पटना,11 जुलाई (युआईटीवी)- बिहार की राजनीति में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने अपने पहले घोषित उम्मीदवार को बदलते हुए नीरज कुमार सिन्हा को पार्टी का नया अधिकृत प्रत्याशी बनाया है। उम्मीदवार घोषित होने के बाद नीरज कुमार सिन्हा ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी से मुलाकात की। इस दौरान बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी भी मौजूद रहे। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने नीरज कुमार सिन्हा को आगामी उपचुनाव के लिए शुभकामनाएँ दीं और उनकी जीत का विश्वास व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा करते हुए नीरज कुमार सिन्हा को पार्टी का अधिकृत उम्मीदवार बताते हुए उन्हें हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि पटना स्थित लोकसेवक आवास में प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के साथ बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा से मुलाकात हुई और उन्हें चुनाव के लिए बधाई तथा शुभकामनाएँ दी गईं।
उधर,बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी के साथ बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के एनडीए समर्थित भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा ने मुलाकात की। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर दोनों वरिष्ठ नेताओं ने उम्मीदवार को विजयश्री की अग्रिम शुभकामनाएँ देते हुए पूरे उत्साह के साथ चुनाव मैदान में उतरने के लिए प्रेरित किया।
भाजपा द्वारा उम्मीदवार बदलने का फैसला राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है। दरअसल,पार्टी ने कुछ दिन पहले ही अभिषेक कुमार सिन्हा को बांकीपुर विधानसभा सीट से अपना उम्मीदवार घोषित किया था। उम्मीदवार घोषित होने के बाद अभिषेक कुमार सिन्हा ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना नामांकन पत्र भी दाखिल कर दिया था। माना जा रहा था कि वही भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगे,लेकिन घटनाक्रम ने अचानक नया मोड़ ले लिया।
शुक्रवार को अभिषेक कुमार सिन्हा ने चुनाव लड़ने से इनकार करते हुए अपना निर्णय सार्वजनिक कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि निजी और पारिवारिक कारणों के चलते वह उपचुनाव नहीं लड़ पाएँगे। इस घोषणा के बाद भाजपा नेतृत्व ने तत्काल स्थिति की समीक्षा की और नए उम्मीदवार के चयन की प्रक्रिया शुरू की। इसके बाद पार्टी ने नीरज कुमार सिन्हा को अपना नया अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया।
पटना में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान अभिषेक कुमार सिन्हा ने अपने निर्णय की जानकारी देते हुए कहा कि उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी को पत्र सौंप दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन पर भरोसा जताते हुए बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का उम्मीदवार बनाया था,जिसके लिए वह केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व के प्रति आभारी हैं। हालाँकि,पारिवारिक परिस्थितियों के कारण वह चुनाव नहीं लड़ पा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह आगे भी भारतीय जनता पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता के रूप में पूरी निष्ठा के साथ संगठन की सेवा करते रहेंगे।
अभिषेक कुमार सिन्हा के चुनाव मैदान से हटने के बाद भाजपा ने बिना अधिक समय गंवाए नए उम्मीदवार की घोषणा कर दी। पार्टी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि चुनावी अभियान में किसी प्रकार की अनिश्चितता या भ्रम की स्थिति न बने। नीरज कुमार सिन्हा के नाम की घोषणा के साथ ही भाजपा ने चुनावी तैयारियों को और तेज कर दिया है।
बांकीपुर विधानसभा सीट बिहार की महत्वपूर्ण शहरी सीटों में गिनी जाती है और लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है। यह सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई थी। उनके पद छोड़ने के कारण यहां उपचुनाव कराया जा रहा है। इस सीट का राजनीतिक महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि राजधानी पटना के प्रमुख हिस्से को प्रतिनिधित्व देने वाली यह सीट राज्य की राजनीति में विशेष प्रभाव रखती है।
अब भाजपा की पूरी कोशिश होगी कि इस सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा जाए। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी,उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी की मौजूदगी में नीरज कुमार सिन्हा से हुई मुलाकात को भी पार्टी की एकजुटता और चुनाव को लेकर गंभीरता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। वरिष्ठ नेताओं ने उम्मीदवार के साथ बैठक कर चुनावी रणनीति और आगामी प्रचार अभियान पर भी चर्चा की।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उम्मीदवार बदलने के बावजूद भाजपा इस उपचुनाव में पूरी ताकत के साथ उतरना चाहती है। पार्टी यह संदेश देना चाहती है कि संगठन किसी एक व्यक्ति पर नहीं,बल्कि सामूहिक नेतृत्व और कार्यकर्ताओं की शक्ति पर विश्वास करता है। यही कारण है कि उम्मीदवार बदलने के तुरंत बाद शीर्ष नेतृत्व ने नए प्रत्याशी के साथ सार्वजनिक रूप से मुलाकात कर उन्हें अपना पूरा समर्थन देने का संकेत दिया।
चुनाव आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदान 30 जुलाई को कराया जाएगा। मतगणना 3 अगस्त को होगी और उसी दिन परिणाम घोषित किए जाएँगे। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 13 जुलाई निर्धारित की गई है। ऐसे में सभी राजनीतिक दलों के पास चुनाव प्रचार के लिए सीमित समय बचा है और इसी वजह से चुनावी गतिविधियाँ तेजी से बढ़ने लगी हैं।
बांकीपुर उपचुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियाँ तेज कर दी हैं। भाजपा जहाँ नए उम्मीदवार के साथ चुनावी अभियान को गति देने में जुट गई है,वहीं विपक्ष भी इस सीट पर अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में लगा हुआ है। राजधानी पटना की इस प्रतिष्ठित सीट पर होने वाला मुकाबला केवल एक विधानसभा क्षेत्र तक सीमित नहीं माना जा रहा,बल्कि इसे राज्य की राजनीतिक दिशा और प्रमुख दलों की संगठनात्मक क्षमता की भी परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है।
फिलहाल भाजपा ने उम्मीदवार परिवर्तन के बाद चुनावी अभियान को नई ऊर्जा देने की कोशिश शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी,उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी का नीरज कुमार सिन्हा के साथ सार्वजनिक रूप से खड़ा होना यह संकेत देता है कि पार्टी इस उपचुनाव को पूरी गंभीरता के साथ लड़ने जा रही है और बांकीपुर सीट पर अपनी जीत का सिलसिला कायम रखने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी।
