नई दिल्ली, 6 जुलाई (युआईटीवी)- फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ 16 में इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मेक्सिको को 3-2 से हराकर क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। रोमांच,संघर्ष और उतार-चढ़ाव से भरपूर इस मुकाबले में इंग्लैंड को जीत दिलाने में जूड बेलिंगहम ने सबसे अहम भूमिका निभाई। उन्होंने दो शानदार गोल दागकर अपनी टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई,जबकि कप्तान हैरी केन ने पेनल्टी पर एक गोल कर जीत को सुनिश्चित किया। दूसरी ओर मेक्सिको ने भी अंत तक जोरदार संघर्ष किया और दो गोल करके मुकाबले को रोमांचक बनाए रखा,लेकिन इंग्लैंड की मजबूत रक्षापंक्ति और गोलकीपर जॉर्डन पिकफोर्ड के शानदार प्रदर्शन के कारण वह बराबरी हासिल नहीं कर सका। इस हार के साथ ही मेक्सिको का विश्व कप अभियान समाप्त हो गया,जबकि इंग्लैंड अब क्वार्टर फाइनल में नॉर्वे से भिड़ेगा।
खराब मौसम के कारण यह मुकाबला निर्धारित समय से कुछ देर बाद शुरू हुआ,लेकिन जैसे ही खेल शुरू हुआ,दोनों टीमों ने आक्रामक अंदाज में खेलना शुरू कर दिया। शुरुआती मिनटों से ही इंग्लैंड और मेक्सिको लगातार एक-दूसरे के गोल पर हमले करते रहे। दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने तेज गति से खेलते हुए दर्शकों को रोमांचक मुकाबले का अहसास कराया। पहले हाफ के अधिकांश समय तक दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला और कोई भी टीम शुरुआती बढ़त हासिल नहीं कर सकी।
लगातार प्रयासों के बाद इंग्लैंड को 36वें मिनट में पहली सफलता मिली। मिडफील्डर जूड बेलिंगहम ने शानदार मूव को शानदार फिनिश के साथ गोल में बदलते हुए इंग्लैंड को 1-0 की बढ़त दिला दी। इस गोल से इंग्लैंड का आत्मविश्वास बढ़ गया और उसने मेक्सिको पर दबाव और बढ़ा दिया। बेलिंगहम ने इसके केवल 98 सेकंड बाद एक बार फिर अपनी प्रतिभा का परिचय देते हुए दूसरा गोल दाग दिया। 38वें मिनट में किया गया यह गोल इंग्लैंड के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ,क्योंकि कुछ ही क्षणों में टीम ने 2-0 की मजबूत बढ़त बना ली।
हालाँकि,मेक्सिको ने इतनी जल्दी हार नहीं मानी। दो गोल पीछे होने के बावजूद टीम ने शानदार वापसी की कोशिश की। 42वें मिनट में क्विनोन्स ने बेहतरीन गोल करते हुए मेक्सिको का खाता खोला और स्कोर 2-1 कर दिया। इस गोल ने मुकाबले में नई जान डाल दी और पहले हाफ के अंतिम मिनटों में दोनों टीमों के बीच तेज संघर्ष देखने को मिला। हालाँकि,पहले 45 मिनट के खेल के बाद इंग्लैंड 2-1 की बढ़त बनाए रखने में सफल रहा।
दूसरे हाफ की शुरुआत इंग्लैंड के लिए मुश्किल भरी रही। मैच शुरू होने के कुछ ही समय बाद इंग्लैंड के डिफेंडर जारेल क्वान्सा ने जीसस गैलार्डो को रोकने के प्रयास में फाउल कर दिया। रेफरी ने पहले इस घटना पर सामान्य फैसला दिया,लेकिन वीडियो असिस्टेंट रेफरी की समीक्षा के बाद क्वान्सा को सीधे रेड कार्ड दिखा दिया गया। इस फैसले के बाद इंग्लैंड को पूरे बचे हुए मुकाबले में केवल 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। विश्व कप इतिहास में रेड कार्ड पाने वाले वह चौथे इंग्लिश खिलाड़ी बन गए। एक खिलाड़ी कम होने के कारण इंग्लैंड पर दबाव काफी बढ़ गया और मेक्सिको ने इसका फायदा उठाने की पूरी कोशिश की।
