बेलफास्ट,27 जून (युआईटीवी)- भारत और आयरलैंड के बीच खेली जा रही टी20 सीरीज का आगाज मेजबान टीम के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ। सिविल सर्विस क्रिकेट क्लब में खेले गए पहले मुकाबले में आयरलैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को 34 रन से हराकर इतिहास रच दिया। यह पहली बार है जब आयरलैंड ने टी20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में भारतीय टीम को शिकस्त दी है। इस जीत के साथ मेजबान टीम ने न सिर्फ सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली,बल्कि दुनिया की मजबूत क्रिकेट टीमों में शुमार भारत के खिलाफ अपनी सबसे यादगार जीत भी दर्ज कर ली।
183 रन के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। टीम के शीर्ष क्रम के बल्लेबाज आयरलैंड के गेंदबाजों के सामने पूरी तरह संघर्ष करते नजर आए। शुरुआती झटकों से भारतीय टीम कभी उबर नहीं सकी और नियमित अंतराल पर विकेट गंवाने का सिलसिला जारी रहा। पूरी टीम 18.5 ओवर में 148 रन पर सिमट गई और मुकाबला 34 रन से हार गई। इस हार ने भारतीय बल्लेबाजी क्रम की कमजोरियों को उजागर कर दिया,जबकि आयरलैंड ने हर विभाग में बेहतर प्रदर्शन करते हुए जीत अपने नाम की।
भारतीय पारी की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन केवल 5 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इसके तुरंत बाद ईशान किशन भी महज 1 रन बनाकर आउट हो गए। कप्तान श्रेयस अय्यर से टीम को बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वह भी सिर्फ 3 रन बनाकर चलते बने। शुरुआती तीन विकेट बेहद कम स्कोर पर गिरने से भारतीय टीम दबाव में आ गई और रन गति भी प्रभावित हुई।
इन मुश्किल परिस्थितियों में युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और आयरलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की। अभिषेक ने केवल 20 गेंदों में 50 रन की विस्फोटक पारी खेली। अपनी इस पारी में उन्होंने 7 चौके और 2 शानदार छक्के लगाए। उनकी बल्लेबाजी ने कुछ समय के लिए भारतीय टीम की उम्मीदों को जिंदा रखा,लेकिन दूसरे छोर से उन्हें किसी बल्लेबाज का पर्याप्त साथ नहीं मिला। जैसे ही अभिषेक का विकेट गिरा, भारतीय टीम की जीत की उम्मीदें भी लगभग समाप्त हो गईं।
मध्यक्रम में तिलक वर्मा ने 19 रन बनाए,जबकि शिवम दुबे ने 25 रन की उपयोगी पारी खेली। ऑलराउंडर अक्षर पटेल ने भी 15 रन का योगदान दिया,लेकिन इनमें से कोई भी बल्लेबाज अपनी अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सका। निचले क्रम के बल्लेबाज भी अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए,जिसके कारण भारतीय टीम निर्धारित लक्ष्य तक पहुँचने से काफी पहले ही ऑलआउट हो गई।
आयरलैंड की ओर से गेंदबाजों ने बेहद अनुशासित प्रदर्शन किया। बाएं हाथ के स्पिनर मैथ्यू हम्फ्रीज ने अपनी सटीक गेंदबाजी से भारतीय बल्लेबाजों को खूब परेशान किया और 3 महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किए। मैथ्यू होलार्ड ने भी शानदार गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट हासिल किए। जय मूंद्रा ने 2 विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। लियाम मैकार्थी और गारेथ डेलानी को भी एक-एक सफलता मिली। आयरलैंड के गेंदबाजों ने लगातार सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी की,जिसके चलते भारतीय बल्लेबाज खुलकर बल्लेबाजी नहीं कर सके।
इससे पहले टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी आयरलैंड की टीम ने निर्धारित 20 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 182 रन का प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया। शुरुआत में भारतीय गेंदबाजों ने कुछ हद तक दबाव बनाया,लेकिन मध्य ओवरों में आयरलैंड के बल्लेबाजों ने शानदार वापसी करते हुए तेजी से रन जुटाए।
आयरलैंड के कप्तान पॉल टकर ने जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी करते हुए 36 गेंदों में 50 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में 5 चौके और 2 छक्के लगाए। कप्तान ने एक छोर सँभालकर रखा और जरूरत के समय तेज रन भी बनाए। उनके अलावा गारेथ डेलानी ने भी आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 32 गेंदों पर 49 रन की शानदार पारी खेली। डेलानी ने अपनी पारी में 3 चौके और 3 छक्के लगाए तथा भारतीय गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। इन दोनों बल्लेबाजों की साझेदारी ने आयरलैंड को मजबूत स्कोर तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भारतीय गेंदबाजी की बात करें तो तेज गेंदबाज हर्षित राणा सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 4 ओवर में केवल 24 रन देकर 3 विकेट हासिल किए और विपक्षी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। अर्शदीप सिंह ने भी प्रभावी गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 28 रन देकर 2 विकेट लिए। ऑलराउंडर शिवम दुबे ने 3 ओवर में 18 रन खर्च कर एक विकेट अपने नाम किया। अक्षर पटेल ने भी 4 ओवर में 33 रन देकर 2 बल्लेबाजों को आउट किया।
हालाँकि,भारतीय गेंदबाजी में कुछ कमजोरियाँ भी साफ दिखाई दीं। वाशिंगटन सुंदर अपने एकमात्र ओवर में काफी महँगे साबित हुए और बिना कोई विकेट लिए 19 रन खर्च कर बैठे। वहीं तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा का प्रदर्शन सबसे निराशाजनक रहा। उन्होंने अपने 4 ओवर के स्पेल में 57 रन लुटा दिए और एक भी विकेट हासिल नहीं कर सके। उनकी महँगी गेंदबाजी का फायदा उठाते हुए आयरलैंड के बल्लेबाजों ने अंतिम ओवरों में तेजी से रन बनाए,जिसने मुकाबले का रुख काफी हद तक बदल दिया।
इस जीत के साथ आयरलैंड ने यह साबित कर दिया कि वह अब केवल बड़ी टीमों को चुनौती देने तक सीमित नहीं है,बल्कि उन्हें हराने की क्षमता भी रखता है। दूसरी ओर भारतीय टीम के लिए यह हार कई सवाल छोड़ गई है। शीर्ष क्रम की विफलता,मध्यक्रम का बड़ी साझेदारी नहीं बना पाना और कुछ गेंदबाजों की महँगी गेंदबाजी टीम की हार के प्रमुख कारण रहे। अब भारतीय टीम की नजरें सीरीज के अगले मुकाबले पर होंगी,जहाँ वह वापसी कर सीरीज बराबर करने की कोशिश करेगी। वहीं आयरलैंड अपने आत्मविश्वास को बरकरार रखते हुए इतिहास रचने के बाद सीरीज जीतने के इरादे से मैदान पर उतरेगा।
