लॉर्ड्स टेस्ट में भारत का दबदबा (तस्वीर क्रेडिट@rashtra_press)

लॉर्ड्स टेस्ट के पहले दिन भारत का दबदबा, स्मृति मंधाना, हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा की शानदार पारियों के बाद इंग्लैंड को शुरुआती झटका

लंदन,11 जुलाई (युआईटीवी)- भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच के पहले दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए मुकाबले पर अपनी मजबूत पकड़ बना ली है। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने पहली पारी में 285 रन बनाए और इसके बाद दिन का खेल समाप्त होने से पहले इंग्लैंड को शुरुआती झटका देकर अपनी स्थिति और मजबूत कर ली। पहले दिन का खेल खत्म होने तक इंग्लैंड ने पहली पारी में एक विकेट के नुकसान पर 21 रन बनाए हैं और वह भारत के स्कोर से अभी भी 264 रन पीछे है। भारतीय गेंदबाजों ने दिन के अंतिम सत्र में जिस तरह से अनुशासित गेंदबाजी की,उससे मेजबान टीम पर दबाव साफ दिखाई दिया।

दिन का सबसे बड़ा आकर्षण भारतीय बल्लेबाजों का संघर्षपूर्ण प्रदर्शन रहा। शुरुआती झटकों के बावजूद टीम ने संयम बनाए रखा और मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने जिम्मेदारी के साथ खेलते हुए सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया। स्मृति मंधाना,कप्तान हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा की अर्धशतकीय पारियों ने भारतीय पारी को मजबूती प्रदान की। हालाँकि,अंतिम चरण में लगातार विकेट गिरने के कारण भारत 300 रन के आँकड़े तक नहीं पहुँच सका,लेकिन 285 रन का स्कोर चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।

टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत उम्मीद के अनुरूप नहीं रही। सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा बिना खाता खोले ही पवेलियन लौट गईं। इंग्लैंड की गेंदबाजों ने नई गेंद से सटीक लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करते हुए भारतीय बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। शुरुआती झटके के बाद तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आईं यास्तिका भाटिया भी बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं रहीं। उन्होंने 12 रन बनाए और लॉरेन बेल की गेंद पर अपना विकेट गंवा बैठीं। शुरुआती दो विकेट जल्दी गिरने से भारतीय टीम दबाव में आ गई थी।

ऐसे मुश्किल समय में स्मृति मंधाना और जेमिमा रोड्रिग्स ने भारतीय पारी को सँभालने का जिम्मा उठाया। दोनों बल्लेबाजों ने सकारात्मक सोच के साथ बल्लेबाजी करते हुए तीसरे विकेट के लिए 72 गेंदों में 64 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। जेमिमा रोड्रिग्स ने तेज गति से रन बनाए और इंग्लैंड की गेंदबाजी पर दबाव बनाने की कोशिश की। उन्होंने 38 गेंदों में पाँच चौकों की मदद से 35 रन बनाए। हालाँकि,अच्छी शुरुआत मिलने के बावजूद वह बड़ी पारी में इसे नहीं बदल सकीं और अपना विकेट गंवा बैठीं।

जेमिमा के आउट होने के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतरीं। उन्होंने स्मृति मंधाना के साथ मिलकर भारतीय पारी को मजबूती प्रदान की। दोनों खिलाड़ियों ने चौथे विकेट के लिए 155 गेंदों में 89 रन की साझेदारी की और टीम को संकट से बाहर निकाला। इस दौरान स्मृति मंधाना बेहद आत्मविश्वास से बल्लेबाजी करती नजर आईं। उन्होंने मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाए और इंग्लैंड की गेंदबाजों को लगातार दबाव में रखा।

स्मृति मंधाना अपने शतक के करीब पहुँचती दिखाई दे रही थीं,लेकिन वह 108 गेंदों में 83 रन बनाकर आउट हो गईं। उनकी पारी में 11 चौके और एक शानदार छक्का शामिल रहा। उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से साबित किया कि टेस्ट क्रिकेट में धैर्य और आक्रामकता का संतुलन किस तरह बनाया जाता है। हालाँकि,वह शतक से चूक गईं,लेकिन उनकी यह पारी भारतीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई।

