नई दिल्ली,3 जुलाई (युआईटीवी)- देश की प्रमुख सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी एचसीएल टेक्नोलॉजीज ने वैश्विक स्तर पर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए यूरोप की एक फॉर्च्यून ग्लोबल 50 कंपनी के साथ 1.14 अरब डॉलर मूल्य के रणनीतिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत एचसीएल टेक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित ऑपरेटिंग मॉडल विकसित करेगी,जिसके माध्यम से ग्राहक कंपनी के वैश्विक डिजिटल वर्कप्लेस और एंटरप्राइज नेटवर्क का आधुनिकीकरण और संचालन किया जाएगा। कंपनी का मानना है कि यह समझौता न केवल उसकी ऑर्डर बुक को मजबूत करेगा,बल्कि वैश्विक स्तर पर एआई आधारित तकनीकी सेवाओं में उसकी स्थिति को भी और सशक्त बनाएगा।
एचसीएल टेक ने शुक्रवार को शेयर बाजार को दी गई जानकारी में इस बहुचर्चित समझौते की पुष्टि की। कंपनी ने बताया कि यह पूरी तरह नया कारोबार है और इसके माध्यम से उसे लंबे समय तक स्थिर राजस्व मिलने की उम्मीद है। एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार इस समझौते की शुरुआती अवधि जुलाई से लेकर दिसंबर 2031 तक रहेगी। इसके बाद दोनों पक्षों के पास इसे अतिरिक्त पांच वर्षों के लिए बढ़ाने का विकल्प भी मौजूद रहेगा। प्रारंभिक अवधि के दौरान इस समझौते का अनुमानित मूल्य 1.14 अरब डॉलर आंका गया है,जो भारतीय मुद्रा में कई हजार करोड़ रुपये के बराबर है।
कंपनी के अनुसार इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य ग्राहक कंपनी के डिजिटल बुनियादी ढाँचे को अधिक आधुनिक,सुरक्षित और कुशल बनाना है। एचसीएल टेक कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित समाधान,स्वचालन तकनीक और आधुनिक डिजिटल प्रबंधन प्रणालियों का उपयोग करके वैश्विक स्तर पर डिजिटल वर्कप्लेस और एंटरप्राइज नेटवर्क संचालन को नई दिशा देगी। इससे नेटवर्क प्रदर्शन बेहतर होगा,संचालन लागत कम होगी,साइबर सुरक्षा मजबूत होगी और कर्मचारियों को अधिक सहज डिजिटल कार्य वातावरण उपलब्ध कराया जा सकेगा।
पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक स्तर पर डिजिटल परिवर्तन की गति तेज हुई है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता,क्लाउड कंप्यूटिंग,ऑटोमेशन और डेटा एनालिटिक्स जैसी तकनीकों ने कंपनियों के काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है। ऐसे माहौल में बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ अपने आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को अधिक स्मार्ट और भविष्य के अनुरूप बनाने के लिए विशेषज्ञ तकनीकी कंपनियों के साथ दीर्घकालिक समझौते कर रही हैं। एचसीएल टेक की यह नई डील इसी बदलते वैश्विक रुझान का हिस्सा मानी जा रही है।
कंपनी ने अपनी फाइलिंग में कहा कि यह समझौता उसकी ऑर्डर बुक को उल्लेखनीय मजबूती देगा। सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में किसी भी कंपनी की भविष्य की आय का महत्वपूर्ण संकेत उसकी ऑर्डर बुक मानी जाती है। ऐसे में इतनी बड़ी दीर्घकालिक डील निवेशकों के लिए भी सकारात्मक संकेत के रूप में देखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे आने वाले वर्षों में कंपनी की आय में स्थिरता आएगी और वैश्विक ग्राहकों के बीच उसकी विश्वसनीयता और बढ़ेगी।
हाल के महीनों में एचसीएल टेक ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल परिवर्तन के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। यह नया समझौता भी कंपनी की दीर्घकालिक एआई रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। कंपनी लगातार ऐसी साझेदारियाँ कर रही है, जिनके माध्यम से वह वैश्विक ग्राहकों को अत्याधुनिक तकनीकी समाधान उपलब्ध करा सके।
