जकार्ता,7 जुलाई (युआईटीवी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनकी इंडोनेशिया यात्रा के दौरान देश के सर्वोच्च नागरिक और सैन्य सम्मान ‘बिन्तांग अदिपुर्ना ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया’ से सम्मानित किया गया। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रधानमंत्री मोदी को दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने,क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने और वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती भूमिका के सम्मान में प्रदान किया। इस सम्मान के साथ प्रधानमंत्री मोदी उन चुनिंदा विश्व नेताओं में शामिल हो गए हैं,जिन्हें इंडोनेशिया का सर्वोच्च अलंकरण प्राप्त हुआ है। इससे पहले भी दुनिया के 25 से अधिक देश प्रधानमंत्री मोदी को अपने सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित कर चुके हैं,जो वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा और कूटनीतिक प्रभाव का संकेत माना जा रहा है।
इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में आयोजित विशेष समारोह में राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह सम्मान प्रदान किया। समारोह के दौरान दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी और आत्मीयता भी देखने को मिली। सम्मान ग्रहण करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने इसे भारत के 140 करोड़ नागरिकों के सम्मान के रूप में देखा और दोनों देशों के बीच गहरी मित्रता का प्रतीक बताया। इस अवसर पर दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी,मंत्री और प्रतिनिधिमंडल के सदस्य भी मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा केवल सम्मान प्राप्त करने तक सीमित नहीं रही,बल्कि भारत और इंडोनेशिया के संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में भी कई महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ लेकर आई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता में दोनों नेताओं ने ऊर्जा,व्यापार,रक्षा,समुद्री सुरक्षा,डिजिटल अर्थव्यवस्था और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग को नई गति देने पर विस्तार से चर्चा की। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत और इंडोनेशिया की साझेदारी हिंद-प्रशांत क्षेत्र की स्थिरता और समृद्धि के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
बैठक के दौरान रक्षा और समुद्री सहयोग को विशेष प्राथमिकता दी गई। दोनों नेताओं ने समुद्री सुरक्षा,नौवहन मार्गों की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए आपसी सहयोग को और मजबूत बनाने पर बल दिया। इसके साथ ही महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ करने, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और डिजिटल अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में नई संभावनाओं को विकसित करने पर भी सकारात्मक चर्चा हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि इन क्षेत्रों में बढ़ता सहयोग दोनों देशों की आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देगा।
द्विपक्षीय बैठक में मई 2018 में स्थापित भारत-इंडोनेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत अब तक हुई प्रगति की भी समीक्षा की गई। दोनों नेताओं ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि पिछले कुछ वर्षों में व्यापार,निवेश,रक्षा सहयोग,शिक्षा,स्वास्थ्य और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे अनेक क्षेत्रों में संबंध लगातार मजबूत हुए हैं। साथ ही उन्होंने भविष्य में इन संबंधों को और व्यापक बनाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति भवन इस्ताना मर्डेका में औपचारिक स्वागत समारोह आयोजित किया गया। राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने प्रोटोकॉल के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे का आत्मीय अभिवादन किया और इसके बाद औपचारिक कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इस अवसर पर दोनों देशों के राष्ट्रगान भी बजाए गए और प्रधानमंत्री मोदी को औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया।
स्वागत समारोह के दौरान भारत और इंडोनेशिया के बीच कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों और द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों का उद्देश्य रक्षा,व्यापार, तकनीक,स्वास्थ्य,समुद्री सहयोग और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में साझेदारी को और अधिक मजबूत बनाना है। दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि आपसी सहयोग का दायरा लगातार बढ़ाया जाएगा,ताकि दोनों देशों के नागरिकों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जकार्ता में मिले विशेष स्वागत की झलक भी सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा की। उन्होंने स्वागत समारोह का एक वीडियो साझा करते हुए लिखा कि जकार्ता में मिला यह आत्मीय स्वागत बेहद विशेष रहा और वह राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ होने वाली महत्वपूर्ण वार्ता को लेकर उत्साहित हैं। प्रधानमंत्री के इस संदेश को बड़ी संख्या में लोगों ने सराहा और दोनों देशों के बीच बढ़ती मित्रता की प्रशंसा की।
प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दूसरे दिन का एक भावनात्मक दृश्य भी चर्चा का विषय बना। उनके स्वागत के लिए बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे भारत और इंडोनेशिया के राष्ट्रीय ध्वज हाथों में लेकर सड़क किनारे खड़े दिखाई दिए। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने वाहन से उतरकर बच्चों के पास पहुँचकर उनका अभिवादन स्वीकार किया और हाथ हिलाकर उनका उत्साह बढ़ाया। इस आत्मीय पल ने वहाँ मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया और दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक निकटता की झलक भी दिखाई।
राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने कार्यक्रम स्थल पर पहुँचने पर प्रधानमंत्री मोदी को गले लगाकर उनका स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच दिखाई गई आत्मीयता ने यह संकेत दिया कि भारत और इंडोनेशिया के संबंध केवल औपचारिक कूटनीतिक दायरे तक सीमित नहीं हैं,बल्कि उनमें आपसी विश्वास और मित्रता की मजबूत नींव भी मौजूद है।
इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया के वरिष्ठ अधिकारियों और मंत्रियों से मुलाकात की। दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से भी मुलाकात की और उनसे हाथ मिलाकर उनका स्वागत किया। इस दौरान दोनों पक्षों ने भविष्य में नियमित संवाद और उच्च स्तरीय संपर्क बनाए रखने पर भी सहमति व्यक्त की।
प्रधानमंत्री मोदी ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति भवन इस्ताना मर्डेका में स्थित विजिटर बुक पर अपने हस्ताक्षर भी किए। इस अवसर पर राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो उनके साथ मौजूद रहे। विजिटर बुक में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और इंडोनेशिया के बीच ऐतिहासिक संबंधों, साझा सांस्कृतिक विरासत और भविष्य में सहयोग को नई ऊँचाइयों तक ले जाने की अपनी प्रतिबद्धता का उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिला ‘बिन्तांग अदिपुर्ना ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया’ सम्मान ऐसे समय में आया है,जब भारत और इंडोनेशिया के बीच रणनीतिक, आर्थिक और रक्षा सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। इससे पहले सेशेल्स की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को वहाँ के सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान ‘गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ से भी सम्मानित किया गया था। पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न देशों द्वारा दिए गए सर्वोच्च सम्मानों की लंबी सूची में इंडोनेशिया का यह सम्मान एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में जुड़ गया है।
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा इस बात का संकेत भी है कि भारत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपने मित्र देशों के साथ संबंधों को और मजबूत बनाने की नीति पर लगातार आगे बढ़ रहा है। इंडोनेशिया के साथ हुए समझौते,उच्च स्तरीय वार्ता और सर्वोच्च सम्मान से स्पष्ट है कि दोनों देश आने वाले समय में रक्षा,व्यापार,समुद्री सुरक्षा,डिजिटल अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय सहयोग के क्षेत्र में मिलकर नई संभावनाओं को आकार देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
