पुणे,6 जुलाई (युआईटीवी)- महाराष्ट्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राज्य के कई हिस्सों में भारी वर्षा के कारण नदियां उफान पर हैं,जबकि पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं। सबसे अधिक असर मुंबई और पुणे के बीच संपर्क पर पड़ा है,जहाँ बड़े पैमाने पर हुए भूस्खलन के कारण पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे और पुराना मुंबई-पुणे राष्ट्रीय राजमार्ग अगले आदेश तक पूरी तरह बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए दोनों दिशाओं में वाहनों की आवाजाही रोक दी है। इसके साथ ही रेल सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं,जिससे राज्य के दो सबसे बड़े आर्थिक और औद्योगिक केंद्रों के बीच यात्रा करने वाले हजारों लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लगातार हो रही बारिश के कारण पश्चिमी घाट के पहाड़ी क्षेत्रों में मिट्टी और चट्टानों के खिसकने का खतरा काफी बढ़ गया है। इसी के चलते पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक बड़ा भूस्खलन हुआ,जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से मार्ग को बंद करने का फैसला लिया। अधिकारियों का कहना है कि लगातार बारिश के बीच सड़क पर यात्रा करना जोखिम भरा हो सकता है,इसलिए किसी भी संभावित दुर्घटना से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है।
पुणे जिला प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार,मौसम विभाग की चेतावनी और लगातार बढ़ रहे भूस्खलन के खतरे को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। प्रशासन ने बताया कि जब तक मौसम में सुधार नहीं होता और संबंधित एजेंसियाँ पूरी तरह यह सुनिश्चित नहीं कर लेतीं कि मार्ग सुरक्षित है,तब तक एक्सप्रेसवे और पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात शुरू नहीं किया जाएगा।
महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम ने बताया कि पुणे से मुंबई जाने वाली लेन पर कनेक्टिंग लिंक रोड के टनल-2 के एग्जिट गेट के पास बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ है। भारी मात्रा में मिट्टी और चट्टानें सड़क पर आ गईं,जिससे मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सुबह करीब चार बजे से ही यातायात को वैकल्पिक मार्गों की ओर मोड़ना शुरू कर दिया गया था। हालाँकि,लगातार बारिश के कारण वैकल्पिक मार्गों पर भी वाहनों की संख्या बढ़ गई है,जिससे कई स्थानों पर लंबा जाम लग गया।
भूस्खलन के बाद महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम,हाईवे ट्रैफिक पुलिस,स्थानीय प्रशासन और अन्य संबंधित एजेंसियों ने संयुक्त रूप से राहत एवं मार्ग बहाली का अभियान शुरू किया। जेसीबी मशीनों और अन्य भारी उपकरणों की सहायता से सड़क पर गिरे मलबे को हटाने का कार्य किया जा रहा है। हालाँकि,लगातार हो रही बारिश राहत कार्यों में बड़ी बाधा बन रही है। बारिश के कारण बार-बार मिट्टी और पत्थर खिसक रहे हैं,जिससे मलबा हटाने का कार्य अपेक्षा से अधिक समय ले रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सबसे पहले सड़क की स्थिरता और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी,उसके बाद ही यातायात बहाल करने का निर्णय लिया जाएगा।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करें। यदि किसी कारणवश यात्रा करना जरूरी हो तो घर से निकलने से पहले प्रशासन,हाईवे पुलिस और संबंधित विभागों द्वारा जारी ताजा यातायात संबंधी जानकारी अवश्य प्राप्त करें। अधिकारियों ने यह भी कहा है कि हाईवे पर फँसे वाहन चालक धैर्य बनाए रखें और ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पूरी तरह पालन करें। किसी भी तरह की अफवाह या अपुष्ट सूचना पर भरोसा न करने की भी सलाह दी गई है।
सिर्फ सड़क मार्ग ही नहीं,बल्कि भारी बारिश और भूस्खलन का असर रेल सेवाओं पर भी साफ दिखाई दे रहा है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार,मुंबई मंडल के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में ठाकुरवाड़ी और मंकी हिल लूप केबिन सेक्शन के बीच तथा अप मेन लाइन पर भूस्खलन होने के कारण रेल परिचालन प्रभावित हुआ है। पटरियों के आसपास मलबा आने और सुरक्षा संबंधी जोखिम बढ़ने के कारण कई ट्रेनों का संचालन रोकना पड़ा। रेलवे की तकनीकी टीमें लगातार ट्रैक का निरीक्षण कर रही हैं और मलबा हटाने के साथ-साथ पटरियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटी हुई हैं।
रेलवे प्रशासन ने बताया कि इस स्थिति के कारण मुंबई-नासिक मार्ग पर चलने वाली कई एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द करना पड़ा है,जबकि कुछ ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है। कई ट्रेनों को वैकल्पिक मार्गों से चलाया जा रहा है,जिससे यात्रियों को अतिरिक्त समय लग सकता है। रेलवे ने सभी यात्रियों से अनुरोध किया है कि स्टेशन के लिए रवाना होने से पहले अपनी ट्रेन की वर्तमान स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें,ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
मुंबई और पुणे महाराष्ट्र के दो सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक,औद्योगिक और व्यावसायिक केंद्र हैं। दोनों शहरों के बीच प्रतिदिन लाखों लोग नौकरी,व्यापार,शिक्षा और अन्य कार्यों के लिए यात्रा करते हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में मालवाहक वाहन भी इसी मार्ग से गुजरते हैं। ऐसे में सड़क और रेल दोनों मार्गों के प्रभावित होने से परिवहन व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ा है। औद्योगिक गतिविधियों,आपूर्ति श्रृंखला और दैनिक आवागमन पर भी इसका प्रभाव देखने को मिल रहा है। कई यात्रियों को अपने कार्यक्रम स्थगित करने पड़े हैं,जबकि कुछ लोग वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेने को मजबूर हैं।
मौसम विभाग ने भी महाराष्ट्र के कई जिलों में अगले कुछ समय तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके मद्देनजर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है। भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है और आपदा प्रबंधन दलों को भी अलर्ट पर रखा गया है। यदि आवश्यकता पड़ी तो प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त बचाव दल भी तैनात किए जाएँगे।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मौसम की स्थिति में सुधार और सुरक्षा एजेंसियों की विस्तृत समीक्षा के बाद ही पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे,पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग तथा प्रभावित रेल मार्गों को दोबारा खोला जाएगा। तब तक लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और केवल आधिकारिक स्रोतों से जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करने की अपील की गई है। लगातार बारिश के इस दौर में प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकना है। वहीं राहत एवं बहाली कार्य तेजी से जारी हैं,ताकि हालात सामान्य होते ही परिवहन सेवाओं को सुरक्षित रूप से फिर से शुरू किया जा सके।