दूसरी ओर कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी करते हुए 58 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। उन्होंने परिस्थितियों के अनुसार खेलते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई। हरमनप्रीत ने अनुभव का पूरा इस्तेमाल किया और साझेदारी बनाकर इंग्लैंड की गेंदबाजी आक्रमण को लंबे समय तक सफलता से दूर रखा।

मध्यक्रम में दीप्ति शर्मा ने भी बेहतरीन बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ उपयोगी साझेदारियाँ निभाईं और भारतीय पारी को सम्मानजनक स्कोर तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। दीप्ति ने 87 गेंदों में सात चौकों की मदद से 57 रन बनाए। उनकी संयमित बल्लेबाजी ने टीम को अतिरिक्त मजबूती दी और यह सुनिश्चित किया कि भारत प्रतिस्पर्धी स्कोर तक पहुंच सके।

हालाँकि,स्मृति मंधाना के आउट होने के बाद भारतीय पारी अचानक लड़खड़ा गई। मध्य और निचले क्रम के बल्लेबाज बड़ी साझेदारियाँ नहीं बना सके। ऋचा घोष केवल 13 रन बनाकर आउट हो गईं,जबकि स्नेह राणा भी 13 रन ही बना सकीं। आखिरी छह विकेट केवल 95 रन के भीतर गिर गए,जिसके कारण भारत का स्कोर 300 रन के पार नहीं पहुँच पाया। यदि अंतिम बल्लेबाज कुछ और देर टिकते,तो भारत पहली पारी में और मजबूत स्थिति में पहुँच सकता था।

इंग्लैंड की ओर से गेंदबाजी में सोफी एक्लेस्टोन सबसे सफल गेंदबाज रहीं। उन्होंने शानदार नियंत्रण के साथ गेंदबाजी करते हुए 68 रन देकर तीन महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए। उनकी गेंदबाजी ने भारतीय बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का अवसर नहीं दिया। इस्सी वोंग और मैडी विलियर्स ने भी दो-दो विकेट लेकर मेजबान टीम की वापसी में योगदान दिया। लॉरेन बेल को एक सफलता मिली और उन्होंने नई गेंद से प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

भारतीय गेंदबाजों ने भी पहले दिन का अंत शानदार अंदाज में किया। इंग्लैंड की सलामी बल्लेबाज टैमी ब्यूमोंट को तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने केवल दो रन के निजी स्कोर पर पवेलियन भेज दिया। यह विकेट भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ,क्योंकि इससे इंग्लैंड पर शुरुआती दबाव बन गया। क्रांति गौड़ ने अपनी सटीक गेंदबाजी से यह संकेत दिया कि भारतीय तेज आक्रमण इस पिच पर प्रभावी साबित हो सकता है।

दिन का खेल समाप्त होने तक हीथर नाइट एक रन बनाकर और मैया बाउचियर 17 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थीं। इंग्लैंड ने एक विकेट खोकर 21 रन बना लिए हैं,लेकिन अभी उसे भारत के पहली पारी के स्कोर तक पहुंचने के लिए लंबा सफर तय करना है। भारतीय गेंदबाज दूसरे दिन भी इसी लय को बरकरार रखते हुए इंग्लैंड को कम स्कोर पर समेटने की कोशिश करेंगे।

पहले दिन के खेल के बाद मुकाबला पूरी तरह संतुलित दिखाई दे रहा है, लेकिन शुरुआती बढ़त भारतीय टीम के पक्ष में है। बल्लेबाजों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में 285 रन का प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया और गेंदबाजों ने दिन का समापन इंग्लैंड का एक अहम विकेट लेकर किया। अब दूसरे दिन भारत की कोशिश होगी कि वह इंग्लैंड को जल्द-से-जल्द समेटकर पहली पारी में महत्वपूर्ण बढ़त हासिल करे। वहीं इंग्लैंड की टीम हीथर नाइट और मैया बाउचियर की साझेदारी के दम पर मैच में वापसी करने का प्रयास करेगी। लॉर्ड्स में खेला जा रहा यह एकमात्र टेस्ट पहले ही दिन रोमांचक मोड़ पर पहुँच गया है और आगे के खेल में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिलने की पूरी संभावना है।