला एकल वर्ग में शानदार जीत दर्ज कर देश की उम्मीदों को जीवित रखा,वहीं पुरुष युगल में भी सकारात्मक परिणाम सामने आए। अब भारतीय प्रशंसकों की निगाहें क्वार्टर फाइनल मुकाबलों पर टिकी होंगी,जहाँ सिंधु और तन्वी दोनों अपने-अपने प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ जीत हासिल कर सेमीफाइनल में पहुँचने का प्रयास करेंगी। यदि दोनों खिलाड़ी अपनी लय बरकरार रखती हैं,तो ऑस्ट्रेलियन बैडमिंटन ओपन में भारत के लिए एक यादगार अभियान देखने को मिल सकता है।