दांबुला,12 जून (युआईटीवी)- श्रीलंका के रंगिरी दांबुला अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेले गए त्रिकोणीय श्रृंखला के दूसरे मुकाबले में अफगानिस्तान-ए ने भारत-ए को डकवर्थ-लुईस नियम के आधार पर 4 रन से हराकर महत्वपूर्ण जीत दर्ज की। बारिश से प्रभावित इस मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बड़ा स्कोर खड़ा किया था, लेकिन मौसम ने अंततः मैच की दिशा बदल दी और अफगानिस्तान-ए को विजेता घोषित कर दिया गया।
मुकाबले में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारत-ए की टीम ने निर्धारित 49 ओवरों में 9 विकेट खोकर 349 रन बनाए। बारिश के कारण भारतीय पारी से एक ओवर कम कर दिया गया था,लेकिन इसके बावजूद बल्लेबाजों ने आक्रामक अंदाज में रन बनाते हुए विपक्षी टीम के सामने चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया।
भारतीय पारी की शुरुआत बेहद धमाकेदार रही। सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और प्रभसिमरन सिंह ने शुरुआत से ही अफगानिस्तान-ए के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। दोनों बल्लेबाजों ने मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाए और तेज गति से रन बटोरे। पहले विकेट के लिए दोनों ने केवल 7.1 ओवर में 74 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुँचा दिया।
युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सभी का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने केवल 22 गेंदों में 44 रन बनाए,जिसमें 9 शानदार चौके शामिल थे। हालाँकि,अर्धशतक से चूकने के बावजूद उनकी पारी ने भारतीय टीम को तेज शुरुआत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वैभव के आउट होने के बाद प्रियांश आर्य भी ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं टिक सके और केवल 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।
88 रन के स्कोर पर दो विकेट गिर जाने के बाद भारतीय पारी की जिम्मेदारी प्रभसिमरन सिंह और ऋतुराज गायकवाड़ ने सँभाली। दोनों बल्लेबाजों ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए तीसरे विकेट के लिए 79 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। प्रभसिमरन सिंह ने अपनी शानदार लय जारी रखते हुए 69 गेंदों पर 84 रन बनाए। उनकी पारी में 14 आकर्षक चौके शामिल रहे। उन्होंने अफगान गेंदबाजों को लगातार दबाव में रखा और भारतीय स्कोर को तेजी से आगे बढ़ाया।
प्रभसिमरन के आउट होने के बाद ऋतुराज गायकवाड़ ने कप्तान तिलक वर्मा के साथ मिलकर पारी को मजबूती प्रदान की। दोनों बल्लेबाजों ने चौथे विकेट के लिए महत्वपूर्ण साझेदारी करते हुए टीम को बड़े स्कोर की दिशा में आगे बढ़ाया। ऋतुराज ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 66 रन बनाए,जबकि कप्तान तिलक वर्मा ने भी उतने ही रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुँचाया। दोनों खिलाड़ियों ने जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी करते हुए मध्यक्रम को स्थिरता प्रदान की।
अंतिम ओवरों में सूर्यांश शेडगे ने तेजतर्रार अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 40 रन का उपयोगी योगदान दिया। उनकी आक्रामक पारी की बदौलत भारत-ए 349 रन के बड़े स्कोर तक पहुँचने में सफल रहा। अफगानिस्तान-ए की ओर से अब्दुल्ला अहमदजई सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 68 रन देकर 5 महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए। फरमानुल्लाह सफी ने भी प्रभावशाली गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट अपने नाम किए।
बारिश के कारण अफगानिस्तान-ए को संशोधित लक्ष्य मिला और उसे 38 ओवरों में 294 रन बनाने थे। बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी अफगान टीम ने सकारात्मक शुरुआत की। सलामी बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और भारतीय गेंदबाजों को जमने का मौका नहीं दिया।
हसन ईसाखिल और इमरान मीर ने पहले विकेट के लिए 63 रन जोड़कर टीम को मजबूत आधार दिया। हसन ने केवल 29 गेंदों पर 34 रन की तेज पारी खेली,जिसमें 6 चौके शामिल थे। उनके आउट होने के बाद खालिद तनीवाल भी ज्यादा योगदान नहीं दे सके और केवल 2 रन बनाकर लौट गए।
हालाँकि,शुरुआती दो विकेट गिरने के बाद भी अफगानिस्तान-ए की रन गति पर कोई असर नहीं पड़ा। इमरान मीर ने एक छोर सँभाले रखा और बेहतरीन बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने धैर्य और आक्रामकता का शानदार मिश्रण दिखाते हुए भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ लगातार रन बनाए। दूसरे छोर पर बशीर शाह ने भी उनका भरपूर साथ दिया।
दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए नाबाद 108 रन की साझेदारी कर अफगानिस्तान-ए को जीत की ओर बढ़ा दिया। इमरान मीर 75 रन बनाकर नाबाद रहे,जबकि बशीर शाह ने 51 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। जब बारिश ने एक बार फिर मुकाबले में बाधा डाली,तब अफगानिस्तान-ए का स्कोर 25.5 ओवर में 177 रन पर 2 विकेट था।
उस समय डकवर्थ-लुईस नियम के अनुसार अफगानिस्तान-ए निर्धारित लक्ष्य से आगे चल रही थी। बारिश लगातार जारी रहने के कारण खेल दोबारा शुरू नहीं हो सका। मैच अधिकारियों ने परिस्थितियों का आकलन करने के बाद मुकाबले को समाप्त घोषित कर दिया और डकवर्थ-लुईस नियम के तहत अफगानिस्तान-ए को 4 रन से विजेता घोषित कर दिया।
भारत-ए के लिए यह हार निश्चित रूप से निराशाजनक रही,क्योंकि टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए बड़ा स्कोर खड़ा किया था और बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया था। दूसरी ओर अफगानिस्तान-ए ने लक्ष्य का पीछा करते हुए बेहतरीन मानसिक मजबूती दिखाई और बारिश से पहले खुद को मजबूत स्थिति में पहुँचा दिया।
इस जीत के साथ अफगानिस्तान-ए ने त्रिकोणीय श्रृंखला में अपनी दावेदारी मजबूत कर ली है। वहीं भारत-ए को अब अगले मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करते हुए वापसी करनी होगी। मैच ने एक बार फिर साबित किया कि क्रिकेट में मौसम भी कई बार परिणाम तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और यही इस खेल की सबसे बड़ी अनिश्चितता है।