जून महीने में एचसीएल टेक ने एक नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी के साथ दीर्घकालिक रणनीतिक समझौता किया था। इस साझेदारी का उद्देश्य आईटी सेवाओं को एकीकृत करना और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित परिचालन बदलाव को गति देना था। कंपनी का मानना है कि ऊर्जा क्षेत्र में डिजिटल तकनीकों का उपयोग भविष्य में संचालन को अधिक प्रभावी और टिकाऊ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इसी क्रम में एचसीएल टेक ने दूरसंचार क्षेत्र में भी अपनी मौजूदगी मजबूत करने की दिशा में कई कदम उठाए हैं। कंपनी ने नोकिया के साथ साझेदारी कर एआई आधारित आरऐप्स तकनीक के माध्यम से स्वायत्त दूरसंचार नेटवर्क अनुकूलन को तेज करने का निर्णय लिया। इस सहयोग का उद्देश्य नेटवर्क संचालन को अधिक बुद्धिमान बनाना और सेवा गुणवत्ता में सुधार करना है। इसके अलावा कंपनी ने सर्कल्स और ग्रेस्काईज के साथ मिलकर एआई संचालित दूरसंचार सॉफ्टवेयर समाधान विकसित करने की दिशा में भी काम शुरू किया है।
कंपनी ने केवल साझेदारियों तक ही अपने विस्तार को सीमित नहीं रखा है,बल्कि अधिग्रहण और निवेश के माध्यम से भी अपनी तकनीकी क्षमताओं को मजबूत किया है। हाल ही में एचसीएल टेक ने क्लाउड सॉफ्टवेयर ग्रुप से बिजनेस इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म जैस्परसॉफ्ट के अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की। इस अधिग्रहण से कंपनी को डेटा विश्लेषण,बिजनेस इंटेलिजेंस और निर्णय लेने से जुड़े आधुनिक समाधान विकसित करने में अतिरिक्त मजबूती मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा कंपनी ने सॉवरेन एआई स्टार्टअप सर्वम एआई के 234 मिलियन डॉलर के सीरीज-बी फंडिंग राउंड में भी निवेश किया है। इस निवेश को भविष्य की एआई तकनीकों में कंपनी की बढ़ती रुचि और दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आने वाले वर्षों में सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग का सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र बनने जा रही है और एचसीएल टेक इसी दिशा में अपने निवेश और साझेदारियों को लगातार बढ़ा रही है।
नई वैश्विक डील की घोषणा के बाद शेयर बाजार में भी निवेशकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली। शुक्रवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में एचसीएल टेक के शेयरों में जोरदार तेजी दर्ज की गई। दोपहर करीब 12 बजे कंपनी का शेयर 6.29 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,145.70 रुपये पर कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी दीर्घकालिक डील से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और भविष्य में कंपनी की आय को लेकर सकारात्मक संकेत मिले हैं।
हालाँकि,यह भी उल्लेखनीय है कि पिछले एक वर्ष के दौरान कंपनी के शेयरों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला था। बीते एक साल में एचसीएल टेक का शेयर 30 प्रतिशत से अधिक गिर चुका था,जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ी थी। ऐसे समय में 1.14 अरब डॉलर की इस नई वैश्विक डील ने बाजार में कंपनी को लेकर सकारात्मक माहौल बनाया है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि कंपनी इसी तरह बड़े अंतर्राष्ट्रीय अनुबंध हासिल करती रही और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सेवाओं में अपनी बढ़त बनाए रखी,तो आने वाले समय में उसके वित्तीय प्रदर्शन और बाजार मूल्यांकन दोनों में सुधार देखने को मिल सकता है। एचसीएल टेक की यह उपलब्धि न केवल कंपनी के लिए,बल्कि भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग के लिए भी वैश्विक स्तर पर बढ़ते विश्वास और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता का महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है।
