नई दिल्ली,6 जुलाई (युआईटीवी)- पाँच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील के लिए फीफा विश्व कप 2026 का सफर उम्मीद से कहीं पहले समाप्त हो गया। राउंड ऑफ 16 के मुकाबले में नॉर्वे के हाथों 1-2 की हार के साथ न केवल ब्राजील का खिताबी सपना टूट गया,बल्कि विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े सितारों में शामिल नेमार जूनियर के अंतर्राष्ट्रीय करियर का भी अंत हो गया। हार के तुरंत बाद 34 वर्षीय स्टार फुटबॉलर ने घोषणा कर दी कि अब वह ब्राजील की राष्ट्रीय टीम की जर्सी में दोबारा मैदान पर नजर नहीं आएँगे। इस घोषणा के साथ ही ब्राजील फुटबॉल के एक स्वर्णिम दौर का समापन हो गया।
मुकाबले के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए नेमार काफी भावुक दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने देश के लिए हर संभव प्रयास किया,लेकिन अब उन्हें लगता है कि उनका सफर यहीं समाप्त होना चाहिए। नेमार ने कहा कि उन्होंने अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर की शुरुआत भी अमेरिका की धरती से की थी और अब उसी धरती पर अपने करियर को अलविदा कह रहे हैं। उनके इन शब्दों में वर्षों की मेहनत,संघर्ष और अपने देश के लिए खेलने का गर्व साफ झलक रहा था।
नॉर्वे के खिलाफ मुकाबले में नेमार शुरुआती एकादश का हिस्सा नहीं थे। उन्हें दूसरे हाफ में बतौर सब्स्टीट्यूट मैदान पर उतारा गया। उस समय तक ब्राजील दबाव में था और टीम बराबरी की कोशिश कर रही थी। नेमार ने मैदान पर उतरते ही आक्रमण को धार देने का प्रयास किया और इंजरी टाइम में ब्राजील के लिए एक गोल भी दागा। हालाँकि,उनका यह गोल केवल हार का अंतर कम कर सका और टीम को टूर्नामेंट से बाहर होने से नहीं बचा पाया। यही गोल उनके अंतर्राष्ट्रीय करियर का अंतिम गोल भी बन गया।
पूरे मुकाबले में ब्राजील की टीम अपने पुराने अंदाज में नजर नहीं आई। खिलाड़ियों ने कई आसान मौके गंवाए और पेनल्टी जैसे सुनहरे अवसर का भी फायदा नहीं उठा सके। दूसरी ओर नॉर्वे ने धैर्य और अनुशासन के साथ खेलते हुए शानदार प्रदर्शन किया। टीम की जीत के सबसे बड़े नायक एर्लिंग हालैंड रहे,जिन्होंने दोनों गोल दागकर अपनी टीम को क्वार्टर फाइनल में पहुँचा दिया। हालैंड ने पहला गोल 79वें मिनट में किया और फिर 90वें मिनट में दूसरा गोल कर मुकाबले पर नॉर्वे की पकड़ मजबूत कर दी। इसके बाद इंजरी टाइम में नेमार ने गोल जरूर किया,लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
नेमार के संन्यास के साथ ब्राजील फुटबॉल के इतिहास का एक बेहद महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त हो गया। उन्होंने वर्ष 2010 में राष्ट्रीय टीम के लिए पदार्पण किया था और इसके बाद लगातार डेढ़ दशक तक ब्राजील के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल रहे। अपनी शानदार तकनीक,बेहतरीन ड्रिब्लिंग,तेज रफ्तार और गोल करने की क्षमता के कारण उन्होंने दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों के दिलों में खास जगह बनाई।
ब्राजील की राष्ट्रीय टीम के लिए नेमार का रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा। उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में कुल 130 मुकाबले खेले,जिनमें 80 गोल किए और 59 गोल करने में अपने साथियों की मदद की। वह ब्राजील की ओर से सबसे अधिक अंतर्राष्ट्रीय गोल करने वाले खिलाड़ी भी बन गए। यह उपलब्धि उनके असाधारण करियर की सबसे बड़ी पहचान मानी जाती है।
