नई दिल्ली, 6 जुलाई (युआईटीवी)- फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ 16 में फुटबॉल प्रेमियों को एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जब नॉर्वे ने पांच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील को 2-1 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में नॉर्वे के स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दोनों गोल दागे और अपनी टीम को इतिहास रचने में अहम भूमिका निभाई। इस जीत के साथ नॉर्वे ने पहली बार फीफा विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई,जबकि खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही ब्राजील की टीम का सफर अंतिम 16 में ही समाप्त हो गया।
मुकाबले की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने सतर्क रणनीति अपनाई। पहले हाफ में नॉर्वे और ब्राजील दोनों की रक्षापंक्ति बेहद मजबूत दिखाई दी,जिसके कारण किसी भी टीम को शुरुआती बढ़त नहीं मिल सकी। हालाँकि,गेंद पर नियंत्रण और आक्रमण के मामले में ब्राजील का पलड़ा भारी रहा। ब्राजील ने कई बार नॉर्वे के गोल पर दबाव बनाया और गोल करने के कई सुनहरे अवसर भी तैयार किए,लेकिन टीम के खिलाड़ी अंतिम क्षणों में उन्हें गोल में बदलने में सफल नहीं हो सके।
पहले हाफ का सबसे अहम पल तब आया जब ब्राजील के खिलाड़ी मैथियस कुन्हा को नॉर्वे के डिफेंडर क्रिस्टोफर एजर ने पेनल्टी बॉक्स के भीतर फाउल किया। वीडियो असिस्टेंट रेफरी की समीक्षा के बाद रेफरी ने ब्राजील के पक्ष में पेनल्टी का फैसला सुनाया। यह ब्राजील के लिए मैच में बढ़त हासिल करने का बेहतरीन अवसर था,लेकिन मिडफील्डर ब्रूनो गुइमारेस इस मौके का फायदा नहीं उठा सके। उनका शॉट नॉर्वे के गोलकीपर ओर्जन नायलैंड ने शानदार अंदाज में रोक दिया और अपनी टीम को बड़ा नुकसान होने से बचा लिया।
ओर्जन नायलैंड का प्रदर्शन पूरे मुकाबले में नॉर्वे की जीत की सबसे बड़ी वजहों में शामिल रहा। उन्होंने केवल पेनल्टी ही नहीं रोकी,बल्कि ग्रेबियल मार्टिनेली,विनीसियस जूनियर, रयान और ब्रूनो गुइमारेस के कई खतरनाक प्रयासों को भी नाकाम कर दिया। उनकी शानदार गोलकीपिंग के कारण ब्राजील पहले हाफ में लगातार दबाव बनाने के बावजूद गोल करने में असफल रहा। पहले 45 मिनट के खेल के बाद दोनों टीमें बिना किसी गोल के बराबरी पर रहीं।
दूसरे हाफ की शुरुआत में ब्राजील ने अपनी आक्रामक रणनीति को और मजबूत करने के उद्देश्य से कुछ बदलाव किए। युवा खिलाड़ी एंड्रिक को मैदान पर उतारा गया ताकि टीम के आक्रमण को नई धार मिल सके। मैच के 52वें मिनट में एंड्रिक के पास गोल करने का सुनहरा मौका भी आया,लेकिन वह इस अवसर का फायदा नहीं उठा सके। यह चूक बाद में ब्राजील के लिए काफी महँगी साबित हुई।
जैसे-जैसे मुकाबला आगे बढ़ा,नॉर्वे ने अपने खेल की गति बढ़ानी शुरू कर दी। टीम ने तेज जवाबी हमलों के जरिए ब्राजील के डिफेंस पर लगातार दबाव बनाया। नॉर्वे के खिलाड़ियों ने गेंद पर बेहतर नियंत्रण और सटीक पासिंग के जरिए ब्राजील की रक्षापंक्ति को कई बार परेशान किया। आखिरकार 79वें मिनट में नॉर्वे को उसकी मेहनत का फल मिला। स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड ने शानदार मूव को गोल में बदलते हुए अपनी टीम को 1-0 की महत्वपूर्ण बढ़त दिला दी। इस गोल के बाद नॉर्वे के खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और बढ़ गया,जबकि ब्राजील की टीम पर बराबरी हासिल करने का दबाव साफ दिखाई देने लगा।
ब्राजील ने मैच में वापसी की पूरी कोशिश की और लगातार आक्रमण किए,लेकिन नॉर्वे की मजबूत रक्षापंक्ति और गोलकीपर ओर्जन नायलैंड ने हर प्रयास को विफल कर दिया। इसी बीच निर्धारित समय के 90वें मिनट में एर्लिंग हालैंड ने एक बार फिर अपनी शानदार फिनिशिंग का परिचय दिया और दूसरा गोल दागकर नॉर्वे की बढ़त को 2-0 कर दिया। हालैंड के इस गोल ने लगभग तय कर दिया कि ब्राजील के लिए मुकाबले में वापसी करना बेहद मुश्किल होगा।
इंजरी टाइम में ब्राजील को पेनल्टी मिली, जिस पर अनुभवी स्टार खिलाड़ी नेमार जूनियर ने गोल करके स्कोर 2-1 जरूर कर दिया,लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अंतिम सीटी बजते ही नॉर्वे के खिलाड़ी जीत का जश्न मनाने लगे,जबकि ब्राजील के खिलाड़ियों और समर्थकों के चेहरे पर निराशा साफ दिखाई दे रही थी। पाँच बार की विश्व चैंपियन टीम का इस तरह अंतिम 16 में बाहर होना टूर्नामेंट का अब तक का सबसे बड़ा उलटफेर माना जा रहा है।
इस ऐतिहासिक जीत के साथ नॉर्वे ने पहली बार फीफा विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया है। टीम का आत्मविश्वास अब काफी ऊँचा है और वह टूर्नामेंट में आगे भी मजबूत चुनौती पेश करने के इरादे से मैदान में उतरेगी। एर्लिंग हालैंड ने अपने दो गोलों से एक बार फिर साबित कर दिया कि वह मौजूदा दौर के सबसे खतरनाक स्ट्राइकरों में से एक हैं। वहीं गोलकीपर ओर्जन नायलैंड ने भी अपने शानदार प्रदर्शन से जीत की नींव रखी और उन्हें मैच के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में गिना जा रहा है।
अब क्वार्टर फाइनल में नॉर्वे का सामना 11 जुलाई को मेक्सिको और इंग्लैंड के बीच होने वाले मुकाबले की विजेता टीम से होगा। दूसरी ओर ब्राजील के लिए यह हार बेहद निराशाजनक रही,क्योंकि टीम को खिताब का मजबूत दावेदार माना जा रहा था। विश्व कप जैसे बड़े मंच पर मिले इस झटके के बाद अब ब्राजील को अपने प्रदर्शन की समीक्षा करनी होगी,जबकि नॉर्वे अपनी ऐतिहासिक उपलब्धि को आगे बढ़ाने और पहली बार सेमीफाइनल में जगह बनाने के लक्ष्य के साथ अगले मुकाबले की तैयारी करेगा।