इसके बावजूद इंग्लैंड ने संयम नहीं खोया। 60वें मिनट में इंग्लैंड को एक और बड़ा मौका मिला,जब मेक्सिको के गोलकीपर राउल रेंजेल ने पेनल्टी बॉक्स के भीतर एंथनी गॉर्डन को गिरा दिया। रेफरी ने तुरंत पेनल्टी का फैसला सुनाया। कप्तान हैरी केन ने इस मौके को बिना किसी गलती के गोल में बदल दिया और इंग्लैंड की बढ़त 3-1 कर दी। इस विश्व कप में यह हैरी केन का छठा गोल था,जिससे उन्होंने टूर्नामेंट में अपने शानदार फॉर्म को भी जारी रखा।
मेक्सिको ने इसके बाद फिर मुकाबले में वापसी की कोशिश की। 69वें मिनट में इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन ने ब्रायन गुटिरेज को रोकने के प्रयास में फाउल कर दिया। इस बार भी वीडियो असिस्टेंट रेफरी की मदद ली गई और मेक्सिको को पेनल्टी प्रदान की गई। अनुभवी स्ट्राइकर राउल जिमिनेज ने इस अवसर का पूरा फायदा उठाते हुए गेंद को गोल में पहुँचा दिया और स्कोर 3-2 कर दिया। इस गोल के बाद मुकाबला फिर पूरी तरह खुल गया और अंतिम 20 मिनट बेहद रोमांचक साबित हुए।
एक खिलाड़ी कम होने के बावजूद इंग्लैंड ने शानदार रक्षात्मक खेल दिखाया। मेक्सिको ने लगातार हमले किए और बराबरी का गोल करने के लिए हर संभव प्रयास किया। टीम ने कई खतरनाक मूव बनाए,लेकिन इंग्लैंड की रक्षापंक्ति मजबूती से डटी रही। जब भी मेक्सिको के खिलाड़ी गोल के करीब पहुँचे,गोलकीपर जॉर्डन पिकफोर्ड ने शानदार बचाव करते हुए अपनी टीम को संकट से बाहर निकाला। अंतिम मिनटों में उनके लगातार बेहतरीन सेव ने इंग्लैंड की जीत सुनिश्चित करने में निर्णायक भूमिका निभाई।
मैच समाप्त होने के साथ ही इंग्लैंड के खिलाड़ी जीत का जश्न मनाने लगे,जबकि मेक्सिको के खिलाड़ियों और समर्थकों के चेहरे पर निराशा साफ दिखाई दी। मेक्सिको ने पूरे मुकाबले में संघर्ष किया,लेकिन शुरुआती दो गोल और बाद में एक खिलाड़ी अधिक होने के बावजूद बराबरी का गोल नहीं कर पाने के कारण उसका विश्व कप अभियान समाप्त हो गया।
इस मुकाबले में जूड बेलिंगहम को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए सबसे अधिक सराहा गया। उन्होंने केवल दो गोल ही नहीं किए,बल्कि पूरे मैच के दौरान मिडफील्ड में शानदार नियंत्रण बनाए रखा और टीम के आक्रमण को लगातार गति दी। वहीं कप्तान हैरी केन ने भी एक बार फिर बड़े मुकाबले में अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए महत्वपूर्ण गोल किया। दूसरी ओर जॉर्डन पिकफोर्ड ने अपने शानदार गोलकीपिंग प्रदर्शन से यह साबित कर दिया कि बड़े मैचों में उनका अनुभव इंग्लैंड के लिए कितना महत्वपूर्ण है।
अब इंग्लैंड की नजरें क्वार्टर फाइनल पर टिकी हैं,जहाँ उसका सामना 12 जुलाई को नॉर्वे से होगा। नॉर्वे ने अपने पिछले मुकाबले में पाँच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। ऐसे में क्वार्टर फाइनल का यह मुकाबला भी बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है। इंग्लैंड जहाँ अपनी जीत की लय को बरकरार रखना चाहेगा,वहीं नॉर्वे अपने ऐतिहासिक अभियान को आगे बढ़ाने के इरादे से मैदान में उतरेगा। फुटबॉल प्रेमियों को अब विश्व कप के अगले दौर में एक और हाई-वोल्टेज मुकाबले का इंतजार रहेगा।