नेमार ने केवल गोल करने तक ही खुद को सीमित नहीं रखा,बल्कि कई बड़े टूर्नामेंटों में ब्राजील को सफलता दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई। वर्ष 2012 के ओलंपिक खेलों में उन्होंने टीम को रजत पदक दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसके चार वर्ष बाद रियो ओलंपिक में उन्होंने कप्तान के रूप में ब्राजील का नेतृत्व किया और देश को पहला ओलंपिक स्वर्ण पदक दिलाकर इतिहास रच दिया। घरेलू सरजमीं पर मिली यह सफलता उनके करियर के सबसे यादगार पलों में शामिल रही।
वर्ष 2013 में आयोजित फीफा कन्फेडरेशन कप में भी नेमार का प्रदर्शन शानदार रहा। उस टूर्नामेंट में उन्होंने बेहतरीन खेल दिखाते हुए ब्राजील को खिताब दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उस समय उन्हें विश्व फुटबॉल का भविष्य माना जाने लगा था और उम्मीद की जा रही थी कि वह ब्राजील को एक और विश्व कप खिताब भी दिलाएँगे। हालाँकि,विश्व कप का सपना उनके पूरे करियर में अधूरा ही रह गया।
फीफा विश्व कप 2026 की शुरुआत से पहले ही नेमार की फिटनेस को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। चोटों से जूझने के कारण उनका प्रदर्शन पहले जैसा नहीं रह गया था और यह भी चर्चा थी कि यह उनका अंतिम विश्व कप हो सकता है। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले फीफा की ओर से साझा की गई एक पोस्ट पर नेमार ने ऐसा भावुक संदेश लिखा था, जिससे उनके संन्यास की अटकलें तेज हो गई थीं। अब विश्व कप से बाहर होने के तुरंत बाद उन्होंने उन अटकलों पर विराम लगा दिया।
नेमार का करियर केवल आँकड़ों तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने अपने खेल से करोड़ों लोगों को प्रेरित किया और ब्राजील की पारंपरिक आक्रामक फुटबॉल शैली को नई पहचान दी। उनकी मौजूदगी मैदान पर हमेशा विरोधी टीम के लिए चुनौती बनती थी। उन्होंने कई बार अकेले दम पर मुकाबलों का रुख बदला और कठिन परिस्थितियों में टीम को जीत दिलाई।
हालाँकि,उनके करियर में कई मुश्किल दौर भी आए। लगातार चोटों ने कई बड़े टूर्नामेंटों में उनके प्रदर्शन को प्रभावित किया। कई बार वह महत्वपूर्ण मुकाबलों से पहले चोटिल हो गए,जिससे ब्राजील की उम्मीदों को झटका लगा। इसके बावजूद उन्होंने हर बार वापसी की और अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। यही जुझारूपन उन्हें दुनिया के महान फुटबॉलरों की सूची में शामिल करता है।
नॉर्वे के खिलाफ मिली हार के बाद जब नेमार मैदान पर भावुक होकर अपने साथियों और प्रशंसकों का अभिवादन कर रहे थे,तब यह दृश्य हर फुटबॉल प्रेमी के लिए भावनात्मक था। स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनके शानदार करियर को सम्मान दिया। उनके साथी खिलाड़ियों ने भी उन्हें गले लगाकर विदाई दी।
नेमार जूनियर के अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास के साथ ब्राजील को अब नई पीढ़ी के खिलाड़ियों पर भरोसा करना होगा। वहीं फुटबॉल जगत एक ऐसे खिलाड़ी को विदाई दे रहा है,जिसने अपने शानदार कौशल,यादगार गोलों और देश के प्रति समर्पण से खेल के इतिहास में अमिट छाप छोड़ी। भले ही उनका विश्व कप जीतने का सपना अधूरा रह गया,लेकिन ब्राजील के लिए उनका योगदान हमेशा स्वर्ण अक्षरों में याद किया जाएगा।
