रूस-यूक्रेन युद्ध का दृश्य

रूस का यूक्रेन पर भीषण मिसाइल और ड्रोन हमला,कीव समेत कई शहरों में तबाही; 13 लोगों की मौत, 90 से अधिक घायल

नई द‍िल्‍ली,3 जुलाई (युआईटीवी)- रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। यूक्रेन की राजधानी कीव सहित कई प्रमुख शहरों पर रूस ने बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं,जिनमें कम-से-कम 13 लोगों की मौत हो गई,जबकि 90 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इन हमलों को नागरिक आबादी को निशाना बनाने वाला हमला बताते हुए कहा कि रूस ने अंतर्राष्ट्रीय मानवीय सिद्धांतों की अनदेखी करते हुए आवासीय क्षेत्रों,चिकित्सा सुविधाओं और अन्य नागरिक ढांचों को लक्ष्य बनाया है। उन्होंने कहा कि यह हमला केवल सैन्य कार्रवाई नहीं,बल्कि आम नागरिकों के जीवन पर सीधा प्रहार है।

राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी अपने संदेश में बताया कि राजधानी कीव में रूसी हमलों के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि बचाव दल मलबा हटाने,फँसे हुए लोगों को निकालने और घायलों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाने में जुटे हुए हैं। कई स्थानों पर इमारतों के ढह जाने के कारण बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। उन्होंने कहा कि शहर के 20 से अधिक स्थानों पर नुकसान हुआ है और इनमें अधिकांश इलाके आम नागरिकों के रहने वाले आवासीय क्षेत्र हैं।

जेलेंस्की ने बताया कि हमलों में केवल घरों को ही नुकसान नहीं पहुँचा,बल्कि एक एंबुलेंस स्टेशन,एक अनुसंधान संस्थान,एक होटल और कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। उनके अनुसार इस प्रकार के हमले यह दर्शाते हैं कि रूस ने नागरिक बुनियादी ढाँचे को भी निशाना बनाया है। उन्होंने कहा कि राहत एजेंसियाँ और आपातकालीन सेवाएँ लगातार प्रभावित इलाकों में काम कर रही हैं,ताकि अधिक से अधिक लोगों को समय पर सहायता मिल सके।

यूक्रेनी राष्ट्रपति के अनुसार प्रारंभिक जानकारी में 13 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यह पूरे देश के लिए बेहद दुखद क्षण है। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है,उनके दर्द को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। इसके अलावा 90 से अधिक लोग घायल हुए हैं,जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

जेलेंस्की ने कहा कि राजधानी कीव के अलावा देश के अन्य हिस्सों को भी इस हमले का सामना करना पड़ा। खारकीव क्षेत्र में एक बच्चे सहित पाँच लोग घायल हुए हैं। वहीं कीव क्षेत्र के अन्य हिस्सों में भी दो लोगों के घायल होने की सूचना है। उन्होंने बताया कि इन इलाकों में भी नागरिक ढाँचे को नुकसान पहुँचा है। इसके अतिरिक्त रूस ने सूमी,नीपर, जापोरिज्जिया और चेर्कासी क्षेत्रों को भी निशाना बनाया,जहाँ कई स्थानों पर विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं और स्थानीय प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्य शुरू करना पड़ा।

यूक्रेन के राष्ट्रपति ने दावा किया कि यह हमला हाल के महीनों में सबसे बड़े हमलों में से एक था। उनके अनुसार पूरी रात रूस ने यूक्रेन पर 70 से अधिक विभिन्न प्रकार की मिसाइलें दागीं। इनमें लगभग आधी बैलिस्टिक मिसाइलें थीं,जिन्हें रोकना सामान्य मिसाइलों की तुलना में कहीं अधिक कठिन माना जाता है। इसके साथ ही रूस ने लगभग 500 हमला करने वाले ड्रोन भी भेजे,जिनमें जेट इंजन से लैस ‘शाहेद’ ड्रोन भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि इस व्यापक हमले का मुख्य लक्ष्य राजधानी कीव थी, हालाँकि,देश के कई अन्य क्षेत्रों को भी एक साथ निशाना बनाया गया।

जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली ने अनेक मिसाइलों और ड्रोन को सफलतापूर्वक मार गिराया। इसके बावजूद हमलों का पैमाना इतना बड़ा था कि सभी मिसाइलों और ड्रोन को रोक पाना संभव नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि जिन मिसाइलों और ड्रोन को रोका नहीं जा सका,उन्होंने नागरिक इलाकों में भारी नुकसान पहुँचाया। उनके अनुसार यह स्थिति इस बात की ओर संकेत करती है कि यूक्रेन को अपनी वायु रक्षा क्षमता और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है।

राष्ट्रपति जेलेंस्की ने एक बार फिर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए सहयोग बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि एयर डिफेंस सिस्टम की आपूर्ति इस समय यूक्रेन की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उनके अनुसार आधुनिक वायु रक्षा प्रणाली न केवल सैन्य ठिकानों की सुरक्षा करती है,बल्कि सीधे तौर पर आम नागरिकों की जान भी बचाती है। उन्होंने कहा कि हर अतिरिक्त एयर डिफेंस सिस्टम भविष्य में ऐसे हमलों के प्रभाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

उन्होंने विशेष रूप से ‘पर्ल’ कार्यक्रम के तहत मिल रहे सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से मिलने वाली सहायता यूक्रेन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि एयर डिफेंस से जुड़ा हर द्विपक्षीय समझौता युद्ध के मैदान में वास्तविक अंतर पैदा करता है। उन्होंने उन सभी देशों और नेताओं का आभार व्यक्त किया जो लगातार यूक्रेन को सैन्य,तकनीकी और मानवीय सहायता प्रदान कर रहे हैं।

जेलेंस्की ने यह भी कहा कि केवल मौजूदा रक्षा प्रणालियों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होगा। उन्होंने एंटी-बैलिस्टिक रक्षा प्रणाली के उत्पादन और आपूर्ति से जुड़े अंतर्राष्ट्रीय समझौतों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनके अनुसार भविष्य में ऐसे हमलों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए अत्याधुनिक तकनीक और उन्नत रक्षा प्रणालियों का विकास तथा उनका शीघ्र उपयोग आवश्यक है।

यूक्रेनी राष्ट्रपति ने अमेरिका से भी विशेष उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि यूक्रेन को विश्वास है कि अमेरिका पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम और उससे जुड़े अन्य रक्षा सहयोग के लिए आवश्यक लाइसेंस तथा समर्थन प्रदान करने के संबंध में सकारात्मक निर्णय लेगा। उनके अनुसार पैट्रियट जैसी आधुनिक वायु रक्षा प्रणालियाँ बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और नागरिक आबादी की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे निर्णय न केवल वर्तमान युद्ध में यूक्रेन की रक्षा क्षमता बढ़ाएँगे,बल्कि भविष्य में इस प्रकार के हमलों को रोकने में भी सहायक होंगे।

जेलेंस्की ने अपने संदेश में कहा कि रूस द्वारा लगातार किए जा रहे मिसाइल और ड्रोन हमले यह दिखाते हैं कि युद्ध अभी भी बेहद गंभीर स्थिति में है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन अपने नागरिकों की सुरक्षा और देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करता रहेगा। साथ ही उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह यूक्रेन के समर्थन में एकजुट बना रहे,क्योंकि यह संघर्ष केवल एक देश की सुरक्षा का नहीं,बल्कि अंतर्राष्ट्रीय कानून, संप्रभुता और वैश्विक स्थिरता की रक्षा का भी प्रश्न है।

अपने संबोधन के अंत में राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने उन सभी देशों,नेताओं और संगठनों का धन्यवाद किया जो इस कठिन समय में यूक्रेन के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि हर प्रकार का सहयोग—चाहे वह मानवीय सहायता हो,सैन्य समर्थन हो या वायु रक्षा प्रणाली की आपूर्ति—यूक्रेन के लोगों के जीवन की रक्षा करने में अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और मजबूत रक्षा क्षमता के माध्यम से भविष्य में ऐसे हमलों का प्रभाव कम किया जा सकेगा तथा युद्ध को समाप्त करने की दिशा में भी ठोस प्रगति संभव होगी।