सुमोना चक्रवर्ती (तस्वीर क्रेडिट@np_nationpress)

एंडोमेट्रियोसिस से जंग जीतने के बाद छलका सुमोना चक्रवर्ती का दर्द, बोलीं- शरीर के ये निशान मेरी सबसे बड़ी जीत की पहचान हैं

मुंबई,6 जुलाई (युआईटीवी)- टेलीविजन की लोकप्रिय अभिनेत्री सुमोना चक्रवर्ती ने लंबे समय तक सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखने के बाद अब अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने अपनी जिंदगी के उस कठिन दौर का खुलासा किया है,जिससे वह पिछले कई वर्षों से जूझ रही थीं। अभिनेत्री ने बताया कि उन्हें एंडोमेट्रियोसिस जैसी गंभीर बीमारी के कारण सर्जरी करानी पड़ी और पिछले दो महीने उन्होंने पूरी तरह अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में बिताए। अब जब उनकी सेहत पहले से काफी बेहतर है,तो उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस बीमारी ने न सिर्फ उनके शरीर को प्रभावित किया,बल्कि मानसिक रूप से भी उन्हें काफी मजबूत बनाया। साथ ही इस पूरे सफर ने जिंदगी और सोशल मीडिया को देखने का उनका नजरिया भी पूरी तरह बदल दिया है।

सुमोना चक्रवर्ती ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए बताया कि उनकी सर्जरी चार मई को हुई थी। उन्होंने लिखा कि कई वर्षों से वह एंडोमेट्रियोसिस की समस्या से जूझ रही थीं। शुरुआत में दवाओं और अन्य चिकित्सकीय उपचारों की मदद से इस बीमारी को नियंत्रित करने की कोशिश की गई, लेकिन समय के साथ स्थिति लगातार गंभीर होती चली गई। आखिरकार डॉक्टरों ने सर्जरी कराने की सलाह दी,जिसके बाद उन्होंने ऑपरेशन कराने का फैसला लिया। अभिनेत्री ने कहा कि पिछले दो महीने उन्होंने पूरी तरह आराम करने और खुद को शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ बनाने में लगाए। अब वह पहले से कहीं बेहतर महसूस कर रही हैं और धीरे-धीरे सामान्य जीवन की ओर लौट रही हैं।

उन्होंने अपनी पोस्ट में उन डॉक्टरों और मेडिकल टीम का विशेष रूप से धन्यवाद किया, जिन्होंने इस मुश्किल समय में उनका साथ दिया। सुमोना ने लिखा कि उनके डॉक्टर और पूरी मेडिकल टीम उनके लिए किसी फरिश्ते से कम नहीं हैं। उन्होंने केवल बीमारी का इलाज ही नहीं किया,बल्कि उस दर्द और मानसिक संघर्ष को भी समझा, जिससे वह लगातार गुजर रही थीं। अभिनेत्री ने कहा कि वह जीवनभर अपने डॉक्टरों और पूरी टीम की आभारी रहेंगी,क्योंकि उनके सहयोग और देखभाल ने उन्हें इस कठिन दौर से बाहर निकलने की ताकत दी।

सुमोना चक्रवर्ती ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने यह अनुभव किसी तरह की सहानुभूति पाने के लिए साझा नहीं किया है। उनका उद्देश्य केवल अपनी कहानी बताना है ताकि इस बीमारी से जूझ रही दूसरी महिलाएँ खुद को अकेला महसूस न करें। उन्होंने कहा कि कई बार लोग किसी व्यक्ति की मुस्कुराती तस्वीरें देखकर यह मान लेते हैं कि उसकी जिंदगी पूरी तरह खुशहाल है,लेकिन हर मुस्कान के पीछे एक संघर्ष भी छिपा हो सकता है। उनके लिए भी यह समय बेहद चुनौतीपूर्ण रहा,लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और इलाज के हर चरण का सामना पूरे साहस के साथ किया।

अभिनेत्री ने बताया कि इस बीमारी और सर्जरी ने उन्हें जीवन के प्रति नया नजरिया दिया है। उन्होंने स्वीकार किया कि एक समय ऐसा भी आया,जब उन्होंने सोशल मीडिया से पूरी तरह दूर जाने का फैसला कर लिया था। उन्हें लगने लगा था कि इंस्टाग्राम,व्हाट्सएप और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म से दूरी बना लेना ही बेहतर होगा,लेकिन बाद में उन्हें महसूस हुआ कि आज के समय में सोशल मीडिया केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है,बल्कि यह काम, परिवार,दोस्तों और रोजमर्रा के जीवन से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। ऐसे में उन्होंने सोशल मीडिया छोड़ने का विचार बदल दिया।

सुमोना ने कहा कि अब वह सोशल मीडिया का उपयोग पहले की तुलना में बिल्कुल अलग तरीके से करना चाहती हैं। उनके लिए कभी भी लाइक्स,कमेंट्स या फॉलोअर्स की संख्या महत्वपूर्ण नहीं रही। अब उनकी इच्छा है कि वह एक ऐसा सकारात्मक मंच तैयार करें, जहाँ लोग खासकर महिलाएँ बिना किसी झिझक के अपनी सेहत,मानसिक स्वास्थ्य और जीवन से जुड़े अनुभव साझा कर सकें। उन्होंने कहा कि वह ऐसी कम्युनिटी बनाना चाहती हैं,जहाँ एंडोमेट्रियोसिस,पेरिमेनोपॉज,फिटनेस,यात्रा,किताबों और पालतू जानवरों जैसे विषयों पर खुलकर चर्चा हो सके। फिलहाल यह विचार शुरुआती चरण में है,लेकिन वह भविष्य में इस दिशा में गंभीरता से काम करना चाहती हैं।

अपने पोस्ट में सुमोना ने सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि अक्सर उनकी तस्वीरों पर शरीर को लेकर अभद्र टिप्पणियाँ की जाती हैं। अभिनेत्री ने कहा कि ऐसे कमेंट्स करने वालों में ज्यादातर पुरुष होते हैं,जो बिना किसी संवेदनशीलता के किसी महिला के शरीर को लेकर टिप्पणी कर देते हैं। हालाँकि,उन्होंने यह भी कहा कि सकारात्मक सोच रखने वाले लोग भी बड़ी संख्या में मौजूद हैं। ऐसे लोग अक्सर चुपचाप उनकी पोस्ट पढ़ते हैं,उन्हें पसंद करते हैं या फिर निजी संदेश भेजकर उनका हौसला बढ़ाते हैं।

सुमोना ने कहा कि एक अभिनेत्री होने के नाते वह जानती हैं कि सार्वजनिक जीवन में आलोचना और ट्रोलिंग उनके पेशे का हिस्सा है। इसके बावजूद वह हमेशा अपनी निजी जिंदगी को निजी ही रखना पसंद करती हैं। उनका मानना है कि हर व्यक्ति को अपनी निजी सीमाओं का सम्मान करने का अधिकार है। हालाँकि,यदि उनके जीवन का कोई अनुभव किसी दूसरे व्यक्ति की मदद कर सकता है,तो उसे साझा करने में उन्हें कोई संकोच नहीं है। उन्होंने कहा कि एंडोमेट्रियोसिस से जुड़ी उनकी लड़ाई यदि किसी महिला को समय रहते इलाज कराने या मानसिक रूप से मजबूत बने रहने की प्रेरणा देती है,तो यह उनके लिए सबसे बड़ी खुशी होगी।

अभिनेत्री ने सर्जरी के बाद अपने शरीर पर पड़े निशानों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन के बाद उनके पेट पर तीन स्थायी निशान रह गए हैं। शुरुआत में इन निशानों को देखकर उनका मन कई बार उदास हो जाता था। उन्हें लगता था कि उनका शरीर पहले जैसा नहीं रहा,लेकिन समय के साथ उन्होंने इन निशानों को अलग नजरिए से देखना शुरू किया। अब उन्हें महसूस होता है कि ये निशान किसी कमजोरी के नहीं,बल्कि उनकी ताकत और संघर्ष की पहचान हैं। ये उन्हें हर दिन याद दिलाते हैं कि उन्होंने जिंदगी की एक बड़ी लड़ाई जीत ली है।

सुमोना चक्रवर्ती ने उम्र बढ़ने को लेकर भी अपनी सोच साझा की। उन्होंने कहा कि बढ़ती उम्र से डरने की बजाय उसका सम्मान करना चाहिए। उम्र के साथ केवल चेहरे पर बदलाव नहीं आते,बल्कि अनुभव,समझ,धैर्य और जीवन के प्रति आभार भी बढ़ता है। उन्होंने कहा कि जीवन का हर पड़ाव हमें कुछ नया सिखाता है और हर संघर्ष इंसान को पहले से ज्यादा मजबूत बनाता है।

एंडोमेट्रियोसिस एक ऐसी बीमारी है,जिसके बारे में आज भी बहुत कम लोग खुलकर बात करते हैं। इस बीमारी में गर्भाशय की अंदरूनी परत जैसी कोशिकाएँ शरीर के अन्य हिस्सों में विकसित होने लगती हैं,जिससे असहनीय दर्द,अत्यधिक रक्तस्राव और कई अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ पैदा हो सकती हैं। कई महिलाओं को वर्षों तक इसका सही निदान नहीं मिल पाता,जिससे उनकी परेशानी और बढ़ जाती है। ऐसे में किसी प्रसिद्ध अभिनेत्री का अपने अनुभव को सार्वजनिक रूप से साझा करना इस बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सुमोना की पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। उनके प्रशंसक,टीवी जगत के कलाकार और कई अन्य लोग उनके साहस की सराहना कर रहे हैं। लोग उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं और यह भी कह रहे हैं कि उन्होंने अपनी निजी लड़ाई को साझा करके उन हजारों महिलाओं को हिम्मत दी है,जो इसी तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से गुजर रही हैं,लेकिन खुलकर अपनी बात नहीं कह पातीं।

सुमोना चक्रवर्ती का यह खुलासा केवल उनकी व्यक्तिगत कहानी नहीं है,बल्कि यह उन महिलाओं की आवाज भी है,जो लंबे समय तक दर्द सहने के बावजूद चुप रहती हैं। अभिनेत्री ने अपने अनुभव के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की है कि किसी भी बीमारी को छिपाने के बजाय समय पर इलाज कराना और उसके बारे में खुलकर बात करना जरूरी है। साथ ही उन्होंने यह भी दिखाया कि जीवन में आने वाली मुश्किलें चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हों,सकारात्मक सोच,सही इलाज और आत्मविश्वास के दम पर उनसे बाहर निकला जा सकता है। यही कारण है कि उनकी यह भावुक कहानी अब केवल एक अभिनेत्री की निजी यात्रा नहीं,बल्कि संघर्ष,साहस और उम्मीद की प्रेरक मिसाल बन गई है।